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हॉस्पिटल पहुंची डीएम से मरीजों ने की शिकायत

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने वृहस्पतिवार को जिला चिकित्सालय गोराबाजार का आकस्मिक निरीक्षण किया। जहां चिकित्सीय सुविधाओ एंव वार्ड में भर्ती मरीजो से उनके  स्वास्थ्य  की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान ओ पी डी में चिकित्सक डा0. शिव प्रकाश (नाक, कान, गला) एवं एन आर सी वार्ड में डाईटिशियन गुंजा सिंह के अनुपस्थित होने तथा इमजेन्ंसी  कक्ष मे तैनात चिकित्सक डा0 एस पी चौधरी की महिला वार्ड मे भर्ती अनुज्ञा राय की  माता रेनु राय के  द्वारा की गयी शिकायत  पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टिकरण का निर्देश दिया। बता दें कि जिलाधिकारी ने जिला कलेक्ट्रेट से जनता दर्शन के पश्चात जिला चिकित्सालय का रूख किया, वजह थी चिकित्सालय में औचक निरीक्षण करने का। जिससे  त्योहार के छुट्टियो के बाद भी नदारद एवं सिस्टम का पालन न करने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही की जा सके। इसी उद्देश्य से यह निरीक्षण किया गया है।  

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में आकस्मिक कक्ष, पर्ची काण्उटर, ओ0पी0डी0, अल्ट्रासाउण्ड कक्ष, एक्स-रे कक्ष, सर्जरी विभाग, मानसिक रोग विभाग, मेडिसिन विभाग, टी0बी एवं चेस्ट विभाग, ई0सी0जी0,लैब,  पैथोलॉजी कक्ष, बाल रोग वार्ड, बर्न वार्ड, आई0सी0यू0 कक्ष, एन आर सी कक्ष, मेडिकल वार्ड (पुरूष एवं महिला), मेडिसिन वार्ड, डाईलेसिस कक्ष एवं मेडिकल वार्ड प्रथम एवं द्वितीय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जब एक्स-रे कक्ष पहुची तो वहां मरीज दरोगा प्रसाद गुप्ता निवासी गोड़उर जिसकी पिछले तीन दिनों से एक्स-रे न होने की शिकायत की। जिस पर जिलाधिकारी ने एक्स-रे टेक्निशियन को फटकार लगाते हुए तत्काल एक्स-रे करने का निर्देश दिया। ओ पी डी कक्ष में डा0 शिव प्रकाश चिकित्सक (नाक कान गला) एंव एन आर सी वार्ड मे डाईटिशियन गुंजा सिंह जो बिना परमिशन के नदारद मिली तथा मेडिकल महिला वार्ड मे रेनु राय द्वारा ईमजेंसी कक्ष मे तैनात चिकित्सक डा0 एस पी चौधरी के द्वारा चिकित्सालय से बाहर की दवा लिखे जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनसे स्पष्टिकरण मांगा। जिलाधिकारी ने वार्डो एवं शौचालयो में साफ-सफाई  तथा वार्ड मे जंग लगे टेबल देखकर फटकार लगाते हुए साफ-सफाई एंव नये टेबल की उपलब्धता सुनिश्चत कराने का निर्देश दिया। उन्होने एन आर सी वार्ड के चिकित्सक डा0 प्रत्युश श्रीवास्तव के असंतोषजन कार्य पर उन्हे सचेत किया तथा वार्ड में साफ-सफाई कराते हुए दिवालो पर कार्टून पेंटिग, खिलौनो की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए वार्ड को बिलकुल हैप्पी होम बनाने को कहा। उन्होने  एन आर सी वार्ड में भर्ती बच्चो की माताओ एवं परिवारजनों  से उनके स्वास्थ्य एवं मेनू के आधार पर दिये जाने वाले भोजन एंव दवाओ की जानकारी ली, उन्होने भर्ती हुए बच्चो का वजन एवं उनकी बिमारी सही होने के बाद ही डिस्चार्ज करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त उन्होने पर्ची काउण्टर पर ओ पी डी कक्ष मे तैनात चिकित्सको के नाम, उपस्थित रहने के दिन एवं समय की सूची चस्पा कराने तथा अस्पताल में बन्द लिफ्ट को चालू कराने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 हर गोविन्द, प्रधानाचार्य महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कालेज डा0 आनन्द मिश्रा, एव अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

