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अवैध अतिक्रमण पर रेलवे का चलेगा बुलडोज़र

अफीम की धुलाई के लिए बनाए गए रेलवे ट्रैक के आसपास अतिक्रमण  पर रेलवे चलाएगा बुलडोज़र

5 लाख स्क्वायर फीट जमीन कब्जे से मुक्त कराएगी रेलवे प्रशासन

गाजीपुर। ब्रिटिश हुकूमत काल में मुख्य डाकघर के पास अफीम फैक्ट्री में कच्चे माल को लाने और तैयार अफीम को सुरक्षित पहुंचाने के लिए अंग्रेजों को सुरक्षित संसाधन की जरूरत महसूस हुई। इसके लिए उन्होंने अफीम फैक्ट्री से लेकर लंका होते हुए सिटी रेलवे स्टेशन तक रेलवे ट्रैक बिछा दी। इसी ट्रैक से ट्रेन के जरिए सिटी रेलवे स्टेशन से कच्चा माल अफीम फैक्ट्री के लिए आता था। साथ ही तैयार अफीम को इसी रूट से सिटी रेलवे स्टेशन तक भेजा जाता था। आजादी के बाद ट्रैक पर ट्रेनें दौड़नी बंद हो गईं। नतीजन रैक अनुपयोगी हो गई। समय बीतने के साथ रेलवे की जमीन पर कब्जा शुरू हो गया। इसी कब्जे को हटाने के लिए रेलवे ने 40 लोगों को नोटिस देने के साथ ही उनके मकान पर निशान भी लगा दिया है और एक दिन बाद यदि स्वयं नहीं हटाया जाता है तो रेलवे प्रशासन बुलडोजर चलाने की कार्रवाई करेगा।गाजीपुर सिटी के रेलवे स्टेशन से एक रेल लाइन गाजीपुर की अपनी फैक्ट्री तक के लिए अंग्रेजों ने अफीम की ढुलाई के लिए बनवाया था और इस रेलवे ट्रैक पर काफी दिनों तक अफीम की ढुलाई हुआ करती थी। लेकिन करीब 20 से 25 साल पहले इस रेल लाइन पर इसकी ढुलाई बंद हो गई ।  इसके बाद धीरे-धीरे इस रेल लाइन के आसपास लोगों ने कब्जा कर मकान बनाना आरंभ कर दिया। जिसको लेकर पिछले दिनों रेलवे की तरफ से अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया था और कुछ लोगों के मकान का ध्वस्तीकरण भी किया गया था।

  इस दौरान 67  अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए थे और उसके बाद रेलवे का यह कार्रवाई कुछ दिनों के लिए रुक गया था। अब अन्य अतिक्रमणकारियों जिनमें से 40 लोगों को चिन्हित  रेलवे प्रशासन ने किया है।  13 अगस्त से पूर्व अपने अतिक्रमण को स्वयं हटाने के लिए नोटिस जारी करते हुए उनके मकान पर नोटिस चश्पा कर दिया गया है। बताते चले की सिटी रेलवे स्टेशन से लंका होते हुए अफीम फैक्ट्री तक रेलवे की लगभग 5 लाख स्क्वायर फीट की जमीन है। जिस पर वर्षों से लोग रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण किए हुए हैं । जिसमें अस्थाई अतिक्रमण भी है। टिन शेड , झोपड़ी से लेकर पक्के निर्माण तक कर लिए गए। लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने अपनी जमीन की सुध ली है। इस अतिक्रमण को हटाए जाने के बाद खाली हुए जमीन पर रेलवे की तरफ से भवन का निर्माण कर सभी सुविधाओं से युक्त कर रेल कर्मियों को एलाट किया जाएगा। ऐसे में 13 अगस्त से दूसरे चरण का अभियान चलाने को लेकर आरपीएफ इंचार्ज गाजीपुर सिटी स्टेशन अमित राय ने बताया कि अतिक्रमण हटाने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है।

