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कांग्रेस के मासिक बैठक में ‘छात्रों की गूंज’ को सफल बनाने की बनी रणनीति

कांग्रेस की मासिक बैठक सम्पन्न, प्रयागराज के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को सफल बनाने की बनी रणनीति

गाजीपुर। जिला कांग्रेस कमेटी एवं शहर कांग्रेस कमेटी की संयुक्त मासिक बैठक बुधवार को सकलेनाबाद स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, आगामी जनआंदोलनों तथा प्रयागराज में 8 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद के विभिन्न डिग्री कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित किया जाएगा तथा उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव फसाहत हुसैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू ने कहा, “देश का छात्र और युवा आज सबसे अधिक उपेक्षित है। शिक्षा महंगी होती जा रही है, प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही से बच रही है। राहुल गांधी लगातार युवाओं की आवाज़ बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रयागराज का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम युवाओं के भविष्य की लड़ाई का नया अध्याय साबित होगा। हाल के उपचुनावों में भाजपा के मजबूत माने जाने वाले क्षेत्रों में मिली हार इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जनता अब अहंकार, झूठे प्रचार और जनविरोधी नीतियों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दे रही है।” जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील राम ने कहा, “भाजपा सरकार ने युवाओं को रोजगार के बजाय केवल वादे दिए हैं। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा का निजीकरण और लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। हाल के उपचुनावों के परिणाम बता रहे हैं कि जनता अब भाजपा की नीतियों से तंग आ चुकी है और परिवर्तन का मन बना चुकी है।”


अमिताभ अनिल दुबे, पशुपतिनाथ राय एवं रविकांत राय ने संयुक्त रूप से कहा कि “जिस सरकार को युवाओं के भविष्य की चिंता करनी चाहिए, वह केवल प्रचार और राजनीतिक प्रबंधन में व्यस्त है। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता कॉलेज-कॉलेज जाकर छात्रों को जागरूक करेगा और उन्हें बताएगा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज़ बुलंद करना ही बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम है। “उपचुनावों में भाजपा के गढ़ में मिली हार जनता के बढ़ते आक्रोश का संदेश है। देश का युवा अब झूठे नारों से नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा की बात करने वालों के साथ खड़ा हो रहा है। राहुल गांधी ने युवाओं के संघर्ष को राष्ट्रीय आंदोलन का स्वर दिया है। बैठक में प्रमुख रूप से अजय कुमार श्रीवास्तव, चंद्रिका सिंह, राजीव सिंह, हामिद अली, वरिष्ठ नेता एवं जिलाउपाध्यक्ष कुसुम तिवारी, मंसुर जैदी, राजेश विश्वकर्मा, महबूब निशा, धर्मेंद्र कुमार, प्रकाश राय, उषा चतुर्वेदी, राम नगीना पांडे, राजेश गुप्ता, सतीश उपाध्याय, मोहम्मद राशिद, नसीम अख्तर कुंदन खरवार शंभू कुशवाहा कृष्णानंद तिवारी सतीश चंद्र श्रीवास्तव राघवेंद्र चतुर्वेदी ओमप्रकाश पांडे चंद्रशेखर आर्य अरविंद कुमार जेपी पांडे शैला अंसारी तसव्वर अंसारी ओम प्रकाश पासवान अरविंद कुमार सुंदरलाल जायसवाल सत्येंद्र यादव मोहम्मद हनीफ मंसूरी आदि लोग उपस्थित रहे।

डीएम के निर्देश पर अब हर बुधवार लगेगा बिजली विभाग का मेगा कैंप

डीएम के निर्देश पर अब हर बुधवार लगेगा बिजली विभाग का मेगा कैंप

चारों विद्युत वितरण खंडों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा उपभोक्ता समाधान दिवस

गाजीपुर। जिले में विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देशन पर बिजली विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब प्रत्येक बुधवार को जनपद के चारों विद्युत वितरण खंड कार्यालयों आमघाट, लालदरवाजा, सैदपुर एवं जमानिया में मेगा उपभोक्ता समाधान कैंप आयोजित किया जाएगा।

यह कैंप प्रत्येक बुधवार को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक संचालित होगा। कैंप में उपभोक्ताओं की विद्युत बिलों में त्रुटि का संशोधन (बिल रिवीजन), खराब मीटर का परिवर्तन, विद्युत भार (लोड) बढ़ाने, विद्युत चोरी से संबंधित राजस्व निर्धारण सहित अन्य विद्युत संबंधी शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण किया जाएगा।

अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने जनपद के सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं को बिजली से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या है, वे प्रत्येक बुधवार आयोजित होने वाले इस समाधान दिवस में उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और उसका समयबद्ध समाधान प्राप्त करें।

उन्होंने बताया कि मेगा कैंप के दौरान विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

डीएम ने दिया प्रस्शति पत्र और चिल्ड्रेन ग्रोथ डिवाइस किट

गाजीपुर। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को विभिन्न लाभकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने विषयक कार्यशाला/संवाद कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में विकास खण्ड सैदपुर एवं देवकली में संपन्न हुआ।


 संवाद कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने बारी-बारी से उपस्थित समूह की महिलाओ से संवाद स्थापित कर उनके कार्यों की जानकारी ली तथा और बेहतर ढंग से कार्य करने करने को कहां। जिलधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं एवं जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं मिशन से जुड़े कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा संचालित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, स्वरोजगार गतिविधियों एवं विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र परिवार का सर्वे कर उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।  जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें बाजार उपलब्ध कराने, उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग एवं बिक्री की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सशक्त होंगी तो उनका पूरा परिवार सशक्त होगा। कार्यशाला में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी। कार्यक्रम के दौरान सैदपुर ब्लाक में ग्राम प्रशासकों को अच्छे कार्य करने पर जिलाधिकारी द्वारा प्रस्शति पत्र दिया गया तथा देवकली ब्लाक में आंगबाड़ी महिलाओं को चिल्डेªन ग्रोथ डिवाइस किट का वितरण किया गया।


कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों के गठन, बैंक लिंकेज, आजीविका गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वरोजगार योजनाओं एवं अन्य लाभार्थीपरक योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उपस्थित अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं जानकारी साझा की। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाना तथा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा। इस अवसर खंड विकास अधिकारी सैदपुर, देवकली एवं अन्य संबंधित अधिकारी, जन सामान्य, उपस्थित थे।

बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चमकीं शाह फ़ैज़ की बेटियाँ, राज्य स्तर पर दिखाएँगी दम

“मंडल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चमकीं शाह फ़ैज़ की बेटियाँ, राज्य स्तर पर दिखाएँगी दम”

गाज़ीपुर। शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल, गाज़ीपुर की तीन प्रतिभाशाली छात्राओं ने मंडल बॉक्सिंग चैंपियनशिप, वाराणसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया है। यह विद्यालय के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है।

दिनांक 03 अगस्त 2026 को आयोजित मंडल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में विद्यालय की छात्राएँ अंजलि यादव, दीक्षा उपाध्याय एवं विशाखा यादव ने अपने-अपने भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन प्राप्त किया। राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन 09 अगस्त 2026 से 13 अगस्त 2026 तक डॉ. सम्पूर्णानंद स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी में किया जाएगा।

इस उपलब्धि के पीछे विद्यालय के बॉक्सिंग कोच देवेंद्र प्रसाद प्रजापति के कुशल मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विद्यालय परिवार ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना की।विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप-प्रधानाचार्य हनीफ़ सिद्दीकी एवं समन्वयक अंजलि श्रीवास्तव ने चयनित खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर उनका स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रशासन ने छात्राओं की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

बुनकरों को दिलाया जाए शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ:डीएम

गाजीपुर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सोमवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने नंदगंज औद्योगिक क्षेत्र में नव निर्मित हथकरघा कारखाने का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में जनपद के हथकरघा बुनकरों के हित में विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। समारोह के उपलक्ष्य में हथकरघा बुनकरों के लिए प्रशिक्षण एवं संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल उन्नयन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बुनकरों को आधुनिक तकनीक, नवीन डिजाइनों तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की जानकारी देकर उनके कौशल का विकास करना है, जिससे वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि हथकरघा उद्योग स्थानीय रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि बुनकरों को आधुनिक प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके उत्पादों के लिए बेहतर विपणन (मार्केटिंग) की व्यवस्था भी आवश्यक है, ताकि उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुनकरों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके बुनकरों को जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण किट वितरित की और उन्हें अपने कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि, हथकरघा बुनकर, उद्यमी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

