श्रीपद कांस्य थेरेपी सेंटर का शिव प्रताप तिवारी ने किया उद्घाटन

गाजीपुर। आज के दौड़ती भागती जिंदगी में हर इंसान किसी न किसी रोग से ग्रसित है, जिसके चलते उसकी दिनचर्या अनियमित हो जाती है और उसके द्वारा अपने रोगों पर ध्यान न देने के कारण कभी-कभी गंभीर परिणाम भी भोगने पढ़ते हैं। ऐसे में आयुर्वेद के नियमों का अगर हम पालन करें तो कई बीमारियों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। ऐसे ही बीमारियों को दूर करने के लिए श्रीपद वेलनेस सेंटर का शुभारंभ सिटी स्टेशन के पास श्रीपद कांस्य थेरेपी सेंटर के नाम से किया गया।

सेंटर का उद्घाटन रविवार को राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के जिलाध्यक्ष शिव प्रताप तिवारी ने फीता काटकर किया। केंद्र के संचालक अजय कुमार तिवारी ने बताया कि श्रीपद थेरेपी सेंटर में एक्यूप्रेशर पद्धति और मसाज के जरिये इलाज की व्यवस्था है। सेंटर में मसाज के जरिये शरीर के टॉक्सिस को बाहर निकाल कर लोगो को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि सेंटर में शुगर, बीपी, शारीरिक कमजोरी, तनाव, माइग्रेन, जोड़ो, घुटनो और कमर दर्द के साथ साथ डायजेशन सिस्टम में सुधार के लिए भी लाभकारी इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है।

युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में है उद्यमिता एवं रोजगार की अपार संभावनाएं: प्रो. राघवेन्द्र

ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में है उद्यमिता एवं रोजगार की अपार संभावनाएं : प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय


गाजीपुर। रविवार को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कृषि संकाय द्वारा बी०एस-सी० (कृषि) सातवें सेमेस्टर के छात्रों के पाठ्यक्रम के अंतर्गत चलाये जा रहे ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (Rural Agricultural Work Experience- RAWE) के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में बोलते हुए पी० जी० कॉलेज के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि रावे कार्यक्रम कृषि शिक्षा को व्यवहारिक और समाजोपयोगी बनाने में अहम भूमिका निभाता है। यह कृषि स्नातकों को भविष्य के कृषि वैज्ञानिक, सलाहकार और नीति-निर्माता बनने में मदद करता है। यह एक ऐसा कार्यक्रम है जो कृषि के विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और ग्रामीण जीवन की समझ प्रदान करता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण समुदायों के साथ जुड़ाव कराना और कृषि की जमीनी समस्याओं को समझाना है। इसके अंतर्गत कृषि स्नातक कृषि के विभिन्न पहलुओं, जैसे फसल उत्पादन, पशुपालन, मिट्टी परीक्षण, जल प्रबंधन, और कृषि यंत्रों के उपयोग का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं। प्रोफेसर पाण्डेय ने कहा कि कृषि में रोजगार की अपार संभावनाएं है और ये संभावनाएं न केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित हैं, बल्कि शहरी युवाओं को भी इस क्षेत्र में उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने ने कहा कि कृषि स्नातकों द्वारा सही प्रशिक्षण, तकनीकी ज्ञान और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर कृषि क्षेत्र में सफल करियर बनाया जा सकता है।

प्रोफेसर पाण्डेय ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है और कुशल एवं दक्ष युवाओं के बदौलत ही भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा। ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों एव इसकी रूपरेखा पर बोलते हुए कहा कि छात्रों को कृषि एवं ग्रामीण विकास में वर्तमान और उभरते अवसरों व चुनौतियों से छात्रों को अवगत कराए जाने हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने कृषि स्नातक पाठ्यक्रम में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) शामिल किया है जिसके अंतर्गत छात्रों को 20 सप्ताह तक प्रशिक्षण लेना होगा, जिसमें एक सप्ताह अपने कॉलेज कैम्पस में प्रशिक्षण लेना होगा, 5 सप्ताह तक कृषि विज्ञान केंद्र में, 3 सप्ताह तक प्लांट हेल्थ क्लिनिक में, 8 सप्ताह तक गाँव में किसानों के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण, 3 सप्ताह तक एग्रो इंडस्ट्री में प्रशिक्षण और एक सप्ताह तक प्रोजेक्ट तैयार करने व प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण लेना होगा। डॉ० के० के० पटेल ने कहा कि कृषि शिक्षा और कौशल का महत्व तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि आधुनिक कृषि में वैज्ञानिक तकनीकों और प्रबंधन का समावेश हो चुका है। कृषि शिक्षा और कौशल के माध्यम से न केवल पारंपरिक खेती में सुधार किया जा सकता है, बल्कि रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। इस अवसर पर प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिव शंकर सिंह यादव, डॉ० अशोक कुमार, डॉ० हेमंत सिंह, डॉ० मनोज कुमार मिश्र, प्रोफे० (डॉ०) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ० पीयूष कांत सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कोर्डिनेटर प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने किया।