ईराज राजा होंगे गाजीपुर के नए एसपी

गाजीपुर। उत्‍तर प्रदेश सरकार ने दस आईपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। जिसमें गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को पुलिस उपायुक्‍त पुलिस कमिश्‍नरेट लखनऊ के पद पर भेजा गया। ईराज राजा को पुलिस अधीक्षक बिजनौर से पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के पद पर भेजा गया है।

डॉ. ईराज राजा, मूल रूप से आगरा के रहने वाले हैं। वर्ष 2011 में उन्होंने MBBS की शिक्षा को पूरा की और फिर 4 सालों तक बिजनौर जिले में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात रहे। इसके बाद 2017 में UPSC की परीक्षा को पास किया। दरअसल, उत्तर प्रदेश के जालौन में तैनात IPS डॉ. ईराज राजा 2017 बैच के आईपीएस है। सरकार ने उन्हें जब भी मौका दिया तब वह उम्मीदों पर खरे उतरे और अपराधियों की कमर तोड़कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया। डॉक्टर का पेशा छोड़ UPSC का एग्जाम क्लियर किया और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पहली पोस्टिंग लखनऊ में मिली। इसके बाद भी 4 महीने मेरठ में ASP रहें। फिर गाजियाबाद जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 24 महीने एसपी का कार्यभार संभाला और इन 2 सालों के दौरान करीब 150 हाफ एनकाउंटर किए। इसके बाद जनवरी 2023 में बुंदेलखंड के जालौन जिले का चार्ज मिला। यहां पर भी अपने स्वभाव के मुताबिक अपराधियों पर नकेल कसनी शुरू कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि यहां पर भी हाफ एनकाउंटर की हाफ सेंचुरी बन गई।

आत्मदाह करने एसपी ऑफिस पहुंचा  परिवार

आत्मदाह करने एसपी ऑफिस पहुंचा पीड़ित परिवार

दबंग परिवार के दबंगई से परेशान होकर उठाया यह कदम

गाजीपुर। पुलिस ऑफिस पर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक ही परिवार के पति-पत्नी और दो बच्चों ने सामूहिक रूप से आत्मदाह करने का प्रयास पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर किया। इन लोगों ने पुलिसकर्मियों के सामने ही अपने ऊपर पेट्रोल से भरा बोतल उड़ेल दिया। इस दौरान वहां पर खड़े पुलिस कर्मी और एल आई यू के सिपाहियों ने तत्काल महिला के हाथ से पेट्रोल का बोतल छीना और उन सभी लोगों को पड़कर पुलिस ऑफिस में अंदर ले जाकर बातचीत करना शुरू किया। पूछताछ में पता चला कि यह लोग थाना करीमुद्दीनपुर के कामुपुर गांव के रहने वाले हैं और इन लोगों के गांव में ही एक दबंग परिवार के दबंगई से परेशान है, जिसको लेकर कई बार थाने पर भी गए लेकिन थाने पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे परेशान होकर इन लोगों ने इस तरह का आज कदम उठाया है। पीड़ित करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के कामुपुर मुबारकपुर निवासी अशोक यादव, पत्नी गीता यादव, पुत्र युवराज यादव, पुत्री रागिनी यादव और पुत्री वैष्णवी यादव ने बताया कि पड़ोसी एवं पट्टीदार दयाशंकर यादव, सुरेंद्र यादव व सुरेश यादव से पानी बहाने को लेकर विवाद है। वही इस घटना के बाद पुलिस के अधिकारी पीड़ित दंपति और उनके बच्चों से लगतार वार्ता करने में जुटे हुए हैं ताकि सच्चाई का पता चल सके।

देखें गाजीपुर में अमित शाह का लाइव रोड शो

गाजीपुर में लोकसभा प्रत्याशी पारस राय के समर्थन में गृह मंत्री अमित शाह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति पर माल्यार्पण कर रोड शो शुरू किया।

