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बाढ़ प्रभावित 356 परिवारों को बांटी गई राहत किट

बाढ़ प्रभावित परिवारों को 356 राहत किट का वितरण

गाजीपुर। उपजिलाधिकारी सदर विनोद जोशी ने अवगत कराया है कि तहसील सदर,जनपद में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के क्रम में 05 सितंबर 2026 को दीनापुर बाढ़ शरणालय में राहत सामग्री वितरण कार्यकम किया गया।

कार्यक्रम में ग्राम महबलपुर व मकसूदनपाह के बाढ़ प्रभावित परिवारों को कुल 356 बाढ़ राहत किट वितरित की गई। राहत किट का वितरण ओम प्रकाश राय, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, द्वारा किया गया।

इस अवसर पर विनोद जोशी, उपजिलाधिकारी सदर, राजीव यादव, तहसीलदार सदर मौके पर उपस्थित रहे।

अधिकारियों द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति एवं राहत व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। संबंधित कर्मचारियों को प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते रहने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा प्रभावित लोगों को आवश्यकतानुसार राहत एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

शिक्षक दिवस पर 400 शिक्षकों को मिला चयन वेतनमान का तोहफा,उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान

शिक्षक दिवस पर 400 शिक्षकों को चयन वेतनमान का तोहफा, उत्कृष्ट शिक्षक हुए सम्मानित


 
गाजीपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर जनपद में शिक्षकों के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जनपद गोरखपुर से राज्य पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों के सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण उपस्थित अधिकारियों एवं शिक्षकों द्वारा देखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से चयनित उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि सरिता अग्रवाल ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।  उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उनका उत्कृष्ट कार्य अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभाग द्वारा शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि चयन वेतनमान के लंबित आवेदनों का नियमानुसार निस्तारण करते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर लगभग 400 शिक्षकों के चयन वेतनमान संबंधी आदेश निर्गत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के हित में यह महत्वपूर्ण कार्य करते हुए उन्हें विशेष प्रसन्नता एवं संतोष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि विभाग शिक्षकों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने तथा उनके लंबित सेवा संबंधी प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान करते हुए उनके योगदान की सराहना की गई। शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम, रीजनल मैनेजर, सह जिला विद्यालय निरीक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी सदर, जिला समन्वयक अनुपम गुप्ता, सर्वजीत यादव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन डॉ दुर्गेश प्रताप सिंह द्वारा किया गया।

नवोदय विद्यालय पहुंचे डीएम,छात्रों से संवाद कर जाना हाल;खुद लाइन में लगकर किया भोजन

गाजीपुर।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, प्रयोगशालाओं एवं भोजनालय का जायजा लिया।विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।

इस दौरान जिलाधिकारी ने कक्षा 12 में अध्यापक द्वारा पढ़ाए जा रहे गणित के प्रश्न को उपस्थित विद्यार्थियों द्वारा ब्लैक बोर्ड पर हल कराकर विद्यार्थियों की समझ एवं विषय के प्रति उनकी पकड़ को परखा। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि आप सभी को आगे की पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है तथा ऐसा कार्य करना है जिससे अपने परिवार के साथ-साथ देश और जनपद का भी नाम गौरवान्वित हो।

जिलाधिकारी ने विद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं एवं सुझावों को जानने के लिए शिकायत एवं सुझाव बॉक्स लगाए जाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थी अपनी समस्याओं को आसानी से विद्यालय प्रशासन तक पहुंचा सकें।

इस दौरान जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को संत रविदास जी के जीवन एवं उनके विचारों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। विद्यार्थियों को उनके जीवन और कृतित्व के बारे में अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।

