गाजीपुर। जिला समन्वयक, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन ने बताया है कि उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 का 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक अभियान चलाया जाएगा। दिव्यांगजन रोजगार अभियान के अन्तर्गत एक सप्ताह के अन्दर जनपद स्तर पर संचालित औद्योगिक इकाईयों एवं अन्य अधिष्ठानों की रिक्तियों के सापेक्ष जनपद व जनपद से बाहर दिव्यांगजन को सेवायोजित कराया जाएगा। जो भी दिव्यांगजन रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ना चाहते है, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन कार्यालय विकास भवन, गाजीपुर में सम्पर्क कर सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार की योजनाओं से जुड़ सकते है एवं विभिन्न कम्पनियों में रोजगार हेतु साक्षात्कार के उपरान्त रोजगार पा सकते है।
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महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्य सेवानिवृत्ति, डॉ शंभू शरण प्रसाद बने नए प्राचार्य
राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्य सेवानिवृत्ति, डॉ शंभू शरण प्रसाद बने नए प्राचार्य

गाजीपुर। शुक्रवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी अपनी राजकीय उच्च शिक्षा विभाग की लगभग 28 वर्ष सेवा पश्चात सेवानिवृत हो गई। इनकी सन 1998 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय, रामपुर में संस्कृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में तैनात हुई थी। तत्पश्चात आप स्थानांतरित होकर अक्टूबर 2001 में राजकीय महिला महाविद्यालय में आयी। विगत 1 मार्च 2024 में आप महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य बनी और इस पद पर 2 वर्ष 5 माह तक कार्यरत रही। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ क्लब द्वारा प्राचार्य प्रोफेसर अनीता कुमारी की सेवाओं को याद करते हुए उनका भव्य सेवा संपूर्ति समारोह मनाया गया।

सभी साथी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने इनके कार्यकाल की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दिया। सायंकाल को आपने महाविद्यालय की प्राचार्य पद का प्रभार वरिष्ठ आचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद को हस्तगत किया। समस्त महाविद्यालय परिवार ने नए प्राचार्य को पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर स्वागत किया। इस कार्यक्रम का संचालन स्टाफ क्लब की सचिव डॉ शशिकला जायसवाल एवं आभार ज्ञापन डॉ आनंद चौधरी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ शिवकुमार, डॉ विकास सिंह, डॉ संगीता, डॉ निरंजन कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार, डॉ हरेंद्र, डॉ एकलाख, डॉ नेहा कुमारी, डॉ पीयूष सिंह, डॉ मनीष सोनकर समेत समस्त प्राध्यापक एवं कार्यालय अधीक्षक राधेश्याम कुशवाहा एवं समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

शशि सिंह बनी सूचना अधिकारी
गाजीपुर। जिले में जिला सूचना विभाग में नई सूचना अधिकारी की नियुक्ति की गई है। शासन के आदेश के क्रम में शशि सिंह ने जिला सूचना अधिकारी के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। वहीं, पूर्व में रहे जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार का तबादला देवरिया कर दिया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ सूचना अधिकारी शशि सिंह के नई कार्यशैली की उम्मीद की जा रही है।
कोई भी पात्र महिला शासन की योजनाओं से न रहे वंचित: उपाध्यक्ष चारु चौधरी
गाजीपुर। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत छावनी लाइन प्रसादपुर स्थित जन सेवा केंद्र पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने महिलाओं एवं बच्चों से संवाद करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 02 महिलाओं का गोदभराई कराया तथा शिशुओं को अन्नप्राशन संस्कार किया तथा उपाध्यक्ष ने उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने उपस्थित महिलाओं से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

चारु चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र महिला शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने आश्वस्त किया कि जो भी पात्र महिला अभी तक किसी योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सकी है, उसे संबंधित विभागों के माध्यम से शीघ्र लाभान्वित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याएं एवं सुझाव भी माननीय उपाध्यक्ष के समक्ष रखे, जिनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण का आश्वासन दिया गया। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सोनी, वन स्टाफ सेन्टर के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, आशा बहुएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।


राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने छात्राओं से किया संवाद
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी के जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) महुआबाग के संवाद कार्यक्रम में उपस्थित होकर सरवस्ती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया। उसके उपरान्त उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए छात्राओं से संवाद स्थापित किया। उपाध्यक्ष ने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने, आत्मविश्वास विकसित करने तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा एवं सम्मान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। छात्राओं को विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं तथा महिला सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

उन्होने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, बाल विवाह, मानव तस्करी, साइबर अपराध तथा अन्य किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के विरुद्ध कानून सख्ती से लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न सहायता सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संकट की स्थिति में महिला हेल्पलाइन-181, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा साइबर हेल्पलाइन-1930 का तत्काल उपयोग किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त प्रत्येक जनपद में संचालित वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता, चिकित्सीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न या हिंसा होने पर भयभीत न हों, बल्कि तत्काल संबंधित विभाग, पुलिस अथवा महिला हेल्पलाइन से संपर्क करें। उन्होंने अभिभावकों से भी बालिकाओं को शिक्षा, आत्मरक्षा, डिजिटल सुरक्षा एवं उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संबंधित विभागीय अधिकारी, विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

इसी क्रम में उपाध्यक्ष द्वारा महिला चिक्त्सिालय अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरा महिला वार्ड, दवाओं की उपलब्धता की जानकारी लेते भर्ती मरीजो से उनका हाल जाना एवं खान पान के बारे में जानकारी लेते हुए सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

सीएम योगी ने जिले को दी विकास की सौगात

गाजीपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनपद गाजीपुर मे एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया। इसके साथ ही उन्होंने जनपद के विभिन्न विधान सभा क्षेत्रो मे विकास को गति प्रदान करने के लिए 692 करोड़ लागत की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी किया। एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। प्रमाण पत्र पाकर लाभार्थियों के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाये गये विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा गर्भवती महिलाओ की गोदभराई एवं नवजात शिशु का अंन्न प्रासन भी कराया गया।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजनान्तर्गत अनिमेश राय को लैपटॉप, कन्या सुमंगला योजनान्तर्गत श्रीमती सुन्दरी को रूपये 7000/-का डेमो चेक व प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री कैशलेस योजनान्तर्गत आशुतोष पाण्डेय, वन्दना यादव, दिवाकर सिंह को सांकेतिक प्रमाण पत्र, पी एम सूर्य घर योजनान्तर्गत अरूंचला नन्द राय को प्रमाण पत्र , लखपति दीदी योजनान्तर्गत लखपति दीदी प्रमाण पत्र, समूह की महिला सदस्य मधुबाला को डेमो चेक , मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत सोमारी को स्वीकृति प्रमाण पत्र, आवास योजना शहरी अन्तर्गत पूनम देवी को अनुदान राशि का प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना अन्तर्गत पुष्पा देवी को राजस्व विभाग की ओर से 05 लाख का डेमो चेक, अचल अवशेष प्रबन्धन योजनान्तर्गत रीतेश कुमार राय को 32 लाख का डेमो चेक, स्वच्छ भारत मिशन योजनान्तर्गत कंचन यादव को स्वीकृति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तहसील मोहम्मदाबाद के नवीन मंडी स्थल पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा जनपद गाजीपुर वीरो की धरती है, इस धरती को प्रमाण करते हुए उन्होने जनपद के विकास कार्याे को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को गाजीपुर में जनपद भ्रमण के दौरान 692 करोड़ रुपये की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया तथा सम्बोधन के दौरान उन्होने कहा कि इन परियोजनाओं का लाभ गाजीपुर, जखनिया, मोहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानिया, जहूराबाद व जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। सीएम ने लोकार्पण व शिलान्यास वाली योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। इस मौके पर सीएम ने जनपदवासियों से अपील की कि ऐसे जनप्रतिनिधि चुनिए, जो आपकी पैरोकारी कर सकें। ऐसे सांसद नहीं चाहिए, जो अवैध असलहा लाइसेंस बनाने में व्यस्त हों। ऐसे जनप्रतिनिधि नहीं चाहिए जो फर्जी लाइसेंस बनाकर जनता के घरों में डकैती व अवैध कब्जा करने का दुस्साहस करें।