दो दिवसीय C TET परीक्षा सम्पन्न, कई परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित

दो दिवसीय सीटीईटी परीक्षा सकुशल सम्पन्न

गाजीपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा ( सीटीईटी) स्नातकोत्तर  महाविद्यालय में रविवार को सकुशल संपन्न हो गई। सीटीईटी परीक्षा के सम्बन्ध में पूछे जाने पर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि सीटीईटी की परीक्षाएं सीबीएसई द्वारा वर्ष में दो बार प्राथमिक कक्षा एक से पांच तक शिक्षण हेतु प्रथम प्रश्न पत्र और जूनियर हाईस्कूल कक्षा छह से आठवीं तक के शिक्षण हेतु द्वितीय प्रश्न पत्र के रूप छात्र – छात्राओं को पढ़ाने हेतु शिक्षकों की पात्रता परीक्षा कराई जाती है।


प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर 14 दिसंबर शनिवार को सुबह की पाली में सेकंड पेपर की परीक्षा हुई जिसमें 242 पंजीकृत परीक्षार्थीयों में 220 उपस्थित एवं 22 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह शनिवार को द्वितीय पाली में प्रथम प्रश्न पत्र में पंजीकृत 540 परीक्षार्थियों में 490 उपस्थित 50 अनुपस्थित रहे। प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि दूसरे दिन रविवार को एकल पाली में द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा हुई जिसमें पंजीकृत कुल 242 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 222 उपस्थित एवं 20 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस परीक्षा केंद्र पर सीबीएसई द्वारा डॉक्टर नीतू सिंह को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। परीक्षा की शुचिता एवं पार्दर्शिता बनाये रखने के लिए गेट पर प्रवेश के समय ही सम्बन्धित एजेंसी द्वारा परीक्षार्थियों की अधार कार्ड से बायोमैट्रिक मिलान की जा रही थी और और बायोमेट्रिक मिलान के बाद ही परीक्षार्थियों को कमरे में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही थी। इस तरह पी० जी० कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दो दिवसीय सीटीईटी की परीक्षाएं सकुशल संपन्न हो गई।

राष्ट्रीय लोक अदालत का फीता काटकर हुआ शुभारंभ

गाजीपुर।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली से प्राप्त निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में शनिवार को जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुुभारंभ पीठासीन अधिकारी एम.ए.सी.टी. संजय हरिशुक्ला एवं प्रभारी जनपद न्यायाधीश शक्ति सिंह अपर जिला जज प्रथम द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया।
पीठासीन अधिकारी एम.ए.सी.टी. संजय हरिशुक्ला द्वारा लोक अदालत के सफलता हेतु सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक निस्तारण हेतु प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश  शक्ति सिंह अपर जिला जज प्रथम द्वारा अपने संबोधन में यह कहा गया कि लोक अदालत वर्षों से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे छोटे प्रकरण जिसमें अनावश्यक रुप से मुकदमेबाजी के कारण पक्षकारो के मध्य वैमन्यस्ता विद्यमान रहती है, को समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत द्वारा अपनी सक्रीय भूमिका निभाई जा रही है।आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में एक पेशन शिविर का भी आयोजन किया गया है। जिसका शुभारंभ पीठासीन अधिकारी एम.ए.सी.टी. संजय हरिशुक्ला एवं प्रभारी जनपद न्यायाधीश  शक्ति सिंह अपर जिला जज प्रथम द्वारा फीता काटकर किया गया। उक्त शिविर में वृद्धा पेशन, दिव्यांग पेशन एवं विधवा पेशन में जिन पात्र व्यक्तियों को कोई कठिनाई आ रही है, उसके समाधान हेतु संबंधित विभागों के अधिकृत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उक्त पेंशन शिविर में जनपद गाजीपुर के दूरस्थ क्षेत्रों से आए हुए व्यक्तियों द्वारा लाभ उठाया गया। राकेश कुमार- सेवेन नोडल अधिकारी, लोक अदालत गाजीपुर एवं विजय कुमार-चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर, द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु नियत वादों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर सचिव ने बताया कि लोक अदालत से न्याय के क्षेत्र में क्रान्ति आई है और लोगो में विधिक जागरूकता भी बढ़ी हैं। उनके द्वारा जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार प्रसार हेतु किए गए प्रयासों के बारे में संक्षेप में जानकारी दी गई। सामान्य अदालत एवं लोक अदालत में अन्तर को विस्तार से बताया गया।इस अवसर पर संजय हरी शुुक्ला, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण,प्रभारी जनपद न्यायाधीश शक्ति सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष सं0-01, अलख कुमारए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एस0सी0/एस0टी0, स्वप्न आनंद, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं अन्य न्यायिक अधिकारीगण तथा अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन व न्यायालय के कर्मचारीगण उपस्थित हुए।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 116186 मामले निस्तारण हेतु नियत किये गये थे, जिसमें से सुलह समझौतें एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 106152 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किए गए। राजस्व विभाग के मामले, विभिन्न न्यायालयों द्वारा 32192 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग द्वारा कुल 73960 मामले निस्तारित किए गए।

