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राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने धोबिया घाट व खिड़की घाट के पक्कीकरण और सुंदरीकरण के लिए जल शक्ति मंत्री को लिखा पत्र

गाजीपुर। जनपद  के नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत स्थित धोबिया घाट एवं खिड़की घाट के पक्कीकरण और सुंदरीकरण को लेकर राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। सांसद द्वारा उठाए गए इस मुद्दे को क्षेत्रीय जनता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि नगर पालिका गाजीपुर के अंतर्गत आने वाले धोबिया घाट और खिड़की घाट धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान हैं। इन घाटों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग स्नान, पूजा-पाठ तथा दाह संस्कार के लिए पहुंचते हैं। दाह संस्कार के उपरांत हजारों श्रद्धालु यहां स्नान करते हैं, जिससे इन घाटों की उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।

सांसद ने पत्र में कहा कि वर्तमान समय में इन घाटों की स्थिति बेहतर नहीं होने के कारण स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात एवं अन्य मौसमों में घाटों पर फिसलन, गंदगी और अव्यवस्था जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसे में घाटों का पक्कीकरण एवं सुंदरीकरण कराया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने जल शक्ति मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि जनहित एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए धोबिया घाट और खिड़की घाट के विकास कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए। सांसद ने कहा कि घाटों के सुंदरीकरण से न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नगर क्षेत्र की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा।

राज्यसभा सांसद की इस पहल को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों में खुशी और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घाटों का पक्कीकरण और सुंदरीकरण होता है तो इससे श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिलेगी तथा क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी और अधिक बढ़ेगा।

सांसद डॉ. संगीता बलवंत द्वारा उठाया गया यह मुद्दा अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।

गाजीपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध पर व्यापारियों का पलटवार, राज्यपाल को भेजा निंदा प्रस्ताव

गाजीपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध पर व्यापारियों का पलटवार, राज्यपाल को भेजा निंदा प्रस्ताव

गाजीपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने आस्तीन चढ़ाते हुए कड़ा विरोध जताया है। जिले के प्रमुख समाजसेवी, व्यापारी एवं संगठन के जिलाध्यक्ष असित सेठ के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर राज्यपाल को संबोधित निंदा प्रस्ताव सौंपा।
संगठन द्वारा दिए गए निंदा प्रस्ताव में कहा गया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन नारी सशक्तिकरण, समानता, न्याय और मानवाधिकारों के प्रति अपनी अटूट आस्था रखता है। महिलाओं ने लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में अनेक असमानताओं और चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे में नारी वंदन शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को न्याय और अधिकार दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार की एक सार्थक पहल है, जिसका संसद में विरोध गलत कदम था।
संगठन ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा इस अधिनियम का विरोध करना देश की आधी आबादी का विरोध करने जैसा है, जो पूरी तरह अनुचित है। यह किसी राजनीतिक दल की विचारधारा का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं को लंबे समय से लंबित अधिकार दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक कदम है।
जिलाध्यक्ष असित सेठ ने कहा, सशक्त नारी ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए। हमारा संगठन महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के समर्थन में सदैव खड़ा रहेगा। उन्होंने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन अग्रवाल द्वारा दिए गए नारे “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र” की भावना के साथ व्यापारियों ने जिलाधिकारी को निंदा प्रस्ताव सौंपते हुए उसे नियमानुसार राज्यपाल तक भेजने का आग्रह किया। संगठन ने शैक्षणिक, सामाजिक और अन्य संगठनों से भी महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में सकारात्मक पहल करने की अपील की।

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने ई-रिक्शा से यात्रा कर दिया ईंधन बचत का संदेश

गाजीपुर।वैश्विक स्तर पर बढ़ते ऊर्जा संकट एवं पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती खपत जैसी गंभीर चुनौतियों को देखते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में पहल करते हुए गुरुवार को एक कार्यक्रम में सहभागिता हेतु ई-रिक्शा से यात्रा की।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि आज पूरा विश्व ऊर्जा संरक्षण को लेकर चिंतित है। पारंपरिक ईंधनों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण जहां एक ओर वैश्विक स्तर पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा संसाधनों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता भी लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे समय में इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुका है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार ऊर्जा संरक्षण, “Mission LiFE” एवं स्वच्छ ऊर्जा को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उसी प्रेरणा के तहत यह प्रयास किया गया है, ताकि आमजन को ईंधन बचत एवं वैकल्पिक ऊर्जा के प्रति जागरूक किया जा सके।

राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत को कम कर इलेक्ट्रिक वाहनों, कारपूल एवं सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना आने वाले समय में देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।

उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे भी दैनिक जीवन में ऊर्जा संरक्षण को अपनाएं तथा अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों एवं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर इस जनहित अभियान का हिस्सा बनें।

उन्होंने कहा कि “ऊर्जा की बचत ही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है और ऊर्जा संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”

राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत के नेतृत्व में प्रधानमंत्री पर अपमानजनक बयान एवं महिला आरक्षण विधेयक के विरोध के खिलाफ महिला प्रतिनिधि मंडल का जन आक्रोश प्रदर्शन

गाजीपुर।गुरुवार को सरजू पांडे पार्क में महिला प्रतिनिधि मंडल द्वारा महोबा के सांसद अजेंद्र सिंह द्वारा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति की गई अमर्यादित एवं अपमानजनक टिप्पणी तथा महिला आरक्षण विधेयक के विरोध के खिलाफ जन आक्रोश प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम की अगुवाई राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने की। राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने अपने संबोधन में कहा कि देश के प्रधानमंत्री के प्रति इस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों की भावनाओं और विश्वास का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके सम्मान पर की गई टिप्पणी पूरे देश का अपमान है, जिसे मातृशक्ति कभी स्वीकार नहीं करेगी।

राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कानून देश की माताओं, बहनों एवं बेटियों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले इस विधेयक का विरोध कर विपक्ष ने महिलाओं के सम्मान एवं अधिकारों की अनदेखी करने का कार्य किया है। राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि भाजपा सरकार सदैव महिला सशक्तिकरण, सम्मान एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी इसी संकल्प के साथ कार्य करती रहेगी।

राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी एवं अपमानजनक भाषा किसी भी लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।

कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर दोनों मुद्दों की कड़ी निंदा की तथा विपक्ष से सकारात्मक राजनीति एवं महिला सम्मान के प्रति गंभीरता दिखाने की अपील की। अंत में राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्रहित, महिला सम्मान एवं लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा के लिए सदैव संघर्षरत रहेगी।

वेब सीरीज “परगना” का मुहूर्त राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने किया

वेब सीरीज “परगना” का मुहूर्त राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने किया

गाजीपुर।यश अजय फिल्म्स के बैनर तले बन रही बहुप्रतीक्षित वेब सीरीज “परगना” के शुभ मुहूर्त अवसर पर लहुरी काशी के गांव बवाड़े में मुख्य अतिथि के रूप में डा. संगीता बलवंत राज्यसभा सांसद की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर मुंबई एवं अन्य स्थानों से आए फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों, तकनीकी टीम एवं अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पूरी टीम को वेब सीरीज की सफलता हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। यह जनपद के लिए गर्व का विषय है कि इस वेब सीरीज के निर्माता अजय सिंह के साथ-साथ अनेक कलाकार भी गाजीपुर से जुड़े हुए हैं, जो स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य करेंगे।

वेब सीरीज के टाइटल सॉन्ग को मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में रजिस्टर्ड गीतकार एवं संगीतकार, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य तथा विश्व हिंदी परिषद राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य एवं विश्व हिंदी परिषद नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के प्रभारी डॉ. अवधेश बिंद द्वारा लिखा गया है, जो इस वेब सीरीज को विशेष पहचान प्रदान करेगा।

फिल्म का शुभ मुहूर्त बवाड़े गांव में समाजसेवी बच्चा सिंह के यहां संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, कलाकारों एवं आयोजकों को इस सफल आयोजन हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

एसडीएम के आदेश पर हुआ सीमांकन,पीड़ित पक्ष ने लगाया आरोप!

गाजीपुर।नंदगंज थाना क्षेत्र के चिलार गांव में एक जमीन का विवाद पिछले काफी दिनों से चला आ रहा था जिसमें एक पक्ष सूर्य नागवंशी और दूसरा पक्ष जय नारायण दुबे थे और इनका भूमि विवाद आराजी नंबर 622 में काफी दिनों से चला आ रहा है और इसी मामले को लेकर जयनारायण दुबे की तरफ से कमिश्नर वाराणसी की कोर्ट में अपील भी किया गया है और इस मामले पर अभी कोई फैसला नहीं आया । लेकिन उसके पूर्व ही उप जिला अधिकारी सैदपुर के द्वारा एक आदेश 20 अगस्त 2025 को जारी किया गया था जिसको लेकर उक्त भूमि की मेड़बन्दी और सीमांकन की कार्रवाई को लेकर राजस्व टीम को कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे जिसको लेकर रविवार को राजस्व की टीम उक्त भूमि पर कार्रवाई किया वहीं जय नारायण दुबे का कहना है कि तीन बीघा 15 विश्वा 18 धुर का उनकी रजिस्ट्री 1986 का है लेकिन तहसीलदार के द्वारा एक बीघा जमीन विपक्षी को अधिक दे दिया गया जिसको लेकर कमिश्नरी में मुकदमा किया हूं