सीएम ने कहा कि अब गाजीपुर के स्प्रिचुअल टूरिज्म से जुड़े स्थानों का विकास हो रहा है। लहुरी काशी के रूप में विख्यात गाजीपुर का अलग महत्व है। जो जनपद पौहारी बाबा का आश्रम, भगवान परशुराम, महर्षि जमदग्नि का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। सीएम ने कहा कि गाजीपुर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि डबल इंजन सरकार के साथ चलिए। पहचान का संकट, नौकरी में डकैती, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने, गरीबों का राशन खाने वाले, किसान व युवा विरोधियों को मौका न दीजिए।
मुख्यमंत्री ने वीर अब्दुल हमीद समेत रणबांकुरों व साहित्यकारों का नाम लेकर गाजीपुर की धरा को प्रणाम किया। कहा कि एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में 12000 से अधिक सैनिक/सेनाधिकारी तथा 15000 से अधिक अवकाश प्राप्त सैनिक/सेनाधिकारी रहते हैं।

गाजीपुर के रणबांकुरे देश की आजादी की लड़ाई में, कबीलाई हमले में, 1962, 1965, 1971 व 1999 के कारगिल युद्ध तथा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पीछे नहीं हटे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिंद फौज से भी यहां के दर्जनों युवा जुड़े। सीएम ने कहा कि गाजीपुर की धरती सदैव से राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का केंद्रबिंदु रही है। सीएम ने रामचरित मानस की चौपाई ‘गाधितनय मन चिंता व्यापी, हरि बिनु मरहिं न निसिचर पापी’ सुनाई। सीएम ने उस समय की कहानी भी सुनाई और कहा कि गाजीपुर ने तब भी आतंक, लूटखसोट, अराजकता के खिलाफ शंखनाद किया था, लेकिन इस धरा का नाम क्यों डूब गया? क्यों जनपद का नाम लेने से लोग कांपते और आने से डरते थे? विपक्ष पर प्रहार करते हुए सीएम ने कहा कि उन्होंने राष्ट्र नायकों के बजाय विदेशी आक्रांताओं को महिमा मंडित किया, जबकि एनडीए सरकार राष्ट्रनायकों को सम्मान देती है। 1000 वर्ष पहले राष्ट्रनायक महाराजा सुहेलदेव ने सालार मसूद को बहराइच के चित्तौरा में रौंद दिया था। उसे इस्लाम के अनुरूप सबसे कड़ी सजा दी। इसके बावजूद विपक्ष ने महाराज सुहेलदेव के नाम पर कोई आयोजन नहीं होने दिया, बल्कि ये लोग सालार मसूद गाजी का मेला लगवाते थे।

हमारी सरकार ने कहा कि सालार मसूद की नहीं, बल्कि महाराज सुहेलदेव की स्मृति में मेला लगेगा। सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य स्मारक व प्रतिमा लगवाई और मेडिकल कॉलेज बनवाया। आजमगढ़ में विश्वविद्यालय का निर्माण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गाजीपुर के तत्कालीन सांसद मनोज कुमार सिन्हा ने गाजीपुर से आनंद विहार के बीच सुहेलदेव सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन कराया और उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया। सीएम ने कहा कि राष्ट्रनायकों को सम्मान देने वाला देश/समाज आगे बढ़ता है। आक्रांताओं का सम्मान करने वालों का कोई भविष्य नहीं होता। सीएम ने कहा कि अब यहां मेडिकल कॉलेज है। चारों ओर की कनेक्टिविटी फोरलेन की हो गई। गाजीपुर से तीन से साढ़े तीन घंटे में लखनऊ जा सकते हैं जबकि पहले 8-10 घंटे लगते थे। गाजीपुर से लखनऊ, काशी, गोरखपुर की यात्रा सरल हुई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-वाराणसी हाईवे भी है। सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को यहां से चंदौली, वाराणसी से जोड़ते हुए शक्तिनगर तक ले जाएगी।