18 दिसंबर को कांग्रेस करेगी यूपी विधानसभा का घेराव

भाजपा सरकार के कुशासन से जनता में मचा है त्राहिमाम, 18 दिसंबर को कांग्रेस करेगी यूपी विधानसभा का घेराव

गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कुशासन और गलत नीतियों की वजह से आज जनता त्राहिमाम कर रही है, अधिकारी निरंकुश हैं भ्रष्टाचार और महंगाई चरम पर हैं, किसान खेत की बजाय सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, युवाओं के पास न नौकरी है न कोई काम, टैक्स के नाम पर सरकार जनता को लूट रही है, सरकार काम की जगह जुमलेबाजी कर रही है और अपने गुजराती धन्ना सेठों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। यूपी में बिजली विभाग का ठेका गुजराती कंपनियों को, सीवर का ठेका गुजराती कंपनियों को, आज प्रदेश में बिजली की दर इतनी ज्यादा हो चुकी है कि प्रदेश का हर उपभोक्ता परेशान है, काम करने वाले भी परेशान हैं।

प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू ने कांग्रेस पार्टी के कैंप कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में बताया कि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय के आह्वान पर भाजपा सरकार के कुशासन के खिलाफ आगामी 18 दिसंबर को लखनऊ में विधानसभा का वृहद स्तर पर घेराव किया जाना सुनिश्चित है, जिसमें बड़ी संख्या में गाजीपुर के कांग्रेस कार्यकर्ता लखनऊ घेराव के लिए पहुचेंगे जिसका समर्थन कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील राम और कांग्रेस शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा के साथ मौजूद कांग्रेस जनों ने भी किया और कहा कि गांव गांव से लोग लखनऊ पहुंच घेराव में शामिल होंगे। इसके बाद इन्हीं मुद्दों पर लंका स्थित कैंप कार्यालय में राघवेंद्र प्रताप सिंह और फसाहत हुसैन बाबू ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बताया कि भाजपा सरकार आम जन के साथ गलत कर रही है, आमजन की बजाय पूंजीपतियों के लिए काम करने वाली इस सरकार के खिलाफ आगामी 18 दिसंबर को लखनऊ विधान सभा का बड़े पैमाने पर घेराव होगा। जिसमें गाजीपुर के हर ब्लॉक से और आप पास के सभी जनपदों से लोग घेराव में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचेंगे। भाजपा सरकार को उनकी कुनीतियों के चलते आम जन और हर वर्ग परेशान है, सिर्फ भाजपा सरकार के चंद पिछलग्गू पूंजीपति ही सरकार से लाभ ले रहे हैं, इन्हीं सबका विरोध कांग्रेस सड़क से सदन तक कर रही है।