जिलाधिकारी ने रसायन विज्ञान प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। प्रयोगशाला में उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए स्थापित एटीएल प्रयोगशाला का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने बालिका छात्रावास का निरीक्षण करते हुए छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, सुविधाओं तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली और पूछा कि वे आगे चलकर क्या बनना चाहती हैं। जिलाधिकारी ने छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत एवं लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं से छात्रावास में किसी प्रकार की समस्या होने के संबंध में भी जानकारी ली, जिस पर छात्राओं ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने बालिका भोजनालय का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भोजनालय में एसी लगाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के साथ लाइन में लगकर स्वयं भोजन लेकर छात्राओं के साथ भोजन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सहजता से वार्तालाप करते हुए उनकी पढ़ाई एवं अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के लिए यदि किसी अन्य सामग्री अथवा सुविधा की आवश्यकता हो तो वे विद्यालय प्रशासन के माध्यम से अवगत कराएं।

जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता को भी परखा तथा विद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल एवं समस्त अध्यापक के साथ-साथ विद्यालय के सभी स्टाफ, छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

बाढ़ की आहट पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सेमरा-शेरपुर में उतरीं मेडिकल टीमें; 583 मरीजों का हुआ इलाज

बाढ़ की आहट पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सेमरा-शेरपुर में उतरीं मेडिकल टीमें; 583 मरीजों का हुआ इलाज

बाढ़ की आहट के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सेमरा-शेरपुर में पहुंची मेडिकल टीमें, 583 मरीजों का उपचार

गाजीपुर(मुहम्मदाबाद)। गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद की स्वास्थ्य टीमों ने संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अधीक्षक डॉ. आशीष राय के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने सेमरा एवं शेरपुर सहित संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी देने के साथ उपचार और आवश्यक दवाओं का वितरण किया।

स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान होने वाली मौसमी बीमारियों, बुखार, सर्दी-जुकाम, त्वचा संबंधी समस्याओं और संक्रमण से बचाव के उपाय बताए। लोगों को साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए दो मोबाइल टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं, जबकि तीन टीमें स्टेटिक रूप से तैनात रहकर मरीजों की जांच और उपचार में जुटी हैं। विभाग का प्रयास है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर भी ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य टीमों द्वारा गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच के साथ हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद से जोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय से बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आज कुल 583 मरीजों का चिकित्सकीय उपचार किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों की यह सक्रियता बाढ़ की संभावित चुनौती के बीच ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का संदेश दे रही है।

अभियान में डॉ. असगर अली, जितेंद्र यादव (फार्मासिस्ट), वैभव कुमार (एआरओ), राजकुमार, एएनएम अर्चना बाला, सुनीता, सरोज, आशा संगिनी निर्मला राय, नंदनी राय एवं आशा पूनम सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डीएम और एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

डीएम और एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

गाजीपुर।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा द्वारा तहसील सेवराई क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेते हुए विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा नरवा घाट का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाट पर पर्याप्त संख्या में नाव एवं लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही घाट की सीढ़ियों के नीचे बांस की जाली लगाई जाए, ताकि कोई व्यक्ति तेज बहाव वाले क्षेत्र में न जा सके और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
इसके पश्चात जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्राम पंचायत बिरऊपुर एवं हसनपुरा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। आवश्यक दवाओं का वितरण भी कराया जा रहा है। साथ ही पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था कर गांवों में उपलब्ध कराया गया है, ताकि बाढ़ के दौरान पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे तेज बहाव वाले पानी के पास न जाएं तथा अपने बच्चों को भी पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें। सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है और आवश्यकता के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम, सेवराई, तहसीलदार, सेवराई अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने किया आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो,वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण,गाजीपुर में राज्यसभा सांसद ने लाभार्थियों को वितरित किया डेमो चेक 

लोक भवन से मुख्यमंत्री ने किया आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण, गाजीपुर में देखा गया सजीव प्रसारण

