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बुनकरों को दिलाया जाए शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ:डीएम

गाजीपुर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सोमवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने नंदगंज औद्योगिक क्षेत्र में नव निर्मित हथकरघा कारखाने का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में जनपद के हथकरघा बुनकरों के हित में विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। समारोह के उपलक्ष्य में हथकरघा बुनकरों के लिए प्रशिक्षण एवं संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल उन्नयन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बुनकरों को आधुनिक तकनीक, नवीन डिजाइनों तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की जानकारी देकर उनके कौशल का विकास करना है, जिससे वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि हथकरघा उद्योग स्थानीय रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि बुनकरों को आधुनिक प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके उत्पादों के लिए बेहतर विपणन (मार्केटिंग) की व्यवस्था भी आवश्यक है, ताकि उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुनकरों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके बुनकरों को जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण किट वितरित की और उन्हें अपने कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि, हथकरघा बुनकर, उद्यमी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा शिवभक्तों के लिए निःशुल्क जलपान सेवा शिविर का शुभारंभ

विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा शिवभक्तों के लिए निःशुल्क जलपान सेवा शिविर का शुभारंभ

गाजीपुर।सावन के प्रथम सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने जाने वाले श्रद्धालु शिवभक्तों की सेवा रविवार को रौजा तिराहा पर VHP बजरंग दल द्वारा निःशुल्क जलपान सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया।

इस सेवा शिविर के माध्यम से कांवड़ यात्रियों एवं शिवभक्तों के लिए शीतल पेयजल, फल एवं जलपान की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। बजरंग दल के कार्यकर्ता पूरी श्रद्धा एवं समर्पण भाव से शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।

शुभारंभ में VHP जिला अध्यक्ष बिपिन श्रीवास्तव, VHP जिला मंत्री विनीत सिंह, VHP जिला सह मंत्री ओमप्रकाश पांडेय, बजरंग दल जिला संयोजक रविराज हिंदू, बजरंग दल सदर संयोजक विनोद विंद, बजरंग दल सदर गौ रक्षा प्रमुख विशाल गुप्ता, VHP नगर अध्यक्ष अनुराग चौहान, जेपी चौरसिया प्रतिनिधि पूर्व मंत्री विजय मिश्रा, राम निवास बजरंग दल नगर सह संयोजक की गरिमामयी उपस्थिति रही।

VHP बजरंग दल ने सभी शिवभक्तों का स्वागत करते हुए उनके मंगलमय एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की। समाज के सभी लोगों से इस सेवा कार्य से जुड़ने का आह्वान किया।

चकिया से अयोध्या धाम गई श्रद्धालुओं की यात्रा सकुशल संपन्न

चकिया से अयोध्या धाम गई श्रद्धालुओं की यात्रा सकुशल संपन्न

गाजीपुर(चकिया)। ग्राम चकिया से मौनी बाबा सेवा दल के तत्वावधान में समाजसेवी एवं अध्यक्ष संतोष पांडेय के नेतृत्व में अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। 51 श्रद्धालुओं का दल अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण कर सकुशल वापस लौट आया।
इस पावन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन-पूजन किया। जिसमें विशेष रूप से हनुमानगढ़ी, श्री राम जन्मभूमि, सीता रसोई, जटायु किला, दशरथ महल सहित अन्य पवित्र स्थलों की यात्रा शामिल रही। सभी श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से भगवान श्री राम एवं हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और भक्ति देखने को मिली। “जय श्री राम” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। यात्रा के सफल आयोजन में रामलीला समिति चकिया के सदस्यों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
समाजसेवी संतोष पांडेय ने बताया कि इस प्रकार की धार्मिक यात्राएं समाज में आस्था, एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सहयोग और अनुशासन की सराहना की।
ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं की सकुशल वापसी पर खुशी व्यक्त करते हुए इस यात्रा को सफल और प्रेरणादायक बताया। सभी ने भगवान श्री राम से क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

महिला कॉलेज में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का आयोजन

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का आयोजन

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान के शुभारंभ अवसर पर दिए गए उद्घाटन संबोधन का सजीव प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) स्वयंसेविकाओं को दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं से नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन के दिशा निर्देशानुसार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद के संरक्षण में आयोजित किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सारिका सिंह ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। नशे से दूर रहकर ही युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता का सदुपयोग कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने के साथ-साथ समाज में भी इस संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. रामनाथ केसरवानी ने अपने संबोधन में कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने स्वयंसेविकाओं से आग्रह किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को घर-घर तक पहुँचाएँ तथा अपने व्यवहार से समाज के लिए प्रेरणा बनें। इसी दौरान स्वयंसेविका आनंदी गुप्ता ने भी नशा मुक्त समाज का संदेश देते हुए अपने ओजस्वी पूर्ण विचारों को प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के शिक्षकों, छात्राओं एवं उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की सामूहिक शपथ ग्रहण की। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा किया गया । कार्यक्रम के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ ओम शिवानी, मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार, प्राध्यापक डॉ अखलाक, डॉ पीयूष एवं स्वयंसेविकाएं प्रेरणा, रिया, दिव्या, लक्ष्मी, शालिनी, मनीषा, सोनल आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती

चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती : कर्नल संजीव कुमार शाही

गाजीपुर। पी० जी० कालेज गाजीपुर में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे कला संकाय के रक्षा एव स्ट्रैटिजिक अध्ययन (सैन्य विज्ञान) विषय के शोधार्थी कर्नल संजीव कुमार शाही ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “चाइना एक्सपैंडिंग मिलिट्री एंड द डेवलपिंग थ्रेट टू अरुणाचल प्रदेश एंड अंडमान एंड निकोबार आइसलैंडस” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत और चीन एशिया की दो प्रमुख शक्तियाँ हैं। दोनों देशों के बीच लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) है, जहाँ समय-समय पर तनाव उत्पन्न होता रहा है। 1962 के युद्ध के बाद से सीमा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हाल के वर्षों में चीन ने अपने सैन्य आधुनिकीकरण और सामरिक विस्तार को तेज किया है, जिससे भारत के पूर्वोत्तर सीमावर्ती क्षेत्रों तथा हिंद महासागर क्षेत्र में नई सुरक्षा चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं। चीन ने अपनी सेना (PLA) को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया है।
तिब्बत में सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे तथा मिसाइल ठिकानों का विकास उसकी सैन्य तैयारी का महत्वपूर्ण भाग है। चीन अरुणाचल प्रदेश को तथाकथित “दक्षिण तिब्बत” बताकर उस पर दावा करता है। सीमा के निकट सैन्य बलों की तैनाती, आधुनिक हथियारों की उपलब्धता, सीमा पर अवसंरचना का विकास तथा समय-समय पर घुसपैठ जैसी घटनाएँ इस क्षेत्र को संवेदनशील बनाती हैं। भारत ने भी सीमावर्ती सड़कों, सुरंगों, पुलों, उन्नत निगरानी प्रणाली, वायुसेना ठिकानों तथा अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के माध्यम से अपनी रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ किया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है, जो विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। चीन की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार का बड़ा भाग इसी मार्ग से होकर गुजरता है। भारत की त्रि-सेवा अंडमान एवं निकोबार कमान इस क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी सामरिक शक्ति है। भारत ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं—सीमा अवसंरचना का तीव्र विकास,आधुनिक हथियारों एवं निगरानी प्रणालियों की तैनाती, अंडमान एवं निकोबार में नौसेना एवं वायुसेना की क्षमता का विस्तार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस आदि देशों के साथ रक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष निगरानी तथा समुद्री डोमेन जागरूकता को मजबूत करना, आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि चुनौतियॉ भी कम नही है जैसे सीमा विवाद और सैन्य तनाव, साइबर एवं सूचना युद्ध, हिंद महासागर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, चीन-पाकिस्तान सामरिक सहयोग और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता अपने शोध के माध्यम से कुछ सुझाव भी दिए है जैसे सीमा क्षेत्रों में अवसंरचना विकास को और गति दी जाए, आधुनिक रक्षा तकनीकों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली का विस्तार किया जाए, नौसैनिक शक्ति तथा अंडमान-निकोबार कमान को और सशक्त बनाया जाए, पड़ोसी देशों के साथ सामरिक सहयोग बढ़ाया जाए और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान एवं स्वदेशी रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाए और अंत मे कहा कि चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती है। अरुणाचल प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भारत की सुरक्षा, संप्रभुता तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी रणनीतिक भूमिका के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत को सैन्य शक्ति, कूटनीति, आर्थिक क्षमता, तकनीकी नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से इन चुनौतियों का संतुलित एवं प्रभावी ढंग से सामना करना होगा। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी कर्नल संजीव कुमार शाही ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य एव शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह, सैन्य विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ०अखिलेश कुमार सिंह चीफ प्रॉक्टर प्रोफे०(डॉ०) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार, डॉ० रविशेखर सिंह, प्रोफे० (डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ० अरुण कुमार सिंह, डॉ० शैलेन्द्र सिंह, डॉ० बद्रीनाथ सिंह, डॉ० समरेंद्र नाथ मिश्र, डॉ०अनिल कुमार पाण्डेय, डॉ० रविशंकर सिंह, डॉ० अरविंद उपाध्याय, प्रदीप सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र – छात्राएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ०अखिलेश कुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने किया।

डालिम्स सनबीम स्कूल जखनियां में आयोजित हुई पैरेंट्स मीटिंग

डालिम्स सनबीम स्कूल में आयोजित हुई पैरेंट्स मीटिंग, पैरेंट्स की उत्साहपूर्ण भागीदारी


गाजीपुर। डालिम्स सनबीम स्कूल, जखनियां में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पैरेंट्स मीटिंग) का आयोजन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की प्रगति तथा उनके सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया।


इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर आमिर अली ने सभी अभिभावकों का दिल से शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि बच्चों की बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का सहयोग विद्यालय को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।