इस अवसर पर प्रमुख प्रमुख रूप से पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, एआईसीसी सदस्य रविकांत राय, डॉक्टर मारकंडेय सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता बटुक नारायण मिश्रा, जनार्दन राय, पीसीसी सदस्य अजय कुमार श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश सिंह एवं हामिद अली, विद्याधर पांडे, राजीव सिंह, चंद्रिका सिंह, महबूब निशा, आशुतोष गुप्ता, ओमप्रकाश पांडे, मोहम्मद राशिद, गुलवास यादव, अखिलेश यादव, करुणा निधि राय, मोहम्मद इस्लाम अब्दुल्ला, अजय कुमार दुबे, डॉ सुमेर कुशवाहा, रतन तिवारी, प्रमिला देवी, बृजेश कुमार, श्याम नारायण, लखन श्रीवास्तव, मुसाफिर बिन्द, अरविंद कुमार मौर्य, ईनर्मल यादव, वीरेंद्र कुमार राय, सीताराम राय, झुन्ना शर्मा, राजेंद्र सिंह यादव, राघवेंद्र चतुर्वेदी, शशि भूषण राय, आशुतोष कुमार सिंह, सदानंद गुप्ता, किरण, आलोक यादव, कुंदन खरवार, इरफान, अखिलेश यादव, राजेंद्र प्रसाद बिंद आदि सैकड़ो के संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

15 दिसंबर से लगाया जाएगा एकमुश्त समाधान योजना का मेगा कैंप

एकमुश्त समाधान योजना के अंतर्गत विद्युत वितरण खण्ड प्रथम 192 जगहों पर लगाएगा मेगा कैंप

एकमुश्त समाधान योजना का पहला चरण 15 दिसम्बर से 31 दिसंबर एवं दूसरा चरण 1 जनवरी से 14 जनवरी एवं तीसरा चरण 15 जनवरी से 31 जनवरी तक रहेगा।

दस हजार से ऊपर के बकायेदारों के खिलाफ चलेगा सख्त महा चेकिंग अभियान

गाजीपुर। विद्युत वितरण खण्ड प्रथम के अंतर्गत समस्त उपकेंद्रों से निर्गत फीडरो पर कांबिंग टीम लगाकर दस हजार से ऊपर के बकायेदारों के खिलाफ संघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एकमुश्त समाधान में बकायेदारों का पंजीकरण करवाया जाएगा। अधिशाषी अभियंता प्रथम शुभेंदु शाह ने बताया कि डिविजन प्रथम में कुल दस हजार से ऊपर एक लाख तेईस हजार बकायेदार उपभोक्ता हैं। एक लाख से ऊपर के कुल आठ हजार एवं पांच लाख से ऊपर के कुल दो सौ तीन उपभोक्ता है। जिनसे बकाया वसूली के लिए बकायदे फीडर मैनेजरों की उपकेंद्र वाइज ड्यूटी लगाई गई है।  मैनेजरों के ऊपर नोडल के तौर पर संबंधित उपकेंद्रों के अवर अभियंताओं को लगाया गया है। कुल 192 एकमुश्त समाधान योजना के लिए मेगा कैंप का आयोजन उपकेंद्र वाइज चिन्हित गांवों में किया जाएगा। दिसंबर माह तक जिसमे कुल 12 अवर अभियंता इस मेगा कैंपों में कैंपिंग करके उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण करके ओटीएस में उपभोक्ताओं का पंजीयन कराकर बकाया बिल जमा करेंगे। वही 5 सहायक अभियंताओं को अपने अपने सब डिविजन में बैठकर त्रुटि बिल को सही करके ओटीएस में ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को पंजीकरण करने का निर्देश दिया गया है। आगे उन्होंने यह भी बताया कि विद्युत बकायेदारों के खिलाफ विभाग सख्त है और बकाया वसूली जमा कराने के लिए लगातार विद्युत उपभोक्ताओं के पास पहुंचा जाएगा और एकमुश्त समाधान योजना के बारे में अवगत कराकर अधिक से अधिक बकाया बिल जमा कराया जाएगा। कहा कि आवश्यकता पड़ेगी तो विजिलेंस चेकिंग भी कराई जाएगी। सभी बकायेदार उपभोक्ताओं को आगाह करते हुवे बताया कि इस एकमुश्त समाधान योजना का लाभ आप सभी लोग ले और बकाया बिल का भुगतान समय से करके विद्युत विच्छेदन से बचे।