गाजीपुर।उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के अंतर्गत सम्पूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के एकीकृत डिजिटल समाधान के लिए लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर-कमलों द्वारा लोक भवन, लखनऊ से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों के बढ़े हुए मानदेय की घोषणा करते हुए आउटसोर्स निगम की गाइड लाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानव संसाधन की बेहतर प्लानिंग की जा सके, इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती योग्यता और मेरिट के आधार पर होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप की जाएगी। रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, अटेंडेंस, सैलरी, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल मैनेजमेंट एवं डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, अटेंडेंस, पेमेंट और वेतन से होने वाली कटौती आदि की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेगा। इसी व्यवस्था के माध्यम से वह अपना ग्रीवांस या शिकायत भी दर्ज करा सकेगा, शिकायत का स्टेटस देख सकेगा।निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में महीने के 5 तारीख तक जाएगा। कोई आउटसोर्सिंग कंपनी या एजेंसी कर्मचारी के वेतन से अनावश्यक कटौती नहीं कर सकेगी। आउटसोर्सिंग कंपनी को सरकार अलग से उसका सेवा शुल्क देगी।कर्मचारी के वेतन से किसी प्रकार की सर्विस चार्ज की कटौती नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी की भविष्य निधि का पैसा उसके नाम पर सुरक्षित रहेगा। सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद यह राशि उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और पूंजी के रूप में उपयोगी होगी। इसी प्रकार ई0एस0आई0 के माध्यम से कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि ई0एस0आई0 अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इसे आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कर्मचारी और उसके परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी कर्मचारी के साथ किसी भी प्रकार का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी आउटसोर्सिंग कंपनी को किसी कर्मचारी को मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी कर्मचारी को हटाने की आवश्यकता होती है तो पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार मामले की जांच करेगी और यदि कर्मचारी के विरुद्ध की गई शिकायत या रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। किसी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम द्वारा स्टेट बैंक के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में जाएगा। निर्धारित वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन के आधार पर दुर्घटना बीमा का कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40-50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि अग्निकांड की स्थिति में बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की व्यवस्था तथा आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की आवश्यकता होने पर 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने ने कहा कि जीवन में किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में भी सरकार और यह व्यवस्था कर्मचारी के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। पुत्र की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये तक, पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक तथा दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। दुर्भाग्यवश किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को बैंक के माध्यम से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जीरो बैलेंस पर खाता खोलने की सुविधा तथा बैंक खाते के माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विशेष योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स वर्कफोर्स को एक संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक वर्कफोर्स में बदलने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को एक बोझ मानती थीं। यही कारण था कि उस समय की अधिकांश आउटसोर्स कंपनियों में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ पहुंचाया जाता था। भर्ती के नाम पर, यूनिफॉर्म के नाम पर और अन्य कार्यों के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जाता था। इस शोषण को रोकने का कार्य डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ नहीं माना, बल्कि प्रदेश के मानव संसाधन के रूप में उन्हें प्रदेश की संपत्ति माना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन एक चीज हमारे लिए कभी नहीं बदलेगी और वह है मानव श्रम का सम्मान। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि टेक्नोलॉजी जितनी आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना ही अधिक मानवीय होना पड़ेगा। केवल टेक्नोलॉजी पर आधारित व्यवस्था पर्याप्त नहीं हो सकती। हम मशीन नहीं हैं। हमारी संवेदना ही हमारी पहचान होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के भय से मुक्ति, भ्रष्टाचार और पक्षपात से मुक्ति तथा पारदर्शिता के साथ एक नई कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे सामान्य परिवारों का विश्वास बढ़ा है। बिजली और पानी घरों तक पहुंचा तो लोगों के जीवन में बदलाव आया है। सड़कें बनीं तो गांव और बाजार के बीच की दूरी कम हुई है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों का हक सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया गया है। अब बिचौलियों के हाथ में नकद पैसा नहीं जाएगा, बल्कि लाभार्थी के खाते में सीधे पैसा पहुंचेगा।

कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद स्तरीय कार्यक्रम के रूप में विकास भवन सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, विशिष्ट अतिथि प्रशासक जिला पंचायत  सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष  सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय सहित विभिन्न विभागों के आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजित कार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा बी.ओ.सी.डब्लू. के लाभार्थियों को डेमो चेक एवं सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट का वितरण किया गया।

कर्यक्रम के दौरान ’राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने अपने सम्बोधन कहा की आज का दिन उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के जीवन में ऐतिहासिक दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। वर्षों से हमारे आउटसोर्स भाई-बहन कम मानदेय, समय से वेतन न मिलने और बिचौलियों के शोषण से परेशान थे।