महिला कॉलेज में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का आयोजन

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का आयोजन

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान के शुभारंभ अवसर पर दिए गए उद्घाटन संबोधन का सजीव प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) स्वयंसेविकाओं को दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं से नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन के दिशा निर्देशानुसार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद के संरक्षण में आयोजित किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सारिका सिंह ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। नशे से दूर रहकर ही युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता का सदुपयोग कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने के साथ-साथ समाज में भी इस संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. रामनाथ केसरवानी ने अपने संबोधन में कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने स्वयंसेविकाओं से आग्रह किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को घर-घर तक पहुँचाएँ तथा अपने व्यवहार से समाज के लिए प्रेरणा बनें। इसी दौरान स्वयंसेविका आनंदी गुप्ता ने भी नशा मुक्त समाज का संदेश देते हुए अपने ओजस्वी पूर्ण विचारों को प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के शिक्षकों, छात्राओं एवं उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की सामूहिक शपथ ग्रहण की। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा किया गया । कार्यक्रम के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ ओम शिवानी, मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार, प्राध्यापक डॉ अखलाक, डॉ पीयूष एवं स्वयंसेविकाएं प्रेरणा, रिया, दिव्या, लक्ष्मी, शालिनी, मनीषा, सोनल आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती

चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती : कर्नल संजीव कुमार शाही

गाजीपुर। पी० जी० कालेज गाजीपुर में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे कला संकाय के रक्षा एव स्ट्रैटिजिक अध्ययन (सैन्य विज्ञान) विषय के शोधार्थी कर्नल संजीव कुमार शाही ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “चाइना एक्सपैंडिंग मिलिट्री एंड द डेवलपिंग थ्रेट टू अरुणाचल प्रदेश एंड अंडमान एंड निकोबार आइसलैंडस” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत और चीन एशिया की दो प्रमुख शक्तियाँ हैं। दोनों देशों के बीच लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) है, जहाँ समय-समय पर तनाव उत्पन्न होता रहा है। 1962 के युद्ध के बाद से सीमा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हाल के वर्षों में चीन ने अपने सैन्य आधुनिकीकरण और सामरिक विस्तार को तेज किया है, जिससे भारत के पूर्वोत्तर सीमावर्ती क्षेत्रों तथा हिंद महासागर क्षेत्र में नई सुरक्षा चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं। चीन ने अपनी सेना (PLA) को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया है।
तिब्बत में सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे तथा मिसाइल ठिकानों का विकास उसकी सैन्य तैयारी का महत्वपूर्ण भाग है। चीन अरुणाचल प्रदेश को तथाकथित “दक्षिण तिब्बत” बताकर उस पर दावा करता है। सीमा के निकट सैन्य बलों की तैनाती, आधुनिक हथियारों की उपलब्धता, सीमा पर अवसंरचना का विकास तथा समय-समय पर घुसपैठ जैसी घटनाएँ इस क्षेत्र को संवेदनशील बनाती हैं। भारत ने भी सीमावर्ती सड़कों, सुरंगों, पुलों, उन्नत निगरानी प्रणाली, वायुसेना ठिकानों तथा अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के माध्यम से अपनी रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ किया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है, जो विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। चीन की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार का बड़ा भाग इसी मार्ग से होकर गुजरता है। भारत की त्रि-सेवा अंडमान एवं निकोबार कमान इस क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी सामरिक शक्ति है। भारत ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं—सीमा अवसंरचना का तीव्र विकास,आधुनिक हथियारों एवं निगरानी प्रणालियों की तैनाती, अंडमान एवं निकोबार में नौसेना एवं वायुसेना की क्षमता का विस्तार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस आदि देशों के साथ रक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष निगरानी तथा समुद्री डोमेन जागरूकता को मजबूत करना, आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि चुनौतियॉ भी कम नही है जैसे सीमा विवाद और सैन्य तनाव, साइबर एवं सूचना युद्ध, हिंद महासागर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, चीन-पाकिस्तान सामरिक सहयोग और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता अपने शोध के माध्यम से कुछ सुझाव भी दिए है जैसे सीमा क्षेत्रों में अवसंरचना विकास को और गति दी जाए, आधुनिक रक्षा तकनीकों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली का विस्तार किया जाए, नौसैनिक शक्ति तथा अंडमान-निकोबार कमान को और सशक्त बनाया जाए, पड़ोसी देशों के साथ सामरिक सहयोग बढ़ाया जाए और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान एवं स्वदेशी रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाए और अंत मे कहा कि चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती है। अरुणाचल प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भारत की सुरक्षा, संप्रभुता तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी रणनीतिक भूमिका के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत को सैन्य शक्ति, कूटनीति, आर्थिक क्षमता, तकनीकी नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से इन चुनौतियों का संतुलित एवं प्रभावी ढंग से सामना करना होगा। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी कर्नल संजीव कुमार शाही ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य एव शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह, सैन्य विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ०अखिलेश कुमार सिंह चीफ प्रॉक्टर प्रोफे०(डॉ०) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार, डॉ० रविशेखर सिंह, प्रोफे० (डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ० अरुण कुमार सिंह, डॉ० शैलेन्द्र सिंह, डॉ० बद्रीनाथ सिंह, डॉ० समरेंद्र नाथ मिश्र, डॉ०अनिल कुमार पाण्डेय, डॉ० रविशंकर सिंह, डॉ० अरविंद उपाध्याय, प्रदीप सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र – छात्राएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ०अखिलेश कुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने किया।