रैन बसेरा का डीएम ने किया निरीक्षण, दिया निर्देश

गाजीपुर। हाढ़ कपा देने वाली शर्द हवा और ठण्ड का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ठण्ड से बचाव हेतु जनपद मे कुल 18 रैन बसेरा नगर पालिका परिषद द्वारा बनाया गया है जिसमें सदर तहसील में कुल -7 स्थानो में आश्रय गृह स्थल विकास भवन परीनगर, नगर पालिका चुॅगी स्टीमर घाट, जिला अस्पताल गोराबाजार, जिला महिला अस्पताल (कोतवाली के पास ), सिटी रेलवे स्टेशन गाजीपुर, रोडवेज बस स्टैण्ड एवं वार्ड न0ं-6 मॉ रामजानकी पोखरा के पास मैरेज हाल जंगीपुर में सैदपुर में -1 स्थानो में वार्ड नं0-13 गंगा नगर तहसील सैदपुर गेट के पास नगर पंचायत सैदपुर, तहसील जमानियॉ में 03 स्थानो में तहसील परिषर जमानियॉ, उपकार्यालय नगर पालिका परिषद रे0स्टे0 जमानियॉ एवं रा0बा0इ0 के पास तहसील तिराहा जमानियॉ कस्बा पर, तहसील कासिमाबाद में 01 स्थानो में नगर पंचायत बहादुरगंज वार्ड न0-8 चंडिका अस्थान, स्वागत द्वार के पास कासिमाबाद में, तहसील जखनियॉ -02 स्थानो में प्रा0 पाठ0 जखनियॉ का अतिरिक्त कक्ष, रैन बसेरा वार्ड नं0 06 सादात, तहसील सेवाराई में 01 स्थानो में पुराना नगर पंचायत कार्यालय, गुरूद्वारा के पास सेवराई, तथा तहसील मु0बाद-03 स्थानो में कृषि उत्पादन मण्डी समिति युसुफपुर मु0 बाद में रैन बसेरा, तहसील परिषद मु0 बाद एवं नगर पालिका परिसर मु0बाद में रैन बसेरा बनाये गये है। जिससे राहगीरों को ठण्ड के मौसम मे ठहरने के लिए कोई दिकक्त ना हों।


इसी क्रम मे शुक्रवार को जिलाधिकारी आर्याका अखौरी ने दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजिविका मिशन योजनाअन्तर्गत आश्रय गृह गोराबाजार एवं रेलवे स्टेशन परिसर पर बनाये गए रैन बसेरा का स्थलीय निरीक्षण कर वहा कि व्यवस्थाओ का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने रैन बसेरा मे साफ सफाई, कंबल, चारपाई, रजाई, कि उपलब्धता कि जानकारी ली। तथा उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। निरीक्षण में जिलाधिकारी ने रैन बसेरा में ठहरे हुए एक-एक राहगीर की जानकारी ली एवं उनके हाल जाना। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि किसी भी राहगीर को ठंड से किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो तथा यहां अलाव हेतु पर्याप्त मात्रा में लकड़ी की व्यवस्था रखी जाय। उन्होने कहा कि रैन बसेरा में किसी लोकल व्यक्त का ठहराव न हो इस पर विशेष ध्यान दिया जाय। उन्होंने कहां कि जिस भी राहगीर की इन्ट्री हो उसकी पहचान पत्र अवश्य देखे एवं रजिस्ट्रर पर अंकन किया जाय। आधार कार्ड के साथ मोबाईल नम्बर अवश्य अंकित किया जाय। अनावश्यक व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहेगा। इस अवसर पर नगर पालिका ई0ओ0, तहसीलदार सदर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

विषम सेमेस्टर की परीक्षा में पकड़े गए चार नकलची निष्कासित

निविश्वविद्यालय विषम सेमेस्टर की परीक्षा में चार नकलची अनुचित साधन के प्रयोग में हुए निष्कासित

गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं तीन दिसंबर से पी० जी० कालेज, गाजीपुर परीक्षा केंद्र पर सकुशल करायी जा रहीं हैं। इसकी सूचना देते हुए पी० जी० कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं इस बार दो दो घंटे की तीन पाली में हो रही हैं। सुचिता पूर्ण विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार महाविद्यालय के आंतरिक उड़ाका दल की ओर से अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए चार छात्रों का निष्कासन किया गया है। यह सभी छात्र परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पाए गए थे।