मुख्यमंत्री ने जिस तरह से आउटसोर्स सेवा निगम बनाकर एकीकृत डिजिटल पोर्टल, लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया है, वह श्रमिकों के सम्मान की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। अब भर्ती पारदर्शी होगी, मानदेय सीधे खाते में आएगा। गाजीपुर जनपद में भी हजारों आउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें इसका सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से हमारी सफाई कर्मी बहनों को सुरक्षा किट मिलना और बीओसीडब्ल्यू लाभार्थियों को सहायता मिलना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। मैं सभी कर्मियों से अपील करती हूँ कि वे पूरी निष्ठा से कार्य करें, सरकार आपके साथ है।

’प्रशासक जिला पंचायत  सपना सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करती हूँ। आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कर्मचारियों के हित में मील का पत्थर साबित होगा। आउटसोर्स कर्मियों को पहले  कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पोर्टल के माध्यम से सारी व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी। शोषण मुक्त व्यवस्था से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और बेहतर कार्य कर पाएंगे। मैं सभी लाभार्थियों को बधाई देती हूँ और सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ।

’नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने अपना सम्बोधन व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका में सफाई कर्मचारी हमारी रीढ़ हैं। वे सुबह से रात तक शहर को स्वच्छ रखने में लगे रहते हैं। आज उनके लिए सुरक्षा किट का वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों को जो सम्मान दिया है, वह अभिनंदनीय है। आउटसोर्स निगम के पोर्टल से अब हर कर्मचारी को समय पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। नगर पालिका परिषद गाजीपुर अपने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करेगी।

कार्यक्रम में जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह ने आउटसोर्स नियमों की विस्तृत जानकारी दी।’ उन्होंने बताया कि अब सभी आउटसोर्स भर्तियां केवल सेवा निगम के पोर्टल के माध्यम से होंगी,, आरक्षण नियम, ई0पी0एफ0/ई0एस0आई0 न्यूनतम मानदेय  ₹20,000 तक सुनिश्चित किया गया है। जो मानदेय सीधे कर्मी के खाते में जायेगा कोई कमीशन नहीं,  सेवा सुरक्षा रहेगी।कार्मिको के चयन में पदों के सापेक्ष  तकालशुदा/परित्यक्ता  महिलाओं इत्यादि  को वरीयता दिए जाने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को वरीयता दिए जाने के शासनादेश का उल्लेख किया गया। महीने के 5 तारीख तक खाते में पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम मे अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद धीरेन्द्र राय, जिला सेवा योजन अधिकारी गौरव सिंह, सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, विभिन्न विभागों से भारी संख्या मे आउटसोर्सकर्मी उपस्थित रहे।

खिलाड़ियों को राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने वितरित किया पुरस्कार

खिलाड़ियों को राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने वितरित किया पुरस्कार

