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नराकास गाजीपुर को राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार

नराकास गाजीपुर को राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार

मुंबई में हिंदी दिवस एवं राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान मिला सम्मान

गाजीपुर। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग की ओर से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), गाजीपुर को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट, प्रभावी एवं सराहनीय कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान मुंबई में आयोजित हिंदी दिवस एवं राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
नराकास, गाजीपुर को यह प्रतिष्ठित उपलब्धि जनपद में स्थित विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, बैंकों एवं सार्वजनिक उपक्रमों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आधिकारिक पत्राचार में हिंदी के प्रयोग, डिजिटल माध्यमों में हिंदी को बढ़ावा देने तथा नियमित बैठकों एवं कार्यशालाओं के सफल आयोजन के आधार पर मिली है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से नराकास गाजीपुर से जुड़े कार्यालयों एवं संस्थानों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर नराकास गाजीपुर के अध्यक्ष विनय शंकर ने समिति के सभी सदस्य कार्यालयों, संस्थानों के प्रमुखों एवं राजभाषा अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक कार्यालय या व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि नराकास गाजीपुर से जुड़े सभी सदस्य कार्यालयों की निष्ठा, निरंतर प्रयास और सामूहिक योगदान का परिणाम है। यह सम्मान राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि नराकास गाजीपुर भविष्य में भी राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास, प्रभावी क्रियान्वयन और सरल एवं सुगम प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नई कार्ययोजनाओं के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी।

डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के कार्यक्रम का डीएम ने किया शुभारंभ,रक्तदाताओं का हुआ सम्मान

गाजीपुर।उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ जनपद शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं महासंघ के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जनहित एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान नियमित रूप से रक्तदान करने वाले लोगों को जिलाधिकारी द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होने कहा कि हमारे द्वारा किया जाने वाला प्रत्येक कार्य जनहित एवं जनकल्याण की भावना से प्रेरित होना चाहिए। कोई भी कार्य केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने गाजीपुर जनपद में बाढ़ की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए, जिससे बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सके और आमजन को होने वाली परेशानियों से प्रभावी ढंग से निजात दिलाई जा सके। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी एवं प्रभावी उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि जनपद के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क, पुल, नाली, जल निकासी, सिंचाई एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्थायित्व पर विशेष ध्यान देते हुए ऐसी कार्ययोजनाएं बनाई जाएं, जो भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर तैयार हों। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता एवं प्रशासनिक सोच के समन्वय से गाजीपुर जनपद में आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराएं। कार्यक्रम में महासंघ के पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

प्रभारी मंत्री ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर की बैठक,दिए निर्देश

सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक जनभागीदारी के साथ होंगे विभिन्न कार्यक्रम

गाजीपुर। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग उ0 प्र0 सरकार/जनपद प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों की अंतरविभागीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत, जिलाध्यक्ष भाजपा ओमप्रकाश राय, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बैठक में सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से मंत्री जी के समक्ष प्रस्तुत की गई। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल में किए गए जनकल्याणकारी कार्यों, नीतिगत सुधारों तथा विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है। अभियान के अंतर्गत 13 प्रमुख कार्यक्रमों के साथ विभिन्न विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने मन्त्री जी को अवगत कराया कि सभी संबंधित अधिकारियों के माध्यम से अभियान के प्रत्येक कार्यक्रम की पूर्व तैयारी, विभागवार कार्ययोजना, जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती तथा समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जा रहे है।

प्रभारी मंत्री ने निर्देशित किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन सूची तैयार की जाए। साथ ही जनपद में विगत 9 वर्षों में हुए विकास कार्यों एवं योजनाओं से आए सकारात्मक बदलावों का विवरण, फोटो, वीडियो एवं सफलता की कहानियों का डेटा तैयार किया जाए, ताकि अभियान के दौरान इन्हें प्रभावी ढंग से जनसामान्य तक पहुंचाया जा सके। अभियान की कार्ययोजना में विकास कार्यों एवं लाभार्थियों के ‘पहले और बाद’ के बदलाव को भी प्रदर्शित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियानकृसरकार आपके द्वार’, ‘रंगोली राष्ट्र’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चौलेंज’ तथा ‘जनसेवा महाकुंभ’ जैसे 13 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

17 सितम्बर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के अंतर्गत सायं 7 बजे दीप प्रज्वलन होगा। साथ ही ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगों को उपकरण, उद्यम विभाग द्वारा लाभार्थियों को टूल किट वितरित किए जाएंगे। वहीं ‘सेवा मेरा योगदान’ के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता, नदी-घाटों की सफाई, वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, नशामुक्ति, मतदाता जागरूकता सहित विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