डालिम्स सनबीम स्कूल जखनियां में आयोजित हुई पैरेंट्स मीटिंग

डालिम्स सनबीम स्कूल में आयोजित हुई पैरेंट्स मीटिंग, पैरेंट्स की उत्साहपूर्ण भागीदारी


गाजीपुर। डालिम्स सनबीम स्कूल, जखनियां में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पैरेंट्स मीटिंग) का आयोजन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की प्रगति तथा उनके सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया।


इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर आमिर अली ने सभी अभिभावकों का दिल से शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि बच्चों की बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का सहयोग विद्यालय को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।


वहीं ज्वाइन्ट डायरेक्टर रुबीना खान ने पूरे डालिम्स परिवार की ओर से सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि डालिम्स सनबीम स्कूल आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।


बैठक के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की तथा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालय प्रबंधन के साथ मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि बच्चों की सफलता में स्कूल और अभिभावकों की साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पैरेंट्स मीटिंग इसी आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

दिव्यांगों के लिए रोजगार व स्वरोजगार का सुनहरा मौका

गाजीपुर। जिला समन्वयक, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन ने बताया है कि उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 का 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक अभियान चलाया जाएगा। दिव्यांगजन रोजगार अभियान के अन्तर्गत एक सप्ताह के अन्दर जनपद स्तर पर संचालित औद्योगिक इकाईयों एवं अन्य अधिष्ठानों की रिक्तियों के सापेक्ष जनपद व जनपद से बाहर दिव्यांगजन को सेवायोजित कराया जाएगा। जो भी दिव्यांगजन रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ना चाहते है, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन कार्यालय विकास भवन, गाजीपुर में सम्पर्क कर सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार की योजनाओं से जुड़ सकते है एवं विभिन्न कम्पनियों में रोजगार हेतु साक्षात्कार के उपरान्त रोजगार पा सकते है।  

महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्य सेवानिवृत्ति, डॉ शंभू शरण प्रसाद बने नए प्राचार्य

राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्य सेवानिवृत्ति, डॉ शंभू शरण प्रसाद बने नए प्राचार्य

गाजीपुर। शुक्रवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी अपनी राजकीय उच्च शिक्षा विभाग की लगभग 28 वर्ष सेवा पश्चात सेवानिवृत हो गई। इनकी सन 1998 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय, रामपुर में संस्कृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में तैनात हुई थी। तत्पश्चात आप स्थानांतरित होकर अक्टूबर 2001 में राजकीय महिला महाविद्यालय में आयी। विगत 1 मार्च 2024 में आप महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य बनी और इस पद पर 2 वर्ष 5 माह तक कार्यरत रही। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ क्लब द्वारा प्राचार्य प्रोफेसर अनीता कुमारी की सेवाओं को याद करते हुए उनका भव्य सेवा संपूर्ति समारोह मनाया गया।

सभी साथी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने इनके कार्यकाल की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दिया। सायंकाल को आपने महाविद्यालय की प्राचार्य पद का प्रभार वरिष्ठ आचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद को हस्तगत किया। समस्त महाविद्यालय परिवार ने नए प्राचार्य को पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर स्वागत किया। इस कार्यक्रम का संचालन स्टाफ क्लब की सचिव डॉ शशिकला जायसवाल एवं आभार ज्ञापन डॉ आनंद चौधरी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ शिवकुमार, डॉ विकास सिंह, डॉ संगीता, डॉ निरंजन कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार, डॉ हरेंद्र, डॉ एकलाख, डॉ नेहा कुमारी, डॉ पीयूष सिंह, डॉ मनीष सोनकर समेत समस्त प्राध्यापक एवं कार्यालय अधीक्षक राधेश्याम कुशवाहा एवं समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।