पीएम मोदी का सपना 2025 तक होगा पूर्ण:प्राचार्य

राजकीय महिला महाविद्यालय गाजीपुर के प्राचार्य ने कहा 2025 तक होगा गाजीपुर टीबी मुक्त- डाक्टर सविता भरद्वाज

गाजीपुर। टीबी मुक्त भारत का सपना प्रधानमंत्री ने 2025 तक देखा है। उसी सपने को अमली रूप में लाने के लिए एक तरफ जहां क्षय रोग विभाग लगा हुआ है वहीं अब प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए राजकीय महिला महाविद्यालय गाजीपुर भी पूरी तरह से कमर कस लिया है। चल रहे सेवा पखवाड़ा के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने का सिलसिला शुरू कर दिया है। जिस के क्रम में शनिवार राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ साथ महाविद्यालय के सभी शिक्षक भी टी बी मरीजों को गोद लिया, महाविद्यालय के प्राचार्य डाक्टर सविता भरद्वाज ने दो टी बी मरीज को गोद लिया तथा शिक्षकगणों ने एक एक को गोद लिया। जहां महाविद्यालय द्वारा कुल 11 टी बी मरीजों को गोद लेकर शुभारंभ किया गया, गोद लेने वाले में प्रोफेसर (डाक्टर) उमाशंकर प्रसाद, डाक्टर विकास सिंह, डाक्टर सारिका सिंह, डाक्टर नेहा कुमारी, डाक्टर शिखा सिंह, डाक्टर गजनफर सईद , डाक्टर मनीष सोनकर, डाक्टर संगीता सिंह,ने गोंद लिया। वहीं महिला महाविद्यालय गाजीपुर के प्राचार्या डाक्टर सविता भरद्वाज ने सभी को गोद लेने के लिए आह्वाहन किया, प्राचार्य के प्रेरणा से महिला महाविद्यालय की दो छात्रा ने टी बी मरीज को गोद लेने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान किया। आज महिला महाविद्यालय के प्राचार्या एवं शिक्षक द्वारा लिए गए मरीजों को महाविद्यालय के सभागार में सम्मान के साथ न्यूट्रिशन का वितरण किया गया।

महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डाक्टर सविता भरद्वाज ने कहा कि टीबी मरीज़ हमारे ही समाज के है। और हमारे आसपास के रहने वाले लोग हैं । जिनसे दूरी बनाने की बजाय इन्हें अपनापन महसूस कराने कि आवश्यकता है ये हमारे ही बिच के लोग हैं।इन का उत्साह और मनोबल बढ़ाने कि आवश्यकता है , प्राचार्य ने कहा पोषण सहायता तो एक मनोबल बढ़ाने का और उन के साथ जुड़ने का एक माध्यम है। प्राचार्य ने कहा कि यदि हम ऐसा करते हैं तो वह दिन दूर नहीं जो प्रधानमंत्री 2025 तक टीबी मुक्त भारत का सपना देखे हैं वह सपना 2025 में अवश्य पूर्ण होगा। बस जरूरत है इसके लिए आगे आकर पहल करने का।

जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि इस के पूर्व भी महाविद्यालय द्वारा गोद लेने के लिए कार्यालय से सूचि मांगी गई थी।जिसको हम लोगों ने प्राचार्य को सूचि प्राप्त कराया था। राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा स्पष्ट कहा गया है कि जब तक गोद लिए गए टी बी मरीजों का ईलाज चलेगा तब तक उन मरीजों को पोषण सहायता हम लोगो द्वारा दिया जाता रहेगा। डाक्टर मिथिलेश सिंह द्वारा बताया गया कि राजकीय महिला महाविद्यालय में आए दिन टी बी जागरूकता कार्यक्रम, रैली इत्यादि होता रहता है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2022 से अब तक कुल 2137 क्षय रोग के मरीज हैं। जिनमें कुल अब तक गोद लिए गए मरीजों की संख्या 1108 है। गोद लेने वालों में राजकीय महिला महाविद्यालय कि प्राचार्या डाक्टर सविता भरद्वाज, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, पूर्व जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला क्षय रोग अधिकारी, पीजी कॉलेज के प्रबंधक, राजकीय महिला महाविद्यालय के शिक्षक गण के साथ अन्य कई संभ्रांत लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने का काम कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में राजकीय महिला महाविद्यालय गाजीपुर के शिक्षक डाक्टर निरंजन कुमार यादव, डाक्टर संतान कुमार राम, डाक्टर शिव कुमार डाक्टर रामनाथ केसरवानी, डाक्टर इकबाल खान, डाक्टर आनन्द चौधरी, डाक्टर शिवानी तथा महाविद्यालय के सभी कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित थे। वहीं जिला क्षयरोग विभाग के डी पी पी एम सी अनुराग कुमार पांडे,एस टी एस सुनील कुमार वर्मा , एस टी एल एस वेंकटेश प्रसाद शर्मा ,डी ई ओ / एकाउंटेंट संजय सिंह यादव ,अलीम अंसारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुई समीक्षा बैठक