जिसको लेकर आगामी 16 मई को तारीख भी पड़ी है लेकिन आज दीवाल जुड़वाया जा रहा है।

इसी मामले पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार विश्राम यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एसडीएम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में वह लोग मौके पर आए हुए हैं और दोनों पक्षों की सहमति से उसका अनुपालन कराया गया है इस दौरान जय नारायण दुबे की आपत्ति के मामले पर कहा कि उनके सामने किसी भी तरह का कोई आपत्ति नहीं किया है।

ग्राम प्रधानों की विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन

गाजीपुर।जनपद के समस्त विकास खंडों के सम्मानित ग्राम प्रधानों की विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में आडिटोरियम हाल में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यशाला में  फॉर्मर रजिस्ट्रीकरण, गो आश्रय स्थलों के संचालन, विकसित भारत जी राम जी योजना, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण, पंचायत सचिवालयों के संचालन, प्रधानमंत्री आवास योजना,और फैमिली आई डी के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों पर विस्तृत चर्चा व दिशा निर्देश दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपेक्षा की कि वे सभी योजनाओं में पूर्ण मनोयोग, ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ सहयोग करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने संबोधित करते हुए कहा कि जनपद में फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं है पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, कुछ लोगों द्वारा इसकी ब्लैक मार्केटिंग किया जाता है यदि कोई भी व्यक्ति ऐसा करते पाया जाता है तो उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होने ग्राम प्रधानों को कहा कि आप भूमि विवाद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं, इसलिए इस रोल का अच्छे से निर्वाह करते हुए रोड के विवाद, आबादी का विवाद एवं  गांव के निजी खेतों का विवाद को सम्भ्रांत लोगों के साथ खुली बैठक बुलाकर लेखपाल से पैमाइश कराकर आप इसका निदान कर सकते हैं, उन्होंने अनुरोध किया कि आप अपनी भूमिका को अच्छे से निभाएं।  उन्होने गौ-आश्रय स्थल के संबंध में कहा कि निराश्रित पशुओं को गौशाला भेजें एवं जिन गांवों में गौशालाएं हैं उनको प्रॉपर्ली मेंटेन किया जाए बहुत से गोवंश का मूवमेंट दूसरे जनपद या बिहार राज्य की तरफ होता है, उस पर नजर रखें इस तरह की घटना हो रही हो तो आप अपने एसडीएम या संबंधित थाने पर जरूर सूचित करें जिससे कि गौ – हत्या या पशु क्रूरता के मामले में दंडात्मक कार्रवाई हो सके। उन्होने कहा कि जनपद में बहुत से लोग सेना एवं खेल से जुड़े हैं तो इसके लिए हर ग्राम पंचायत में एक अभियान चलाकर खेल का मैदान बनाया जाए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं स्वयं सहायता समूह बनाने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है इसमें आप एक प्रेरणा का रोल अपना कर महिलाओं को स्वयं सहायता समूह में जोड़ने का कार्य करें। जिलाधिकारी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना आपका संवैधानिक अधिकार एवं जिम्मेदारी भी है, कानून व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपस में सामंजस बनाकर रखें प्रशासन आपके साथ है। उन्होने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में आप सहयोग करें जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान लाभान्वित हो सके। उन्होने कहा कि आपका कार्यकाल मई 2026 तक है अगले एक महीने में जो भी विकास कार्य करने हैं, चाहे मनरेगा हो या वित्त आयोग का पैसा हो उसको खर्च करके अधूरे कार्य को पूर्ण करायें अगर कहीं भी समस्या हो रही हो तो आप मुख्य विकास अधिकारी या जिलाधिकारी को अवगत कराए समस्या का समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार एवं भारत सरकार द्वारा बहुत सी योजनाएं चलाई जाती हैं तो इसके लिए श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन करायें जिससे कि उनको योजना का लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव में सौहार्दय का वातावरण बनाकर रखें। उन्होने ग्राम प्रधानों से कहा कि गांवो में यदि कोई भी समस्या होती है तो पहले ब्लाक स्तर या तहसील स्तर पर समाधान कराए यदि नही होता है तो जिलाधिकारी के सी0यू0जी0 नं0 9454417577 पर व्हाटसएप या काल के माध्यम से अवगत करायें। अंत में जिलाधिकारी ने अच्छे कार्य करने वाले ग्राम  प्रधानों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, प्रभारी सीडीओ/परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चन्द्र उपाध्याय मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित संबंधित अधिकारी, जनपद के समस्त सम्मानित ग्राम प्रधानगण उपस्थित रहे।