सीएम ने 10 साल पहले यूपी की हालत बताई और कहा कि अब सामने वाला यूपीवालों से गले मिलने को उतावला रहता है। अपने कार्यकर्ताओं को विकास कार्यों की लूट की छूट देने वाले हमें उपदेश न दें। विपक्ष के समय में जब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जब एक इंच काम नहीं हुआ, तब भी इन लोगों ने 3000 करोड़ का वारा-न्यारा कर दिया। हमने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनवाया। सीएम ने कहा कि असीम प्रतिभा के केंद्र युवाओं को यूपी में प्लेटफॉर्म मिला है। 12 वर्ष में पीएम स्टार्टअप, पीएम स्टैंडअप, डिजिटल भारत, मिशन रोजगार के तहत लाखों नौजवानों को नौकरी मिल रही है। यूपी में 9 साल में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को बिना सिफारिश या बिना घूस दिए सरकारी नौकरी मिली है। किसानों को फसल ऋण माफी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिल रही है। युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में जाएगी तो प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित करेगी। एनडीए सरकार अच्छे प्लेटफॉर्म के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा योजना, मिशन रोजगार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान आदि योजनाएं चल रही हैं। इन कार्यक्रमों से युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होगा।

सीएम ने कहा कि मोदी जी ने देश में केवल चार जातियां (गरीब, किसान, महिलाएं व युवा) बताईं। देशवासियों से कहा है कि 2047 तक भारत आत्मनिर्भर व विकसित होगा। गरीबी समाप्त होगी, सभी के जीवन में खुशहाली होगी। नौजवानों को काम, किसानों को उपज का बेहतर दाम और व्यापारी सुरक्षित माहौल में व्यापार बढ़ा सकेगा। बेटी-बहनों का भरपूर योगदान होगा। सीएम ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र कर उससे होने वाले लाभों को भी गिनाया। उन्होंने गाजीपुरवासियों का आह्वान किया कि सभी मिलकर विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश व विकसित गाजीपुर के सारथी बनें। नौजवान, किसान, आधी आबादी, व्यापारी विकास के लिए 10 कदम चलेंगे तो सरकार आपके साथ 100 कदम चलेगी। विकास के हर प्रस्ताव स्वीकार होंगे। त्योहारों में उपद्रव करने वाले नहीं, बल्कि इसे उत्सव में बदलने वाली सरकार चाहिए। सुरक्षा, सुशासन डबल इंजन सरकार की पहचान है और आपके जीवन में खुशहाली लाना हमारा संकल्प।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, विधायक बेदीराम, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्य़क्ष सरोज कुशवाहा जिलाध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय, पूर्व विधायक जमानिया सुनीता सिंह, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा सूनील सिंह, भानुप्रताप,विजेन्द्र राय, पूर्व मंत्री विजय मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय, अभिनव सिंन्ह, पियूष राय सहित अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधि, अधिकारी व आमजन की उपस्थिति रही।
सीएम योगी 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे
गाजीपुर। जनपद में सीएम योगी आदित्यनाथ मोहम्दाबाद में ₹692 करोड़ लागत की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण पत्रों का वितरण कार्यक्रम भी होगा।
https://www.youtube.com/live/P-T8LzrqRFc?si=Jz3R0CO6v7YePbvW
सीएम योगी से वार्ता व ज्ञापन सौंपने के लिए एसडीएम को सौंपा पत्रक
गाजीपुर में राज्य विश्वविद्यालय की मांग: मुख्यमंत्री के आगमन पर शिष्टाचार वार्ता व ज्ञापन सौंपने हेतु एसडीएम सदर को सौंपा पत्रक
जनप्रतिनिधियों से मंच से मांग उठाने की अपील
विश्वविद्यालय कि मांग पूरी कराने को लेकर भी बनाई गई रणनीति