मुख्तार के कब्र पर फातिया पढ़ेंगे अब्बास, सुप्रीम कोर्ट ने दिया इजाजत

गाजीपुर। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (9 अप्रैल) को उत्तर प्रदेश के विधायक अब्बास अंसारी को अपने पिता मुख्तार अंसारी के सम्मान में 10 अप्रैल को होने वाले ‘फातिहा’ समारोह में शामिल होने की अनुमति दे दी। मुख्तार अंसारी गैंगस्टर से राजनेता बने थे और 28 मार्च को आजीवन कारावास की सजा काटते समय दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई थी। जस्टिस सूर्यकांत और केवी विश्वनाथन की बेंच ने आदेश दिया कि अब्बास को आज ही (शाम 5 बजे से पहले) रस्म में शामिल होने के लिए उनके गृहनगर ले जाया जाए और 13 अप्रैल को वापस कासगंज जेल लाया जाए। गौरतलब है कि अब्बास अंसारी फिलहाल शस्त्र लाइसेंस मामले में जेल में हैं। पिछले साल नवंबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि नई दिल्ली में उनके परिसर से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था। हाईकोर्ट ने आगे कहा कि अंसारी द्वारा गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने का जोखिम है। हालांकि मौजूदा याचिका शुरू में अंसारी को अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दायर की गई थी, लेकिन इसे समय पर सूचीबद्ध नहीं किया जा सका।  इस प्रकार, पिछली तिथि पर अंसारी को याचिका में संशोधन करने और प्रतिवादी-राज्य को इसकी एक प्रति प्रदान करने की अनुमति दी गई थी। आज सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अब्बास की ओर से आग्रह किया कि अंतिम संस्कार की रस्में पहले ही पूरी हो चुकी थीं, जिसमें वह शामिल नहीं हो सके क्योंकि मामला समय पर सूचीबद्ध नहीं था। यह प्रार्थना की गई कि अब्बास को फातिहा समारोह (और उसके बाद कुछ समय) के लिए अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहने की अनुमति दी जाए, जो कल के लिए निर्धारित है। उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश एएजी गरिमा प्रसाद ने अब्बास की ओर से की गई प्रार्थना का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि वह एक हिस्ट्रीशीटर है, जिसका चित्रकूट जेल के अंदर का आचरण उसे कासगंज जेल में स्थानांतरित करने का कारण बना। एएजी ने आगे दावा किया कि कल के लिए कोई समारोह निर्धारित नहीं था और ‘फातिहा’ में भाग लेने की अनुमति मांगने वाला आवेदन राज्य को नहीं दिया गया था। आपत्ति जताते हुए सिब्बल ने कहा, “ऐसा मत कहो, आपको सेवा दी गई है। हम सेवा का सबूत दिखा सकते हैं”। हालांकि एएजी ने कहा कि संशोधित रिट याचिका, जो पिछले आदेश के अनुसार दी गई थी, में ‘फातिहा’ के बारे में कोई कथन नहीं था। उन्होंने सुझाव दिया कि एक खुशहाल त्योहार आने वाला है, और अब्बास शायद इसके लिए अदालत से राहत पाने की कोशिश कर रहा था। पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, बेंच ने नोट किया कि अब्बास के पिता का 28 मार्च को निधन हो जाना विवाद का विषय नहीं था। इसके अलावा, अब्बास ने विशेष रूप से दावा किया कि फातिहा कल के लिए निर्धारित थी। ऐसे में, याचिका को अस्वीकार करने का कोई कारण नहीं था।
इस पृष्ठभूमि में, निम्नलिखित निर्देश पारित किए गए:
(1) अब्बास को कासगंज जेल से उसके गृहनगर (गाजीपुर) पुलिस हिरासत में और पर्याप्त सुरक्षा के साथ ले जाया जाएगा। पुलिस महानिदेशक, यूपी को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करनी है!
(2) पुलिस अधिकारी, जेल अधिकारियों के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित करेंगे कि अब्बास आज जल्द से जल्द अपनी यात्रा शुरू करें, शाम 5 बजे से पहले नहीं!
(3) अब्बास को पुलिस हिरासत में कल की फातिहा की रस्म में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। रस्में समाप्त होने के बाद, उसे अस्थायी रूप से स्थानीय जेल यानी सेंट्रल जेल,गाजीपुर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा!
(4) गाजीपुर में पुलिस अधिकारी यह सत्यापित करेंगे कि क्या 11 अप्रैल से कोई अन्य रस्में होनी हैं। यदि ऐसा है, तो अब्बास को पुलिस हिरासत में रहते हुए ऐसी रस्मों में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।10 अप्रैल के बाद कोई रस्म न होने पर भी अब्बास को 11 और 12 अप्रैल को अपने परिवार/आगंतुकों से मिलने की अनुमति होगी।
(5) पुलिस अधिकारी आगंतुकों की तलाशी लेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति (अधिकृत हथियार सहित) फातिहा वाले स्थान या अब्बास के पैतृक घर पर हथियार न ले जाए।
गरिमा प्रसाद द्वारा अब्बास के मीडियाकर्मियों से बातचीत न करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगे जाने पर सिब्बल ने आश्वासन दिया कि वह केवल परिवार के सदस्यों से मिलेंगे। पीठ ने सिब्बल के इस कथन को दर्ज किया कि अब्बास मीडियाकर्मियों से बातचीत नहीं करेंगे और केवल अपने परिवार के सदस्यों से मिलेंगे।अंत में यह स्पष्ट किया गया कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भी निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा (क्योंकि उत्तर प्रदेश राज्य को केवल 3 एफआईआर में अब्बास को स्थानांतरित करने का अधिकार है)।