प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि विश्वविद्यालय परीक्षा पी० जी० कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भी तीनों पालियों में परीक्षा सुचिता पूर्ण संपन्न करायी जा रहीं है। इस दौरान आंतरिक उड़ाका दल के साथ प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने परीक्षा से जुड़े इंतजामों का जायजा भी लिया। उन्होंने कक्ष निरीक्षण कर परीक्षा के बाबत क्लासरूम में किए गए इंतजाम का भी निरीक्षण किया। प्राचार्य पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय की परीक्षा मानक अनुसार आगे भी होती रहेंगी। आंतरिक उड़ाका दल गेट पर ही छात्र-छात्राओं के दाखिल होने के साथ ही उनकी जांच कर रहा है। किसी भी तरीके के अनफेयर मिंस (अनुचित साधन) के प्रयोग करते हुए पाए जाने वाले छात्र छात्राओं के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

प्राचार्य के निरीक्षण के दौरान प्रोफेसर एस० एन० सिंह, डॉ० रामदुलारे, डॉ.श्रवण कुमार शुक्ला, डॉ० रामदुलारे, डॉ० आबिद अंसारी, डॉ० अविनाश राय, डॉ० शिप्रा श्रीवास्तव, डॉ० हरेंद्र सिंह, आदि मौजूद रहे।

14 दिसंबर को लोक अदालत में होगा मामलों का निस्तारण

गाजीपुर। यातायात में लंबित ई चालानो के निस्तारण हेतु 14 दिसंबर दिन शनिवार को कचहरी स्थित जनपद न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया गया है। इस लोक अदालत में लंबित ई चालानो सहित अन्य वादों का निस्तारण किया जाएगा। इस आयोजित लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने लंबित ई चालानों सहित अन्य वादों का निस्तारण कराएं।

चकबंदी कार्यों की डीएम ने की समीक्षा, दिया निर्देश

ग़ाज़ीपुर। जिलाधिकारी/जिला उप संचालक चकबन्दी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता मे गुरुवार को चकबन्दी कार्यों की गहन समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे सम्पन्न हुआ।  समीक्षा बैठक में आयुष चौधरी, मुख्य राजस्व अधिकारी/उप संचालक चकबन्दी व रमजान बख्श, बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी, चकबन्दी अधिकारी तथा समस्त सहायक चकबन्दी अधिकारी उपस्थित थे।


समीक्षा बैठक में वर्तमान में चकबन्दी प्रक्रियाधीन कुल 17 ग्रामों की ग्रामवार समीक्षा की गयी। इन 17 ग्रामों में 06 ग्राम बेमुआ, शेरपुर ढोटारी, हटवार मुरारसिंह, भैरोपुर, मखदूमपुर व दशवन्तपुर नव प्रसार के हैं, जो वर्ष 2023 एवं 2024 में चकबन्दी प्रक्रिया में सम्मिलित किये गये है। इन सभी ग्रामों में चकबन्दी प्रक्रिया निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप गतिमान है। ग्राम रायपुर बाघपुर में धारा-52 का प्रकाशन पूर्ण करते हुए शेष 10 ग्राम बबुरा, सकरा, मौधियां, तरांव (सैदपुर), तरांव (खानपुर), तिलसड़ा, दरवेपुर, बद्धोपुर, बघांव व मुड़ियार, 10 वर्ष से अधिक समय से चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत गतिमान है।

10 वर्ष से अधिक पुराने इन ग्रामों की चकबन्दी प्रक्रिया का नियमित अनुश्रवण करते हुए 02 वर्ष में पूर्ण कराने हेतु जिलाधिकारी, द्वारा निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा  उच्च न्यायालय के स्थगन से प्रभावित 03 ग्रामों, तिलसड़ा, दरवेपुर व तरांव (खानपुर) में स्थगन आदेश समाप्त कराने हेतु उच्च न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिये गये।  बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों को यह निर्देशित किया गया कि जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहकर गुणात्मक रूप से समस्याओं का निराकरण करायें तथा इस वित्तीय वर्ष में धारा-7, 8, 9, 10, 20, 23, 24, 27 एवं 52 में लक्षित ग्रामों में निष्पक्ष, पारदर्शी, समयबद्ध व गुणवत्तापरक ढंग से कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप चकबन्दी कार्य की प्रगति सुनिश्चित करें।

उप संचालक चकबन्दी/बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी/चकबन्दी अधिकारी के न्यायालयों में विचाराधीन वादों का शासन के निर्देशानुसार समयबद्ध ढंग से निस्तारण किये जाने व विभिन्न चकबन्दी न्यायालयों की पत्रावलियों एवं चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत शामिल ग्रामों के अभिलेखों का रख-रखाव बेहतर ढंग से सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये।

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