गाजीपुर। जनपद में ‘एक जनपद – एक विश्वविद्यालय’ योजना के तहत राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर बुधवार को छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित पत्रक एसडीएम सदर विनोद जोशी को सौंपा। पत्रक के माध्यम से 30 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाजीपुर आगमन के दौरान शिष्टाचार भेंट एवं वार्ता हेतु प्रतिनिधिमंडल का नाम आधिकारिक प्रोटोकॉल सूची में सम्मिलित करने की मांग की गई है। साथ ही यह आग्रह भी किया गया कि यदि किसी कारणवश सीधी वार्ता संभव न हो पाए, तो छात्रों का यह मांग पत्र मुख्यमंत्री तक हर हाल में पहुंचाया जाए ताकि क्षेत्र के युवाओं और छात्र-छात्राओं की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो सके। पत्रक सौंपने के उपरांत पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने प्रमुखता से अपनी बात रखते हुए कहा, “गाजीपुर पूर्वांचल का एक प्रमुख जनपद है, जहाँ 360 से अधिक महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद आज तक यहाँ एक भी राज्य विश्वविद्यालय नहीं है, जिसके कारण गाजीपुर ‘विश्वविद्यालय विहीन’ बना हुआ है। विश्वविद्यालय के अभाव में उच्च व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यहाँ के छात्र-छात्राओं को मजबूरन दूसरे जिलों या राज्यों का रुख करना पड़ता है। इससे मध्यमवर्गीय व किसान परिवारों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ता है और कई प्रतिभावान ग्रामीण छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।”
दीपक उपाध्याय ने मीडिया के माध्यम से जिले के जनप्रतिनिधियों से विशेष अपील करते हुए कहा, “कल मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके साथ मंच साझा करने वाले जिले के सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों से समस्त छात्र समुदाय यह विनम्र अपील करता है कि वे मंच से गाजीपुर को राज्य विश्वविद्यालय दिए जाने की इस वाजिब और बेहद जरूरी मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष पूरी मजबूती से उठाएं। इसके साथ ही हम मीडिया बंधुओं से भी आग्रह करते हैं कि गाजीपुर के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस विषय को प्रमुखता से रेखांकित करें, ताकि गाजीपुर को उसका हक मिल सके।” प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्र नेता अभिषेक पाण्डेय ने कहा, “गाजीपुर की छात्र-छात्राओं को समान एवं सुलभ शिक्षा का अधिकार मिलना ही चाहिए। जब सरकार हर जिले में विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है, तो गाजीपुर जैसे शैक्षणिक केंद्र की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।”
छात्र नेता विकास यादव ने कहा, “हमने आज एसडीएम सदर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी तक अपनी बात पहुँचाने की पहल की है। गाजीपुर का छात्र समुदाय एकजुट है और जब तक जनपद को राज्य विश्वविद्यालय का अधिकार नहीं मिल जाता, हम निरंतर लोकतांत्रिक और सकारात्मक तरीके से प्रयास करते रहेंगे।”
विश्वविद्यालय कि मांग पूरी कराने के लिए एक रणनीति भी बनाई गई है जिसमें संयोजक के रूप में डॉ शम्मी सिंह, दीपक उपाध्याय बनाये गए हैं। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ,अभिषेक पांडेय, विकास यादव, निलेश बिन्द, विशाल मौर्या, विवेक प्रधान, अमृतांश बिन्द, रजनीश राय, अभिनव रंजन, सुधांशु पांडे सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा उपस्थित रहे।
शाह फ़ैज़ के खिलाड़ियों का स्वर्णिम प्रदर्शन, विद्यालय मे मिला सम्मान
थाईबॉक्सिंग चैंपियनशिप में शाह फ़ैज़ के खिलाड़ियों का स्वर्णिम प्रदर्शन, विद्यालय में हुआ सम्मान समारोह
गाज़ीपुर। राबर्ट्सगंज, सोनभद्र में आयोजित 4वीं उत्तर प्रदेश थाईबॉक्सिंग चैंपियनशिप-2026 में शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल, गाज़ीपुर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय एवं जनपद का नाम गौरवान्वित किया। विद्यालय के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में 10 स्वर्ण, 1 रजत एवं 3 कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार परिचय दिया।