‘सेवा सेतु अभियान, सरकार आपके द्वार’ के अंतर्गत विकासखंड, विधानसभा स्तर पर बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन एवं यथासंभव मौके पर ही स्वीकृति की प्रक्रिया सुनिश्चित किए जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान केवल आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी तथा योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर नगरीय क्षेत्र तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी समन्वय के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे तथा प्रतिदिन की प्रगति को निर्धारित माध्यम पर दर्ज किया जाएगा।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों एवं नगरीय क्षेत्रों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों, महिला स्वयं सहायता समूहों, एनसीसी, एनएसएस एवं माई भारत वॉलंटियर्स की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान की गतिविधियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक प्रचार-प्रसार दिए जाने पर भी जोर दिया जाएगा।

प्रभारी मन्त्री ने कहा कि जनपद के समस्त संभ्रांत नागरिकों, स्वयं सेवी, सहित अन्य के साथ समन्वय करते हुए आशीर्वाद का दिया के अंतर्गत अपने घरों में उस दिन दिया जलाने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रभारी मंत्री ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम के पूर्व समस्त सरकारी भवनों एवं स्मारकों, गो आश्रय स्थलों सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर साफ़ सफाई की जाए। इसके साथ ही अनाथालय, वृद्धा आश्रम आदि जगहों पर भी अपनी सेवा अवश्य प्रदान करें। इसके साथ ही प्रमुख परियोजनाओं, स्थलों पर दीप प्रज्वलित किए जाएं, मेडिकल कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रतियोगिताओं में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाए, अखंड ज्योति निकाली जाए, सेवा मेरा योगदान अंतर्गत 25 तरह की गतिविधियां निर्धारित है इसमें सभी की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु जागरूक किया जाए। एनसीसी द्वारा मानव श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

बैठक में समस्त संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कटरिया कांड के आरोपियों से मिले अखिलेश यादव, एक-एक कर ली मुकदमे की जानकारी

कटरिया कांड के आरोपियों से मिले अखिलेश यादव, मुकदमे की ली जानकारी

गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में कटरिया कांड में आरोपी बनाए गए सपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी आरोपियों से एक-एक कर मुकदमे की वर्तमान स्थिति और घटना से अब तक हुई कानूनी कार्रवाई की जानकारी ली।

सपा के जिला उपाध्यक्ष आमिर अली ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कटरिया कांड से जुड़े मामले में घटना के दिन से लेकर अब तक की पूरी जानकारी ली। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत कर मामले की स्थिति को समझा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आमिर अली के अनुसार, अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सभी लोग आपसी एकजुटता और मेहनत के साथ इस समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रयास करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए मामले में आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन का आश्वासन भी दिया।

एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत 14 मांगों पर किसान सभा का विधानसभा मार्च

14 सूत्री मांगों को लेकर 7 अक्टूबर को लखनऊ विधानसभा मार्च करेगी किसान सभा

एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज-बिजली बिल माफी और बंद चीनी मिलों को चालू कराने की मांग

गाजीपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और 14 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश किसान सभा (सम्बद्ध अखिल भारतीय किसान सभा) आगामी 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को लखनऊ में विधानसभा मार्च करेगी। मार्च सुबह 11 बजे प्रस्तावित है। मंगलवार को नगर के मिश्रबाजार में आयोजित प्रेसवार्ता में किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने इसकी जानकारी देते हुए किसानों, मजदूरों और आमजन से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचने की अपील की। राजेंद्र यादव ने कहा कि किसान सभा किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने, कृषि लागत कम करने, कर्ज और बिजली बिल से राहत देने तथा किसान-मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग को लेकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती भारत में संगठित किसान आंदोलन के जनक रहे हैं और उनकी किसान हितों की संघर्षशील परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विधानसभा मार्च किया जा रहा है।