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुई समीक्षा बैठक

गाजीपुर। 10 साल से 19 साल तक के किशोर और किशोरियों में एनीमिया से बचाव के लिए राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जाता है। जिसको लेकर आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार की अध्यक्षता में जनपद के समस्त ब्लॉकों से आए हुए बीपीएम, आरबीएसके टीम के साथ ही सीडीपीओ के साथ समीक्षा बैठक किया गया। इस समीक्षा बैठक में एनआई के लोग भी शामिल रहे।

प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि पिछले 2 साल से कोरोना के चलते राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम जो बंद था। यह योजना सभी विद्यालयों में आने वाले किशोर और किशोरियों को लेकर चलाया जाता है। लेकिन स्कूल बंद होने के कारण योजना बंद थी। लेकिन अब एक बार फिर से इस योजना का शुरुआत हुआ है। जिसको लेकर अब तक के हुए कार्यों की समीक्षा बैठक किया गया है। साथ ही आने वाले समय में और कितना बेहतर किया जा सकता है इसके बारे में भी रणनीति बनाई गई। उन्होंने बताया कि जनपद में यह कार्यक्रम सभी ब्लाको में संचालित किया जा रहा है।

एनआई की सुनीता सिंह ने बताया कि किशोर और किशोरियों को स्वस्थ रहने के लिए तीन बातें अपनाने जरूरी है । जिसमें एनीमिया से बचाव के लिए 10 साल से 19 साल की किशोरी जो हर हफ्ते आगनबाडी से मिलने वाली आयरन की एक नीली गोली और 6 माह पर एक बार पेट के कीड़े मारने की दवाई एल्बेंडाजोल का सेवन अवश्य करें। इसके अलावा प्रतिदिन संतुलित पौष्टिक भोजन जैसे अनाज, दालें ,हरी पत्तेदार सब्जियां ,फल व मांसाहारी है तो मीट,अंडा, मछली खाएं और खूब पानी पिए । साथ ही विटामिन सी युक्त आंवला नींबू इत्यादि का प्रयोग करें। और रोजाना खेलकूद भी करती रहें।

उन्होंने बताया कि बच्चों को एनीमिया यानी खून की कमी से बचाने के लिए हर हफ्ते एक आयरन की गोली अवश्य दें। साथ ही स्कूल में नामांकन 5 साल से 9 साल के सभी बच्चों को आईएफए की गुलाबी गोली और 10 साल से 19 साल के सभी बच्चों को आईएफए की नीली गोली देने के लिए सप्ताहिक रूप से 1 दिन सुनिश्चित करें। सभी बच्चों को हर हफ्ते दी जाने वाली आईएफ़ए की गोली खाने के लिए प्रेरित करें। कक्षा 6 वीं से 12वीं के सभी बच्चों को आईएफए की नीली गोली दे। बच्चों को मध्यान्ह भोजन के बाद आईएफ ए की गोली दे। मध्यम और गंभीर रूप से एनीमिक वाले बच्चों की पहचान करें और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर करें। छात्रों को आईएफए की गोली और संतुलित आहार के लाभ के बारे में भी उन्हें समय-समय पर जागरूक करते रहे।

इस कार्यक्रम में डीपीएम प्रभुनाथ, एबीएसए अविनाश राय के साथ ही सभी ब्लॉकों की सीडीपीओ, एबीएसए ,बीपीएम के साथ ही आरबीएसके और आरकेएसके टीम के डॉक्टर की टीम रही।