स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों में शिल्पा यादव, अनुशा यादव, विशाखा यादव, साक्षी कुमारी, निलेश राय, कुशाग्र कटियार, अंशुमन तिवारी, नैवेद्य आनंद, कृति कौर एवं अंशिका राय शामिल रहे।
रजत पदक दीक्षा उपाध्याय ने प्राप्त किया।
कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों में आशीष खरवार, अमिति यादव एवं अनन्या राय शामिल रहीं।

इस उल्लेखनीय सफलता का श्रेय टीम के कोच देवेंद्र प्रसाद प्रजापति एवं टीम मैनेजर परवीन सुल्ताना के कुशल मार्गदर्शन और निरंतर प्रशिक्षण को भी जाता है, जिनके नेतृत्व में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में शानदार सफलता के उपरांत विद्यालय परिसर में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी, निदेशिका डॉ. मीना अधमी, प्रधानाचार्य श्री इकरामुल हक, उपप्रधानाचार्य श्री हनीफ सिद्दीकी एवं समन्वयक अंजली श्रीवास्तव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय परिवार ने सभी खिलाड़ियों, कोच एवं टीम प्रबंधन को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा भविष्य में और अधिक सफलताओं की कामना की।

मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
सुरक्षित परिवार और सशक्त समाज की दिशा में मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
गाजीपुर। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं कार्ययोजना बैठक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद में चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसव के बाद तक प्रत्येक महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता होने पर तत्काल उपचार मिल सके और मातृ मृत्यु की घटनाओं को रोका जा सके। इस बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के अंतर्गत आने वाली समस्त एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हुई।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया की बैठक में अधिकारियों ने मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की विस्तार से समीक्षा करने, उसके कारणों का विश्लेषण करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सीएचसी में भर्ती प्रसव पश्चात महिला मरीज और उनके परिजनों को प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं जलपान भी उपलब्ध कराया जाता है।
बैठक में प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा
गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और नियमित प्रसव पूर्व जांच (ANC) सुनिश्चित करना।
हाई-रिस्क (उच्च जोखिम) गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर विशेष निगरानी रखना।
सभी प्रसव संस्थागत (सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पतालों में) कराने पर जोर।
प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, संक्रमण आदि की समय पर पहचान और उपचार।
आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को उच्च स्तरीय अस्पताल में शीघ्र रेफर करने की व्यवस्था मजबूत करना।
एम्बुलेंस सेवाओं (102 एवं 108) की उपलब्धता और त्वरित संचालन सुनिश्चित करना।
आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
प्रत्येक मातृ मृत्यु की गोपनीय समीक्षा (Maternal Death Review) कर वास्तविक कारणों की पहचान करना।
परिवारों को गर्भावस्था के दौरान पोषण, नियमित जांच, संस्थागत प्रसव और खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक करना।
जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाना।
मातृ मृत्यु रोकने के लिए विशेष निर्देश
बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप किया जाए। जिन महिलाओं में रक्त की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हों, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाएं, रक्त की उपलब्धता, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ तथा आपातकालीन प्रसूति सेवाएं हर समय तैयार रहें।
सुरक्षित मातृत्व का संदेश
समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और संस्थागत प्रसव से अधिकांश मातृ मृत्यु को रोका जा सकता है।