किसान सभा की प्रमुख मांगों में C2+50 प्रतिशत के आधार पर गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,762 रुपये, धान 4,508 रुपये, गन्ना 736 रुपये और आलू 1,700 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने तथा इसकी कानूनी गारंटी देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही किसान, मजदूर, छात्र एवं युवाओं के बकाया बिजली बिल और कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई जाएगी। संगठन ने किसान, मजदूर, बुनकर और दस्तकारों को 60 वर्ष की आयु के बाद महिला और पुरुष दोनों के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार से 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की गारंटी देने की मांग की है। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील तथा बिजली संशोधन बिल 2022 वापस लेने की मांग भी की गई है। किसान सभा ने उत्तर प्रदेश में वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने की मांग उठाई है। इसमें गाजीपुर की नंदगंज और मथुरा की छाता चीनी मिल को विशेष रूप से चालू कराने की मांग शामिल है। संगठन ने तालाबों के आवंटन में मल्लाह समुदाय के अधिकार सुनिश्चित करने तथा संबंधित ग्राम पंचायत में पात्र मल्लाह उपलब्ध नहीं होने पर अन्य गरीब पात्र लोगों को आवंटन करने की मांग की है। वहीं, 132 लैण्ड की जमीन पर वर्षों से बसे गरीब मजदूरों को मालिकाना हक देने, भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को दरकिनार कर जमीन लेने की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा चंदौली, वाराणसी, मथुरा, नोएडा और गौतमबुद्ध नगर में चल रही भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही निरस्त करने की मांग भी उठाई जाएगी। किसान सभा ने गाजीपुर की अफीम फैक्ट्री का उल्लेख करते हुए किसानों के लिए पोस्त की खेती का लाइसेंस पुनः शुरू करने तथा मथुरा में दुग्ध उद्योग स्थापित करने की मांग की है। निजी विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में अधिक शुल्क का मुद्दा उठाते हुए गरीब किसान-मजदूर परिवारों को सस्ती एवं बेहतर शिक्षा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की गई है। संगठन ने प्रदेश के सभी पंप कैनालों को पूरी क्षमता से संचालित कर खेतों तक पानी पहुंचाने तथा मथुरा के गोवर्धन और छाता क्षेत्र में नहरों में पर्याप्त पानी और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। किसान सभा ने दैवीय आपदा और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर मिलने वाली सरकारी सहायता का लाभ बटाईदार और पेशगी किसानों को भी देने की मांग की है। इसके अलावा रसोई गैस, यूरिया और डीएपी की कीमतों को कम करने तथा किसानों के लिए कृषि एवं घरेलू जरूरतों की लागत घटाने की मांग की गई है। संगठन ने देश में भ्रष्टाचार और कथित रूप से अर्जित अवैध संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराकर ऐसी संपत्तियों का उपयोग गरीब एवं कमजोर वर्ग के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में किए जाने की मांग भी 14 सूत्री मांगपत्र में शामिल की है। विधानसभा मार्च में अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष राजन क्षीर सागर, महासचिव आर. वेंकैया, डॉ. गिरीश शर्मा, अरविंद राज स्वरूप, बलदेव सिंह, के.डी. सिंह, पूर्व विधायक एवं उत्तर प्रदेश किसान सभा के प्रांतीय महासचिव राजेंद्र यादव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एडवोकेट छीतर सिंह, इम्तियाज बेग, डॉ. रामचंद्र सरस और बलराम पटेल समेत कई किसान नेता वक्ता के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का नेतृत्व राजेंद्र यादव (पूर्व विधायक एवं महासचिव, उत्तर प्रदेश किसान सभा) तथा एडवोकेट छीतर सिंह (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा) करेंगे। आयोजक मंत्री परिषद में देवेंद्र मिश्रा, रामकुमार भारती, राधेश्याम यादव, दीनानाथ त्रिपाठी, जनार्दन राम, अशोक मिश्रा, ओमप्रकाश प्रधान, अजय सिंह, जयशंकर सिंह, रामबरन सिंह, रणधीर सुमन एडवोकेट, आनंद चौरसिया, अशोक तिवारी, सुभाष पटेल, बुफरान अहमद, शारदा पांडेय और शशिकांत कुशवाहा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।

जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

गाजीपुर। जनगणना 2027 के प्रपत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम जोड़ने और नागरिकों को जाति दर्ज कराने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का समुचित आकलन करने के लिए जातिगत आंकड़ों का उपलब्ध होना आवश्यक है। ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आंकड़े सामने आने से आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सकेगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों में जातिगत सर्वेक्षण के माध्यम से सामाजिक आंकड़े जुटाने की पहल की गई है। इसी तर्ज पर केंद्र सरकार को भी जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम शामिल कर जातिगत आंकड़े एकत्र करने चाहिए। साथ ही जाति संबंधी जानकारी दर्ज करते समय त्रुटियों को कम करने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा ने कहा कि देश की आबादी में पिछड़े वर्गों की बड़ी हिस्सेदारी है, लेकिन उनकी वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित अद्यतन एवं व्यापक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया तो पिछड़े वर्गों की वास्तविक भागीदारी और जरूरतों का सही आकलन मुश्किल होगा। कांग्रेस सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए संघर्ष करती रहेगी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि जातिगत जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी मिलने पर ही सरकार उनके लिए प्रभावी नीतियां तैयार कर सकती है। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एवं एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि पिछड़े वर्गों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में उनकी जनसंख्या के अनुपात में अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए जातिगत जनगणना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक समानता, भागीदारी और न्याय की लड़ाई को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि जनगणना 2027 के प्रपत्र में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने तथा जातियों की प्रमाणित सूची उपलब्ध कराने के संबंध में केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
इस दौरान हामिद अली, चंद्रिका सिंह, महबूब निशा, सुमन चौबे, राशिद, उषा चतुर्वेदी, शबीहूल हसन, रईस अहमद, ताहिर अब्बासी, कुंदन खरवार, संतोष कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा और आदिल सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शाह फ़ैज़ स्कूल में मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस

शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल में संस्थापिका मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस

संघर्ष, सेवा और शिक्षा के प्रति समर्पण को किया गया याद, जरूरतमंदों में बांटी गई राशन सामग्री

गाज़ीपुर। शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल, गाज़ीपुर में सोमवार को विद्यालय की संस्थापिका स्वर्गीय मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस समारोह का आयोजन श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा से जुड़े रोचक तथ्यों, सुविचारों, कविताओं और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए विशेष प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा कराई। उन्होंने कहा कि मैडम सईदा फ़ैज़ का जीवन शिक्षा, संघर्ष, सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके विचार और आदर्श आज भी विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके समर्पित योगदान के लिए निदेशक डॉ. नदीम अधमी द्वारा भेंट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उनके व्यक्तित्व, कृतित्व तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को याद किया गया।

अपने संबोधन में निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान को विस्तार से साझा किया। उन्होंने उनकी विभिन्न उपलब्धियों और दूरदर्शी सोच को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

निदेशिका डॉ. मीना अधमी ने मैडम फ़ैज़ के पारिवारिक जीवन, सामाजिक सरोकारों और उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। वहीं प्रधानाचार्य इकरामुल हक ने उनके साथ बिताए विद्यालय जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैडम फ़ैज़ से उन्होंने एक महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की—किसी व्यक्ति की कमजोरी को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। उन्होंने सदैव दूसरों की गरिमा और सम्मान का ध्यान रखा, जो उनके व्यक्तित्व की महानता को दर्शाता है।

इस अवसर पर वक्ता लव कुश पांडेय ने कहा कि शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल मैडम सईदा फ़ैज़ की तपस्थली रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी विद्यालय के प्रत्येक कोने में दिखाई देता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि “शरीर नश्वर है, किंतु महान व्यक्तित्वों की आत्मा और उनके आदर्श सदैव अमर रहते हैं।”

कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए विद्यालय परिवार की ओर से गाज़ीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के बीच राशन सामग्री का वितरण भी किया।

हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान: जनपद न्यायाधीश

हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान : जनपद न्यायाधीश

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हिंदी दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, न्यायिक अधिकारियों ने रखे विचार

गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जय प्रकाश यादव के निर्देशन में सोमवार को जनपद न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव ने कहा कि भारत विविध भाषाओं, जातियों और धर्मों वाला विशाल देश है। व्यापार, संस्कृति और सामाजिक संबंधों के कारण देश के विभिन्न राज्यों के लोग एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में आपसी संवाद और व्यवहारिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसी भाषा की आवश्यकता है, जिसे अधिक से अधिक लोग आसानी से समझ और बोल सकें। उन्होंने कहा कि हिंदी लिखने, बोलने और समझने में सरल भाषा है। हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार एवं सम्मान सुनिश्चित करना है, क्योंकि हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और बंधुत्व को मजबूत करने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है। भाषा और संस्कृति को संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजय हरी शुक्ला ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को हिंदी के प्रति जागरूक करना है। जब तक हिंदी का व्यवहारिक रूप से अधिकाधिक प्रयोग नहीं होगा, तब तक इसके विकास को अपेक्षित गति नहीं मिल सकती। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में भी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी लोक अदालत शक्ति सिंह ने कहा कि भाषा विचारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। व्यक्ति अपने विचार, भाव-भंगिमा और अनुभव भाषा के माध्यम से ही दूसरों तक पहुंचाता है। हिंदी इस अभिव्यक्ति को सहज और प्रभावी बनाने वाली महत्वपूर्ण भाषा है। सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड ने कहा कि हिंदी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में शामिल है। भारत में बड़ी संख्या में लोग हिंदी का प्रयोग करते हैं। भाषा विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम है और देश के अलग-अलग क्षेत्रों में भाषाई विविधता के बावजूद हिंदी राष्ट्रीय एकता और आपसी संवाद को मजबूत करने में सहायक है ।संगोष्ठी में अपर सिविल जज (जू.डि.) हार्दिक सिंह, अपर सिविल जज (जू.डि.) मोनी वर्मा, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय, बृजभूषण श्रीवास्तव, गौतम द्विवेदी एवं राजन पाण्डेय ने भी हिंदी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर श्वेता वर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-03, संजय के लाल, स्पेशल जज (ईसी एक्ट), राम अवतार प्रसाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कक्ष संख्या-01, विजय कुमार-चतुर्थ, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या-01 सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, विद्वान अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।

साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को राहत, साइबर सेल ने लौटाए 5.57 लाख रुपये

साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को गाजीपुर साइबर सेल ने दिलाई राहत, 5.57 लाख रुपये कराए वापस

बैंकों और डिजिटल पेमेंट संस्थानों से समन्वय कर ठगी की रकम कराई होल्ड, विधिक प्रक्रिया के बाद पीड़ितों के खातों में लौटाई धनराशि

गाजीपुर। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को झांसे में लेकर बैंक खातों, एटीएम/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल कर ठगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए गाजीपुर साइबर सेल ने 92 पीड़ितों को राहत दिलाते हुए कुल 5 लाख 57 हजार 44 रुपये की धनराशि सुरक्षित कराकर वापस उनके बैंक खातों में पहुंचाई है। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं नोडल अधिकारी साइबर के मार्गदर्शन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल को गृह मंत्रालय के अधीन I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के MRM पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन-शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर सेल की टीम ने शिकायतें प्राप्त होते ही संबंधित बैंकों, डिजिटल पेमेंट गेटवे और अन्य वित्तीय एवं तकनीकी संस्थानों से समन्वय स्थापित किया। साइबर अपराधियों के खातों में ट्रांसफर की गई धनराशि को समय रहते होल्ड और लीन कराया गया। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर कुल 5,57,044 रुपये की धनराशि पीड़ितों के मूल बैंक खातों में वापस कराई गई।

92 पीड़ितों को मिली राहत

साइबर सेल की इस कार्रवाई से जनपद के 92 आवेदक/पीड़ित लाभान्वित हुए। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी होने के बाद शुरुआती समय में की गई शिकायत धनराशि को सुरक्षित कराने में बेहद महत्वपूर्ण होती है।

साइबर ठगी से बचने को पुलिस की अपील

गाजीपुर पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी के कहने पर AnyDesk, TeamViewer अथवा अन्य स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध क्यूआर कोड स्कैन करने से भी बचें।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस के अनुसार, ठगी की घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और उसे वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साइबर सेल की टीम

इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक विवेक पाठक (प्रभारी, साइबर क्राइम सेल), आरक्षी शिवम सिंह, आरक्षी शुभम सिंह एवं आरक्षी प्रेमशंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जनभागीदारी से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प,गाजीपुर में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान

जनभागीदारी से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प,गाजीपुर में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सेवा संकल्प अभियान के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि शासन के निर्देशानुसार व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान का आयोजन होना है। जिसमें प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवाकाल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत 2047 के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम अंतर्गत प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती पर टूल वितरण सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी विभागों के प्रमुख विकास कार्यों/अवस्थापना परियोजनाओं, शिक्षण संस्थानो, पंचायत सचिवालय, अन्नपूर्णा भवन सहित अन्य स्थानों पर आशीर्वाद का दीया जलाया जाएगा।

विद्यालयों में ड्राइंग, भाषण आदि प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आंगन मिलन सेवा अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, लाभार्थी माता का सम्मान किया जाएगा एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश की वृहद अवस्थापना एवं जनोउपयोगी परियोजनाओं से लाभार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को भी प्रदर्शित किया जाएगा। सेवा ज्योति कलश यात्रा विकसित भारत का संकल्प कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इस दौरान विकास खंडों में सेवा शिविरों का आयोजन किया जाएगा, स्वास्थ्य मेला आयोजित किए जाएंगे, मानव समूह और रंगोली का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य कार्यक्रम जन भागीदारी से आयोजित किया जाएंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को कार्यक्रम के सकुशल संपादन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा कार्यक्रमों के फोटोग्राफ तथा वीडियो ससमय पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वेद सिंह चौहान, जिला विकास अधिकारी राजन राय, परियोजना निदेशक सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी गण कर्मचारी गण उपस्थित रहे।