नाबालिग बच्चों को दी बाइक या कार तो जाएंगे जेल, भरेंगे जुर्माना

लखनऊ। अब प्रदेश में 18 साल से कम आयु के कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थल में दो-चार पहिया वाहन नहीं चलाएगा। शासन की ओर से इसे लेकर जारी निर्देश के बाद परिवहन विभाग के सहयोग से माध्यमिक विद्यालयों में सख्ती की जाएगी। इसके लिए अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक किया जाएगा। साथ ही छात्रों को सड़क सुरक्षा के प्रति विभिन्न माध्यमों से जानकारी भी दी जाएगी। इसके तहत हर विद्यालय में एक रोड सेफ्टी क्लब का गठन किया जाएगा। सभी कक्षाओं में एक-एक विद्यार्थी को रोड सेफ्टी कैप्टन बनाया जाएगा। विद्यालय में एक क्लास सड़क सुरक्षा की जानकारी पर भी लगेगी। हर विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल बनाकर परिवहन विभाग के सहयोग से ऑनलाइव व ऑफलाइन प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। वहीं 18 साल से कम आयु के बच्चे कोई भी मोटर वाहन न चलाएं, इसके लिए जागरूकता के साथ सख्ती भी की जाएगी। परिवहन आयुक्त चंद्र भूषण सिंह की ओर से इसे लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कम उम्र में वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक से इसके लिए विद्यालयों में अभियान चलाने को कहा गया है। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने सभी डीआईओएस को इसके लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों को भी रोड सेफ्टी नोडल शिक्षक नामित किया जाए। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा की जानकारी दें और उन्हें इसकी शपथ भी दिलाई जाए। विद्यालयों में सड़क सुरक्षा के नियमों से संबंधित वॉल पेंटिंग कराई जाए। विद्यार्थियों के वाट्सअप ग्रुप बनाकर इससे संबंधित जानकारी व सुझाव साझा किए जाएं। निदेशक ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी इसके लिए प्रयोग किया जाए। छात्रों को बताया जाए कि बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया है कि विद्यालयों में रोड सेफ्टी क्ल्ब के गठन के लिए प्रति विद्यालय पांच हजार कुल 44.95 लाख रुपये के बजट की और विद्यालय की दीवारों पर यातायात नियमों व स्लोगन लिखवाने के लिए भी प्रति विद्यालय 500 रुपये के बजट की व्रूवस्था के लिए परिवहन आयुक्त को पत्र भेजा गया है। निदेशक ने कहा है कि परिवहन विभाग के अधिकारियों से समन्वयक कर इस पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया अफजाल अंसारी को बड़ी राहत