डीएम-एसपी ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ की बैठक

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा की उपस्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।  बैठक का उद्देश्य जनपद में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा, विकास कार्यों की प्रगति का आकलन और विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशानुसार सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायतीराज एवं नगर निकाय से संबंधित कार्यों की प्रगति पर ध्यान देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता एवं तत्परता बरती जाए,प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रमों को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। साथ ही, उन्होंने फील्ड स्तर पर निरीक्षण बढ़ाने, कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ करें, जिससे जनपद के समग्र विकास एवं सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने बैठक को संबोधित करते हुए जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क दृष्टि बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों एवं अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए तथा जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जाए, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना बनी रहे। बैठक में  मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक शहर राकेश मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल कुमार समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी, संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

किसी भी राष्ट्र की प्रगति में मजदूर वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण:डीएम

गाजीपुर। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
 कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने श्रमिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति में मजदूर वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके कल्याण के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
सहायक श्रमायुक्त अभिषेक सिंह द्वारा श्रमिकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। श्रमिकों को प्रमाण-पत्र एवं सम्मान देकर उनके कार्यों की सराहना की गई। जिलाधिकारी द्वारा सहायक श्रम आयुक्त को निर्देशित किया गया कि विभाग की योजनाओं का प्रचार प्रसार सभी ब्लाकों पर बैनर, पैम्लेट एवं कैंप के माध्यम से किया जाए, साथ ही सभी पात्र श्रमिकों को जागरूक एवं उनका पंजीयन भी किए जाए। श्रमिकों की समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान हेतु संबंधित अधिकारीयों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे श्रमिकों के प्रति सम्मान का भाव रखें। उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की गयी जिसका लाइव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में देखा व सुना गया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक, जिला प्रोबेशन अधिकरी, जिला सूचना अधिकारी, अधिशासी अभियंता निर्माण खण्ड- 01 व 02, एवं मनोज कुमार राजपूत श्रम प्रवर्तन अधिकारी, ज्ञानेन्द्र सिंह श्रम प्रवर्तन अधिकारी, एवं श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि कारखाना सेवायोजक प्रतिनिधि तथा ईट भट्ठा यूनियन के पदाधिकारी व बडी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।

प्रचार रैली को जनपद न्यायाधीश धमेंद्र कुमार पांडेय ने हरी झण्डी दिखाकर किए रवाना

गाजीपुर।आगामी 09 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार रैली को जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार प्रचार रैली जनपद गाजीपुर के दूरस्थ अंचलों तक जाकर आम जन को लोक अदालत से होने वाले लाभ के विषय में अवगत कराएगी। उनके द्वारा जनपद गाजीपुर के आमजन से यह अपील की गई कि ऐसे सभी व्यक्ति, जिनके छोटे-छोटे मामले वर्षों से लंबित हैं, वे लोक अदालत में उन्हें निस्तारित कराकर इस अवसर का लाभ उठाए। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज, कोर्ट सं०-01, शक्ति सिंह द्वारा लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए यह बताया गया कि दिनांक 09.05.2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है, जिसमें मुख्य कार्यक्रम जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित किया गया है। उनके द्वारा यह बताया गया कि लोक अदालत में मुख्यतः समस्त प्रकार के शमनीय आपराधिक मामले,चेक बाउंस से संबंधित धारा 138 एन.आई. एक्ट के वाद, बैंक रिकवरी वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, श्रमवाद, बिजली एवं जल के बिल से संबंधित शमनीय दण्ड वाद, वैवाहिक / पारिवारिक वाद, भूमि अध्याप्ति वाद, सेवानिवृत्ति के परिलाभों सम्बंधी मामले, राजस्व वाद, अन्य सिविल वाद आदि मामले निस्तारित किए जाएगे।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैलोज चन्द्रा, अपर जिला जज अली रजा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड, सिविल बार संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र विक्रम सिंह व सचिव अंजनी ठाकुर सहित बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारीगण व अधिवक्ता उपस्थित रहे।