गाजीपुर।राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के शुभ अवसर पर हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यांनचन्द के जन्म दिवस (29 अगस्त) के उपलक्ष्य में जूनियर बालिकाओ की खो-खो प्रतियोगिता एवं सब-जूनियर बालको की कुश्ती एवं सन्डे आन साईकिल दौड़ प्रतियोगिता नेहरु स्टेडियम के प्रांगण में किया गया। तीनो प्रतियोगिता के उद्घाटन के मुख्य अतिथि  विनोद जोशी उप जिलाधिकारी सदर के कर कमलो द्वारा एवं पुरस्कार वितरण के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत के कर कमलो द्वारा किया गया। देवी प्रसाद क्रीड़ाघिकारी द्वारा मुख्य अतिथि को बुके देकर स्वागत किया गया। खो-खो प्रतियोगिता में कुल 08 टीमों ने प्रतिभांग किया, जिसका पहला सेमीफाइनल मैच नेहरु स्टेडियम (ए) बनाम नेहरु स्टेडियम (बी) के मध्य खेला गया, जिसमें नेहरु स्टेडियम (ए) 04-00 से विजयी रही, दुसरा सेमीफाइनल मैच बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर बनाम मॉ भगवती पब्लिक स्कूल रेवतीपुर के मघ्य खेला गया। जिसमें बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर 06-00 से विजयी रही। खो-खो प्रतियोगिता का फाइनल मैंच नेहरु स्टेडियम (ए) बनाम बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर के मध्य खेला गया, जिसमें नेहरु स्टेडियम (ए) गाजीपुर 06-04 से विजयी रही। खो-खो प्रतियोगिता निर्णायक के रुप में  राधेश्याम सिंह यादव खो-खो प्रशिक्षक, लालबहादुर यादव, प्रिन्स यादव, रितेश राय, प्रमोद यादव, शिवानी राय, नैनिका राय मनोज कुमार, राजेश कुमार, सुनिल सिंह रहें। इसी प्रकार कुश्ती प्रतियोगिता में कुल 62 खिलाड़ियो ने अलग-अलग भारवर्ग में प्रतिभाग किया,विजेता खिलाड़ियो की सूची निम्नवत् है। निर्णायक की भूमिका मे  प्रेमचन्द यादव कुश्ती प्रशिक्षक, कमलेश यादव, अंकूर यादव, अजय कुमार बिन्द़, राम अशीष यादव़  संजय यादव, छोटेलाल यादव, योगेन्द्र यादव उपस्तिथ रहें। इस अवसर पर विजय खेलो इण्डिया एथलेटिक्स प्रशिक्षक, संगीता यादव, प्रदीप कुमार राय, जैनेन्द्र कुमार एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहें। अन्त में देवी प्रसाद क्रीड़ाघिकारी द्वारा सभी आगन्तुओ एवं खिलाड़ियो के प्रति आभार व्यक्त किया।

डीएम ने किया ईवीएम गोदाम का निरीक्षण,दिए निर्देश

डीएम ने किया ईवीएम गोदाम का निरीक्षण,दिए निर्देश

गाजीपुर।जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला ने सोमवार को जिला निर्वाचन कार्यालय स्थित ईवीएम गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ईवीएम गोदाम में सुरक्षा एवं संरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिलाधिकारी द्वारा गोदाम में स्थापित अग्निशमन यंत्रों की वैधता एवं कार्यशीलता, तैनात सुरक्षा गार्ड, निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान सभी उपकरण एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं सही एवं संतोषजनक पाई गईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय राजन राय, जिला विकास अधिकारी/प्रभारी अधिकारी ईवीएम, सहायक निर्वाचन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

570 नन्हे कलाकार बने राधा-कृष्ण,भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा मंच;मनमोहक प्रस्तुतियों पर झूम उठे दर्शक

570 नन्हे कलाकार बने राधा-कृष्ण,भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा मंच;मनमोहक प्रस्तुतियों पर झूम उठे दर्शक

570 बच्चों ने राधा-कृष्ण के रूप में बिखेरा भक्ति और संस्कृति का रंग

नन्हें कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर झूम उठे दर्शक

गाजीपुर। वेलफेयर क्लब के तत्वावधान में सिटी मांटेसरी पब्लिक स्कूल, शास्त्रीनगर के सौजन्य से आयोजित कजरी महोत्सव के तहत रविवार को लंका मैदान स्थित मैरिज हाल में जनपद स्तरीय राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे 285 जोड़ों यानी कुल 570 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

एलकेजी से कक्षा तीन तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का मनोहारी रूप धारण कर अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में बच्चों की सजीव प्रस्तुतियों ने ऐसा वातावरण बना दिया, मानो गाजीपुर की धरती पर वृंदावन की झलक उतर आई हो। रंग-बिरंगे परिधानों, आकर्षक मुकुट, बांसुरी और पारंपरिक श्रृंगार में सजे राधा-कृष्ण के रूप में बच्चों ने मनमोहक नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नन्हे कलाकारों की मासूम अदाओं और शानदार मंचन ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया और पूरा परिसर तालियों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल रहे। विशिष्ट अतिथि अपर उप जिला मजिस्ट्रेट रणविजय सिंह तथा रामलीला कमेटी के महामंत्री ओम प्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा रहे।