नई दिल्ली। गाज़ीपुर से बसपा के पूर्व सांसद अफजाल अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गैंगस्टर मामले में चार साल की सजा मिलने के बाद संसद की सदस्यता गंवा चुके बीएसपी के पूर्व सांसद अफजाल अंसारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है। अफजाल अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अफजाल की दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई है। हाईकोर्ट को 30 जून 2024 तक अफजाल के मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला देने का आदेश दिया गया है। गाजीपुर लोकसभा सीट पर उप चुनाव नहीं होगा। एमपी लैड स्कीम के पैसे का इस्तेमाल हो सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने यह फैसला सुनाया है। अफजाल अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी की तर्ज पर राहत दिए जाने की मांग की गई थी। अपनी याचिका में अफजाल अंसारी ने 2007 के गैंगस्टर एक्ट मामले में अपनी दोषसिद्धि को निलंबित करने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की थी।

त्रिदिवसीय एथेलिटिक्स प्रतियोगिता का डीएम ने किया शुभारंभ

गाजीपुर। टाउन नेशनल इ0 का0 के प्रांगण में 73 वीं जनपद स्तरीय त्रिदिवसीय एथेलिटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ बुधवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी द्वारा द्वीप प्रज्जवलित कर किया गया। जिलाधिकारी गुब्बारा व कबूतर उड़ाकर खेल के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जीत हार से परे उठकर नियमार्न्तगत प्रतिभागियों को खेल भावना से युक्त होकर प्रतिभाग करने की सीख दी। इस अवसर विशिष्ट अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व चीफ प्राक्टर एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रो0 अभिमन्यु सिंह ने मार्च पास्ट की सलामी ली। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि का स्वागत जिला विद्यालय निरीक्षक जनपद गाजीपुर डॉ उदयभान ने किया। यह प्रतियोगिता 18- 20 अक्टूबर, 2023 तक चलेगी जिसमें 14 वर्ष, 17 वर्ष, 19 वर्ष आयु वर्ग में दौड़, बाधा दौड़, लम्बी कूद, उॅची कूद, डिस्कस थ्रो, जवेलिन, गोला फेक, पोल वाल्ट, हैमर थ्रो आदि प्रतियोगिता हो रही है।

कार्यक्रम में वित्त व लेखाधिकारी शि0वि0 जनपद गाजीपुर, जिला खेल संयोजक एवं प्रधानाचार्य राजकीय सिटी इ0का0 विजय बहादुर सिंह, पूर्व क्रीड़ा सचिव विजय शंकर राय व अन्य प्रधानाचार्य तथा खेल प्रशिक्षक उपस्थित रहें। आज की प्रतियोगिता में विद्यालय के क्रीड़ा अध्यापक डॉ रूद्र यादव ने बताया की 800 मी0 की 19 वर्ष आयु वर्ग की दौड़ प्रतियोगिता में ब्यूटी चौहान, सरिता राजभर, निशा कुमारी, क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किया। 14 वर्ष की आयु वर्ग में टाउन नेशनल इ0का0 सैदपुर की काजल पाल आदि ने प्रतियोगिता विभिन्न स्थान प्राप्त किए। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में कमलेश राम, अमित मिश्र, विजय विक्रम सिंह, संतोष शर्मा, डॉ राम कुमार चतुर्वेदी, डॅा हरिप्रकाश वर्मा, सत्येन्द्र यादव, वैभव निगम, अनिल राम, अमरजीत प्रसाद, लक्ष्मी राम, योगेन्द्र कुमार अशोक कुमार यादव, राजनारायण राम आदि लोग उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन प्रत्यूष कुमार त्रिपाठी, अरविन्द प्रताप सिंह, डॉ प्रभात कुमार राय ने संयुक्त रूप से किया। खेल का संचालन डॉ रूद्र पाल यादव के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय के प्रबन्धक सनद कुमार पाण्डेय एवं प्रधानाचार्य ने आगन्तुको का आभार ज्ञापित किया।