जिपं अध्यक्ष सपना सिंह ने 21 टीबी मरीजों को लिया गोद,कहा-मरीजो से दूरी बनाने की बजाय इन्हें प्यार देने की हैं जरूरत

जिपं अध्यक्ष सपना सिंह ने 21 टीबी मरीजों को लिया गोद,कहा-मरीजो से दूरी बनाने की बजाय इन्हें प्यार देने की हैं जरूरत

ग़ाज़ीपुर।टीबी मुक्त भारत का सपना प्रधानमंत्री ने 2025 तक देखा है। उसी सपने को अमली रूप में लाने के लिए एक तरफ जहां क्षय रोग विभाग लगा हुआ है वहीं अब प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी भी पूरी तरह से कमर कस लिया है। चल रहे सेवा पखवाड़ा के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने का सिलसिला शुरू कर दिया है। जिस के क्रम में शुक्रवार को जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने 1010 टीबी मरीजों को गोद लेने की स्वीकृति दिया है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह के द्वारा 21 टीबी मरीजों को गोद लिया गया था। जिसको आज उनके द्वारा न्यूट्रिशन का वितरण जिला अस्पताल स्थित क्षय रोग केंद्र पर किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि टीबी मरीज़ हमारे ही समाज के है। और हमारे आसपास के रहने वाले लोग हैं । जिनसे दूरी बनाने की बजाय इन्हें प्यार देने की जरूरत है। यदि हम ऐसा करते हैं तो वह दिन दूर नहीं जो प्रधानमंत्री 2025 तक टीबी मुक्त भारत का सपना देखे हैं वह सपना 2023 या 2024 तक पूरा कर कर सकते है बस जरूरत है इसके लिए आगे आकर पहल करने का।

जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि 18 सितंबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयुष्मान भारत का स्थापना दिवस मनाया गया था। जिसके मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह रही। उसी कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष को टीबी मरीजों को गोद लिए जाने के संबंध में जानकारी दी गई थी। और उन्होंने तत्काल 21 टीबी मरीजों को गोद लेने की घोषणा भी किया था।

उसी घोषणा के क्रम में शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह के द्वारा सभी गोद लिए हुए मरीजों को न्यूट्रिशन वितरण करने का काम किया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत के स्थापना दिवस के अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने भी सेवा पखवाड़ा के तहत टीबी मरीजों के गोद लिए जाने के संबंध में क्षय रोग विभाग से लिस्ट की मांग किया था । उन्हें विभाग के द्वारा लिस्ट उपलब्ध कराया गया जिसके बाद कुल 1010 मरीजों को विभिन्न कार्यकर्ताओं के द्वारा गोद लिए जाने का सहमति पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल ने भी 11 टीबी मरीजों को गोद लिया है।

उन्होंने बताया कि जनवरी 2022 से अब तक कुल 2137 क्षय रोग के मरीज हैं। जिनमें कुल अब तक गोद लिए गए मरीजों की संख्या 1108 है। गोद लेने वालों में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, पूर्व जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला क्षय रोग अधिकारी, पीजी कॉलेज के प्रबंधक, राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ अन्य कई संभ्रांत लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने का काम कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जे एन सिंह ,डॉ सुजीत कुमार मिश्रा, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ मृत्युंजय दुबे, अनुराग कुमार पांडे, सुनील कुमार वर्मा , वेंकटेश प्रसाद शर्मा ,संजय सिंह यादव ,महेश, गरीब ,इंद्रेश, नीतू ,अंजू सिंह , स्वेता सिंह ,संगीत सिंह, सलमान ,सर्वे तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्ययोजना के तहत डीएम ने दिया कार्यवाही का निर्देश, कहा……