वहीं ज्वाइन्ट डायरेक्टर रुबीना खान ने पूरे डालिम्स परिवार की ओर से सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि डालिम्स सनबीम स्कूल आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।


बैठक के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की तथा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालय प्रबंधन के साथ मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि बच्चों की सफलता में स्कूल और अभिभावकों की साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पैरेंट्स मीटिंग इसी आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

436 शिकायत पत्र में 40 का निस्तारण

436 शिकायत पत्र में 40 का निस्तारण

गाजीपुर।जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण के लिए शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील कासिमाबाद में अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा की उपस्थिति में तहसील सभागार सम्पन्न हुआ। जिसमे 86 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए मौके पर 04 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातों तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 436 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 40 शिकायत/प्रार्थना पत्रो  का निस्तारण किया गया।
इसी क्रम में तहसील सदर में 46 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें 07 का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील मुहम्मदाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 76 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 14 का मौके पर निस्तारण किया गया। जमानियॉ तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 49 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 05 का निस्तारण किया गया। तहसील जखनियॉ में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 86 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 04 निस्तारण किया गया। तहसील सैदपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 48 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 02 का निस्तारण किया गया एवं तहसील सेवराई में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 45  शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें  04 का मौके पर निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कराया तथा शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी विवाद और आपसी विवाद एक ही विषय से सम्बन्धित होते है इस लिए राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विवादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। तहसील के समस्त लेखपालों को निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता की छोटी-छोटी समस्याएँ जिनका तत्काल निस्तारण किया जा सकता है। उसके लिए किसी व्यक्ति को परेशान न किया जाये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय, उपजिलाधिकारी कासिमाबाद, तहसीलदार कासिमाबाद, क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद एवं समस्त जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

दिव्यांगों के लिए रोजगार व स्वरोजगार का सुनहरा मौका

गाजीपुर। जिला समन्वयक, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन ने बताया है कि उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 का 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक अभियान चलाया जाएगा। दिव्यांगजन रोजगार अभियान के अन्तर्गत एक सप्ताह के अन्दर जनपद स्तर पर संचालित औद्योगिक इकाईयों एवं अन्य अधिष्ठानों की रिक्तियों के सापेक्ष जनपद व जनपद से बाहर दिव्यांगजन को सेवायोजित कराया जाएगा। जो भी दिव्यांगजन रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ना चाहते है, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन कार्यालय विकास भवन, गाजीपुर में सम्पर्क कर सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार की योजनाओं से जुड़ सकते है एवं विभिन्न कम्पनियों में रोजगार हेतु साक्षात्कार के उपरान्त रोजगार पा सकते है।  

महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्य सेवानिवृत्ति, डॉ शंभू शरण प्रसाद बने नए प्राचार्य

राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्य सेवानिवृत्ति, डॉ शंभू शरण प्रसाद बने नए प्राचार्य

गाजीपुर। शुक्रवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी अपनी राजकीय उच्च शिक्षा विभाग की लगभग 28 वर्ष सेवा पश्चात सेवानिवृत हो गई। इनकी सन 1998 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय, रामपुर में संस्कृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में तैनात हुई थी। तत्पश्चात आप स्थानांतरित होकर अक्टूबर 2001 में राजकीय महिला महाविद्यालय में आयी। विगत 1 मार्च 2024 में आप महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य बनी और इस पद पर 2 वर्ष 5 माह तक कार्यरत रही। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ क्लब द्वारा प्राचार्य प्रोफेसर अनीता कुमारी की सेवाओं को याद करते हुए उनका भव्य सेवा संपूर्ति समारोह मनाया गया।

सभी साथी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने इनके कार्यकाल की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दिया। सायंकाल को आपने महाविद्यालय की प्राचार्य पद का प्रभार वरिष्ठ आचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद को हस्तगत किया। समस्त महाविद्यालय परिवार ने नए प्राचार्य को पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर स्वागत किया। इस कार्यक्रम का संचालन स्टाफ क्लब की सचिव डॉ शशिकला जायसवाल एवं आभार ज्ञापन डॉ आनंद चौधरी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ शिवकुमार, डॉ विकास सिंह, डॉ संगीता, डॉ निरंजन कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार, डॉ हरेंद्र, डॉ एकलाख, डॉ नेहा कुमारी, डॉ पीयूष सिंह, डॉ मनीष सोनकर समेत समस्त प्राध्यापक एवं कार्यालय अधीक्षक राधेश्याम कुशवाहा एवं समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

शशि सिंह बनी सूचना अधिकारी

गाजीपुर। जिले में जिला सूचना विभाग में नई सूचना अधिकारी की नियुक्ति की गई है। शासन के आदेश के क्रम में शशि सिंह ने जिला सूचना अधिकारी के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। वहीं, पूर्व में रहे जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार का तबादला देवरिया कर दिया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ सूचना अधिकारी शशि सिंह के नई कार्यशैली की उम्मीद की जा रही है।