तीन युवकों ने मारी अतीक और अशरफ को गोली

गाजीपुर। उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात काल्विन अस्पताल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए काल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था। उसी समय 10 फायर किए गए। अतीक की कनपटी पर सटाकर एक गोली मारी गई। अज्ञात वाहनों से आए हमलावरों ने सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने के बाद समर्पण कर दिया। घटना के बाद जिले की सीमा को सील कर दिया है। मौके पर आरएएफ को भी बुला लिया गया है। हत्या के बाद दोनों का शव SRN अस्पताल ले जाया गया। हत्याकांड के बाद अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस दौरान ANI के पत्रकार को भी चोटें आई हैं और मान सिंह नाम के सिपाही को भी गोली लगी है। हत्या कांड के बाद यूपी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। उमेश पाल के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मारने वाले नवीन तिवारी, अरुण मौर्या और सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। दर्जनों सुरक्षाकर्मियों से घिरे अतीक अहमद को पीछे से गोली मारी गई। करीब दस राउंड फायरिंग की गई। सिपाही भी घायल। तीन हमलावर को प‍कड़ा गया है। हमलावरों को थाने ले जाया गया है। सिपाही को मेडिकल कालेज ले जाया गया।

अतीक अहमद के बेटे और शूटर को यूपी एसटीएफ ने किया ढेर

उत्तर प्रदेश। अधिवक्ता उमेश पाल हत्याकांड के नामजद अभियुक्तों अतीक अहमद और अशरफ को प्रयागराज की नैनी जेल से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में गुरूवार को पेश किया गया। उमेश पाल हत्याकांड में कोर्ट ने अतीक की 7 दिन की रिमांड मंजूर कर दी है। इसी दौरान उमेश पाल हत्याकांड में डेढ़ महीने से फरार चल रहा माफिया अतीक अहमद का बेटा असद को 13 अप्रैल गुरुवार को झांसी में यूपी एसटीएफ द्वारा मुठभेड़ में मारा गया है। उसके साथ ही शूटर गुलाम भी मारा गया है। अतीक अहमद का बेटा असद और मकसूदन का बेटा गुलाम झांसी में डीएसपी नवेंदु और डीएसपी विमल के नेतृत्व में यूपीएसटीएफ की टीम के साथ मुठभेड़ में मारा गया। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम था। उमेश पाल की हत्या के बाद से पांचों शूटर फरार थे। इनमें से असद और गुलाम को आज गुरूवार को एसटीएफ ने मार गिराया। जबकि पुलिस ने घटना के चार दिन बाद एनकाउंटर में अरबाज को मार गिराया। छह मार्च को उस्मान उर्फ विजय को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था। अतीक अहमद का बेटा असद और मकसूदन का बेटा गुलाम झांसी में डीएसपी नवेंदु और डीएसपी विमल के नेतृत्व में यूपीएसटीएफ की टीम के साथ मुठभेड़ में मारा गया। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम था। उमेश पाल को 24 फरवरी 2023 को उनके घर में घुसकर गोलियों से भून दिया गया था। अतीक अहमद का बेटा असद समेत छह शूटर गोली और बम मारते हुए सीसीटीवी में दिखे थे। अगले दिन उमेश की पत्नी ने अतीक, अशरफ, शाइस्ता, अतीक के बेटे, गुड्डू मुस्लिम, उस्मान समेत अतीक के कई अज्ञात गुर्गों और सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उस्मान उर्फ विजय चौधरी को पहले ही एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। असद, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान पर पांच-पांच लाख का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार दोपहर झांसी में असद और गुलाम के होने की सूचना पर टीम ने घेराबंदी की। दोनों ने फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में दोनों ढेर हो गए। उनके पास से विदेशी पिस्टल मिली है। असद अहमद पर एक मुकदम था और पांच लाख का इनाम था। गुलाम पर छह मुकदमे थे और पांच लाख का इनाम था। झांसी में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया असद अहमद अतीक अहमद का तीसरे नंबर का बेटा था। बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है। दूसरे नंबर का अली नैनी जेल में है। चौथे और पांचवे नंबर के नाबालिग बेटे बाल सुधार गृह राजरूपपुर में हैं। कोर्ट में बेटे असद के एनकाउंटर की खबर सुनकर माफिया अतीक अहमद बेहोश हो गया।