गाजीपुर। विशेष संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान, संचारी रोगों, दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु गुरूवार की शाम जिलाधिकारी आर्याका अखौरी की अध्यक्षता में तृतीय चरण का द्वितीय जनपद स्तरीय अंन्तर्विभागीय समन्वय बैठक जिला पंचायत सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक मे जिलाधिकारी ने प्राप्त विभागीय कार्ययोजनाओ की समीक्षा करते हुए समस्त विभागो को कार्ययोजना के तहत ही कार्यवाही का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि संचारी रोग, दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण एवं इसके त्वरित एवं सही उपचार सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तृतीय चरण जो 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान 7 से 21 अक्टूबर के मध्य प्रस्तावित है। उन्होने कहा कि जनपद में तहसील, ब्लॉक, ग्राम स्तर पर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाते हुए आमजन को मच्छर जनित एवं संचारी रोगों से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होने निर्देश दिया कि बच्चों को स्कूलों में लार्वा पनपने के स्रोतों की न केवल जानकारी दी जाए बल्कि उनके मध्य प्रतियोगिता भी कराई जाए। सभी मलेरिया निरीक्षकों को फील्ड में एक्टिवेट किया जाए तथा हाई रिस्क गांव में युद्ध स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाय। उन्होने निर्देश दिया कि अभियान में आशा-आंगनबाड़ी साथ मे अनिवार्य रूप से भ्रमण करे। शहरी- ग्रामीण क्षेत्र में फागिग व एंटीलार्वा एक्टिविटी बढाया जायें। हैंडपंप एंव अन्य जल जमाव वाले स्थलो को चिन्हित करते हुए यह सुनिश्तिच करे कि कही भी आसपास जलजमाव ना हो, वही हैंडपंप से डेढ़ मीटर दूरी तक नाली बनवाए। सुपरक्लोरिनेशन के साथ पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित करें।  आशा-एएनएम फील्ड में सक्रियता से काम करें। जिलाधिकारी  ने विभागीय अधिकारियों से जनसंपर्क एवं जन जागरण, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, वेक्टर कंट्रोल, वातावरणीय स्वच्छता सहित विभिन्न बिंदुओं पर बिंदुवार समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अभियान की मानिटरिंग की बारीकियों को भी बताया। उन्होने निर्देश दिया कि दस्तक अभियान में आशा-आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रत्येक मकान पर क्षय रोग के संभावित रोगियों के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगी, लक्षणों वाले व्यक्ति की सूचना प्राप्त होने पर उस व्यक्ति का संपूर्ण विवरण एक लाइन लिस्टिंग फॉर्मेट में अंकित कर क्षेत्रीय एएनएम के जरिए ब्लॉक मुख्यालय को उपलब्ध कराएगी। मलेरिया विभाग के कार्यकर्ता क्षेत्रवार योजना बनाते हुए गत वर्ष में मच्छर जनित रोगों के आंकड़ों के आधार पर चयनित हाई रिस्क क्षेत्रों में वेक्टर घनत्व का आकलन भी करेंगे। उन्होने कहा कि संचारी रोगों पर नियंत्रण अभियान के तृतीय  चरण पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए इस विषय पर एक संपूर्ण सोच के साथ संबंधित विभागों के मध्य उचित समन्वय होना आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कृषि एवं सिंचाई, सूचना, उद्यान विभाग के निर्धारित उत्तरदायित्व बताया तथा अपेक्षित सहयोग किए जाने की अपेक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 हरगोविन्द,  मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0राजेश कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 उमेश कुमार, मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार एवं संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एम ओ वाई सी उपस्थित थे।

एसडीएम ने किया अवैध हॉस्पिटल को सील


गाजीपुर। शुक्रवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के निर्देश पर ब्लाक बाराचवर के लठ्ठूडीह गाँव में अवैध रूप से संचालित शिवन क्लीनिक पर उपजिलाधिकारी डा. हर्षिता तिवारी ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० उमेश कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बाराचवर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार एवं थानाध्यक्ष करीमुद्दीनपुर के औचक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान क्लीनिक की संचालक निशा गुप्ता द्वारा किसी भी प्रकार का अभिलेख व पंजीयन प्रमाण-पत्र टीम के समक्ष प्रस्तुत नही किया गया। उक्त के क्रम मे तत्काल कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से संचालित शिवम क्लीनिक के संचालक निशा गुप्ता पर सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए चिकित्सालय को सील कर दिया गया।

कालेज के प्रिंसिपल और शिक्षकों ने लिया टीबी मरीजो को गोद

राजकीय महिला कालेज के प्रिंसिपल और शिक्षकों ने लिया टीबी मरीजो को गोद

गाजीपुर। टीबी मुक्त भारत अभियान जो 2025 तक पूरा कर लेने का अभियान इन दिनों पूरे देश में चलाया जा रहा है। इसी को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के द्वारा 9 सितंबर 2022 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को राजकीय महिला महाविद्यालय, गाजीपुर के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सबिता भरद्वाज के द्वारा प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 5 टीबी मरीजों को गोद लिया। साथ ही अपने महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों को भी टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया।

राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सविता भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान में महाविद्यालय पूर्ण रूप से समर्पित है और कहा टीबी हारेगा गाजीपुर जीतेगा।

जिला कार्यक्रम समन्वयक मिथिलेश सिंह ने बताया कि राजकीय महिला महाविद्यालय के सभी शिक्षक ने एक एक टीबी मरीजों को गोद ले कर मानवता का मिसाल कायम किया है। राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य को 51 टीबी मरीजों कि सूची क्षयरोग विभाग गाज़ीपुर द्वारा उपलब्ध कराया गया।

सूची प्राप्त कराने में डीपीपीएमसी अनुराग कुमार पाण्डेय,एस टी एस सुनिल कुमार वर्मा,एस टी एल एस वैंकटेश प्रसाद शर्मा ,संजय सिंह यादव उपस्थित थे। तथा महाविद्यालय के प्राचार्य महोदया के साथ टीबी मरीजों को गोद लेने के महाविद्यालय के शिक्षक डा उमाशंकर प्रसाद, एसो.प्रो डॉ विकास सिंह, एसो. प्रो डॉ संगीता, एसो प्रो, डॉ सारिका सिंह ,एसो प्रो डॉ गजनफर, एसो प्रो, डॉ नेहा कुशवाहा ,एसो प्रो डॉ शिखा सिंह ,एसो प्रो डॉ मनीष कुमार सोनकर उपस्थित थे।

डोज के लिए लगेगा मेगा कैंप

आज पूरे जनपद में प्रकाशनरी डोज को लेकर लगेगा मेगा कैंप

गाजीपुर। कोविड-19 टीकाकरण अभियान जो पूरे देश में भारत सरकार के द्वारा निशुल्क लगाया गया। वही आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 जुलाई से 30 सितंबर तक प्रकाशनरी डोज निशुल्क लगाया जा रहा है। जिसके क्रम में 29 सितंबर गुरुवार को पूरे जनपद में मेगा कैंप के तहत 74,500 लोगों को प्रकाशनरी डोज से आच्छादित करने का कार्यक्रम चलाया जाएगा।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रदेश के समस्त जनपदों में 15 जुलाई से 30 सितंबर 2022 तक अभियान चलाकर 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को निशुल्क प्रकाशनरी डोज से आच्छादित किया जाना है। अब तक इस अभियान से प्रदेश के लक्षित 12.39 करोड़ लाभार्थियों के सापेक्ष 3.5 करोड़ से अधिक को प्रकाशनरी डोज लगाया जा चुका है। वही जनपद गाजीपुर की बात करें तो जनपद में 22.58 लाख लोगों को प्रकाशनरी डोज से आच्छादित करने का लक्ष्य दिया गया था। जिसके साथ में अब तक 8.15 लाख लोगों को प्रकाशनरी डोज लगाया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से लेकर 30 सितंबर तक प्रकाशनरी डोज आम नागरिक को निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। जबकि उसके पूर्व इसके लिए लोगों को शुल्क देना पड़ता था। वहीं उन्होंने बताया कि 29 सितंबर गुरुवार को इसके लिए अंतिम मौका है। जिसमें अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा ले। अन्यथा की स्थिति में 30 सितंबर के बाद से प्रकाशन की डोज लगाने के लिए शुल्क चुकाना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि मेगा कैंप जनपद में जिला पुरुष अस्पताल गोरा बाजार, जिला महिला अस्पताल के साथ ही सभी ब्लॉकों के सीएचसी, पीएचसी और प्रत्येक ब्लाक में 5-5 मोबाइल टीम लगेगी।