अध्यक्षता अजय शंकर लाल श्रीवास्तव ने की।

मुख्य अतिथि ने राधा-कृष्ण के रूप में उपस्थित बच्चों की आरती उतारी और सभी प्रतिभागियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बच्चों के लिए केक एवं नमकीन की भी व्यवस्था की गई।

मुख्य अतिथि विनोद अग्रवाल ने कहा कि वेलफेयर क्लब जनपद की ऐसी संस्था है, जो नौनिहालों से लेकर विभिन्न आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं के बहुमुखी विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चों का पहुंचना क्लब के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए क्लब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में बिलकिस जहां, बिंदू देवी एवं कीर्ति श्रीवास्तव शामिल रहीं।

निर्णायक मंडल द्वारा चयनित प्रतिभागियों में प्रथम स्थान के लिए सेंट मेरिज कान्वेंट स्कूल की यशस्वी एवं आकृत तुलस्यान, अग्रसेन पब्लिक स्कूल के शिवांश श्रीवास्तव एवं अनन्या जारा, सिटी मांटेसरी पब्लिक स्कूल की आस्था वर्मा एवं प्रतीक साहू, रामदूत इंटरनेशनल स्कूल की अक्षिता एवं शौर्य जायसवाल, चंदनी पब्लिक स्कूल सुरतापुर की जाह्नवी एवं शिवांश राय, शाह फैज पब्लिक स्कूल की आरवी एवं गौरांग पांडेय, मार्टर मेमोरियल स्कूल की आराध्या एवं वैष्णवी, एंजेआरपी पब्लिक स्कूल की सुरम्या एवं वानी सिंह, केएल इंटरनेशनल की अक्षिता एवं अद्विक तथा बैजनाथ इंटर कॉलेज की पीहू एवं अरिनव शामिल रहे।
द्वितीय स्थान के लिए श्रीराम स्कूल की सूफिया एवं प्रिंस, अभिनव सरस्वती विद्या मंदिर के वामिक एवं इब्राहिम, डिवाइन हर्ट पब्लिक स्कूल की आरोही एवं आयुष कुमार बिंद, केजेडएन पब्लिक स्कूल की ताहिरा आजम तथा डिफेंस पब्लिक स्कूल की इफत खान एवं शिवा सिंह कुशवाहा का चयन किया गया। वहीं तीसरे स्थान के लिए ग्रेट बुद्धा पब्लिक स्कूल की रागिनी एवं अंकित का चयन हुआ।

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत सत्य प्रकाश तिवारी एवं सोनी यादव ने किया। क्लब सचिव रामनाथ कुशवाहा तथा जनपद गवर्नर पवन पांडेय ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अग्रवाल रोहित, अजय कुशवाहा, संतोष, शोभा श्रीवास्तव, सत्यदेव दूबे, अंकित सिंह, राम कुमार विश्वकर्मा, संजय वर्मा, शिवाजी श्रीवास्तव, अजय यादव सहित बड़ी संख्या में क्लब पदाधिकारी, अभिभावक एवं दर्शक मौजूद रहे।

अंत में क्लब ऑडिटर डॉ. जितेंद्र कुमार ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण एवं विद्यालयों के कायाकल्प कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण एवं विद्यालयों के कायाकल्प कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

गाजीपुर, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में आज जनपद के परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं एवं विद्यालय भवनों की स्थिति के संबंध में ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं ग्राम प्रधानों सहित संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में चिन्हित 196 जर्जर विद्यालय भवनों का ध्वस्तीकरण अगले तीन दिवस के भीतर सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जर्जर एवं असुरक्षित भवनों के संबंध में शासन के निर्देशों के अनुरूप तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो। जिलाधिकारी ने ए०डी०ओ० पंचायत व ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में स्थित परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत निर्धारित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए।
विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित एवं शिक्षण-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। अतः संबंधित अधिकारी एवं ग्राम पंचायतें आपसी समन्वय से कार्य करते हुए विद्यालयों में लंबित कायाकल्प कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं। उन्होंने कार्यों की नियमित समीक्षा एवं प्रगति की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में विद्यालयों की स्थिति की नियमित समीक्षा करते हुए कायाकल्प कार्यों तथा जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रगति सुनिश्चित करें।