टीबी मुक्त भारत अभियान में डाक विभाग बनेगा सहयोगी

टीबी मुक्त भारत अभियान में डाक विभाग बनेगा सहयोगी, हुई बैठक

गाजीपुर। टीबी मुक्त भारत अभियान जो 2025 तक पूरा कर लेने का अभियान इन दिनों पूरे देश में चलाया जा रहा है। इसी को लेकर माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के द्वारा 9 सितंबर 2022 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत भारत को टीबी मुक्त करने एवं टीबी से ग्रसित रोगियों की देखभाल करने के लिए डाक विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को आह्वान किया था। जिस के क्रम में सोमवार को मुख्य डाकघर महुआबाग में इस अभियान को लेकर बैठक किया गया जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि महामहिम राष्ट्रपति महोदय के द्वारा डाक कर्मियों को टीबी मुक्त भारत के लिए आहवान किया गया था। जिसको लेकर सोमवार को मुख्य डाकघर में डाकपाल रामबचन राम एवं कार्यालय अधीक्षक डाकघर रोहित वर्मा के उपस्थिति में कार्यक्रम किया गया।

उन्होंने बताया की मुख्य डाकघर के सभी डाक विभाग के कर्मचारियों को टी बी लक्ष्य, जांच, उपचार एवं बचाव के बारे बताया गया। क्षयरोग के प्रति जागरूक किया गया।इसी क्रम में क्षयरोग से पीड़ित मरीजों को गोद लेने के लिए भी बताया गया। जिससे टीवी के मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके। पोस्टल विभाग के सभी कर्मचारियों एवं अधिकारी ने क्षयरोग से पीड़ित मरीजों को गोद लेने के लिए सहमति जताया। तथा अपना रजिस्ट्रेशन निक्षय मित्र के रूप में कराने के लिए सहमति प्रदान किया।

कार्यक्रम में क्षयरोग विभाग के पी पी एम अनुराग कुमार पाण्डेय,एस टी एस सुनिल कुमार वर्मा,एस टी एल एस वैंकटेश प्रसाद शर्मा, संजय सिंह यादव तथा पोस्टल विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित हुआ सम्मेलन

परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु आयोजित हुआ सास बहू बेटा सम्मेलन

गाजीपुर। परिवार नियोजन जिसको लेकर सरकार काफी गंभीर है।उसको लेकर कई तरह के कार्यक्रम भी चला रही है। जिसमें जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के साथ ही सास बहू बेटा सम्मेलन का आयोजन कर जन समुदाय तक परिवार नियोजन के संदेश देने के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली के अंतर्गत नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरगिथा पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसके सरोज की अध्यक्षता में सास बहू बेटा सम्मेलन का आयोजन किया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसके सरोज ने बताया कि सास बहू बेटा सम्मेलन के माध्यम से जन समुदाय में भारत सरकार के द्वारा चलाई जा रही परिवार नियोजन के संसाधनों के बारे में विस्तृत रूप से परिवार की महिलाओं के साथ ही पुरुषों को भी इसकी जानकारी दी जा रही है। इस कार्यक्रम को आशा और आशा संगिनी के माध्यम से सभी लोगों तक इसका संदेश पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

डीसीपीएम अनिल वर्मा ने बताया कि परिवार नियोजन की जागरूकता के लिये स्वास्थ्य महकमा गांव-गांव सास बहू सम्मेलन का आयोजन करेगा।उक्त सम्मेलन में पुरुषों की सहभागिता भी होगी। सास-बहू बेटा सम्मेलन में परिवार नियोजन के लिए चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की जानकारी से बेटे व बहू रूबरू होंगे। उक्त सम्मेलन का उद्देश्य परस्पर संवाद के माध्यम से बेटे व बहू को परिवार नियोजन से जागरूक करना है। उक्त कार्यक्रम में आदर्श दंपत्ति अपने विचारों को व्यक्त कर नव दंपतियों को जागरूक करेंगे।

बीपीएम प्रदीप सिंह ने बताया की सास-बहू बेटा सम्मेलन में परिवार नियोजन कार्यक्रमों का पालन करने वाले आदर्श दंपतियों को सम्मानित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम के लिए गांव में तैनात एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गांव में आज भी परिवार नियोजन कार्यक्रम को लेकर नव दंपतियों में जागरूकता का अभाव देखने को मिलता है। उक्त कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य दो बच्चों के मध्य अंतराल, के साथ-साथ परिवार नियोजनों के लिए चल रही योजनाओं को लेकर जागरूक करना है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुभाष सिंह यादव ,सहायक शोध अधिकारी उदय भान सिंह, बीसीपीएम हैदर अली, अनूप द्विवेदी, ओम प्रकाश, प्रवीण सिंह के साथ ही इत्यादि लोगों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।