साईं मंदिर गंगा घाट पर यूनियन बैंक के कर्मचारियों ने किया श्रमदान, लिया स्वच्छता का संकल्प
गाजीपुर। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय गाजीपुर पश्चिम की ओर से ‘‘स्वच्छता ही सेवा’’ अभियान के तहत ‘‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’’ श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन साईं मंदिर गंगा घाट पर किया गया। अभियान का नेतृत्व क्षेत्रीय प्रमुख विनय शंकर, क्षेत्रीय आश्वासन प्रमुख राकेश रंजन एवं एलडीएम राजदेव कुमार ने किया। कार्यक्रम में बैंक के 50 से अधिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए घाट परिसर में श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख विनय शंकर ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ पहल के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ समाज की नींव है। प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने देश को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।
साई घाट पर चला स्वच्छता अभियान, 2500 लोगों ने लिया सहभागिता
गाजीपुर। स्वच्छ सेवा संकल्प के तहत नगर पालिका परिषद गाजीपुर की ओर से गुरुवार को साई घाट पर व्यापक स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। अभियान में राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण विहारी राय, जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार अग्रवाल सहित सभासद एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सहभागिता की।
अभियान में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हुए। इस दौरान साई घाट परिसर में व्यापक सफाई के साथ ही वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में करीब 2500 लोगों की सहभागिता रही।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. धीरेन्द्र कुमार राय के नेतृत्व में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान लोगों को स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
पश्चिम बंगाल भ्रमण से लौटीं महिला पीजी कॉलेज की छात्राएं, ज्ञान और अनुभव से हुईं समृद्ध
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर के भूगोल विभाग की 33 छात्राएं भौगोलिक क्षेत्र भ्रमण एवं सर्वेक्षण कार्य पूरा कर बुधवार को पश्चिम बंगाल से महाविद्यालय वापस लौटीं। छात्राओं का महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद ने स्वागत किया।
प्राचार्य ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह शैक्षणिक यात्रा निश्चित रूप से उन्हें नए अनुभवों और ज्ञान से समृद्ध करने वाली रही होगी। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान छात्राओं को विभिन्न भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। महाविद्यालय की ओर से यात्रा के दौरान छात्राओं के कुशलक्षेम के लिए लगातार आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया गया।
भूगोल विभाग की 33 छात्राओं ने डॉ. निरंजन कुमार यादव के नेतृत्व में यह शैक्षणिक यात्रा पूरी की। छात्राओं के सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए डॉ. शिव कुमार और डॉ. ओम शिवानी भी उनके साथ रहे।
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने कोलकाता स्थित इंडियन म्यूजियम, बोटेनिकल गार्डन, हावड़ा बंदरगाह, बेलूर मठ, स्वामी विवेकानंद की जन्मस्थली, विक्टोरिया मेमोरियल, साइंस सिटी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया। इसके अलावा गंगासागर के मिलन स्थल-मोहाना और दीघा तट का भी अध्ययन किया गया। वापसी के दौरान छात्राओं ने पटना साहिब का भी भ्रमण किया।
यात्रा के दौरान छात्राओं को क्षेत्रीय भूगोल, तटीय एवं नदीय भौगोलिक विशेषताओं, जैव विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और स्थानीय संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिला। छात्राओं ने इस यात्रा को ज्ञानवर्धक, नवोन्मेषी और यादगार बताया।
आर्या, अक्षिता, गुड़िया, अंशु, अंजली, पल्लवी, अर्पिता, रिया और जसिका समेत अन्य छात्राओं ने कहा कि यह शैक्षणिक यात्रा उनके जीवन के सबसे अच्छे अनुभवों में से एक रही। प्रत्यक्ष क्षेत्र अध्ययन और विभिन्न स्थानों के अवलोकन से उन्हें कक्षा में पढ़ाई गई विषय-वस्तु को व्यवहारिक रूप से समझने में काफी मदद मिली।
बराह जी मंदिर गंगा घाट पर चला स्वच्छता अभियान, युवाओं ने किया श्रमदान
गाजीपुर। स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत जिला गंगा समिति की ओर से बुधवार को सैदपुर स्थित बराह जी मंदिर गंगा घाट पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों को स्वच्छता व्यवहार अपनाने तथा गंगा नदी और जल निकायों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा।
जिला परियोजना अधिकारी, नमामि गंगे बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसके बाद 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत श्रमदान, स्वच्छता अभियान, स्वच्छता शपथ सहित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं एवं अन्य प्रतिभागियों ने गंगा स्वच्छता एवं संरक्षण की शपथ ली। इसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से श्रमदान करते हुए गंगा घाट की साफ-सफाई की और लोगों से घाटों को स्वच्छ रखने की अपील की। इस अवसर पर रवि कांत नागर, मनीष, प्रदुम्न, बृजेश नागर, वकील निषाद, प्रवेश यादव, अजय, अभिषेक, रितेश, गोविंद, मनीष राजभर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
जिला कारागार का संयुक्त निरीक्षण, मोबाइल प्रवेश रोकने के लिए चेकिंग अभियान के निर्देश
गाजीपुर। जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बुधवार को संयुक्त रूप से जिला कारागार गाजीपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने कारागार चिकित्सालय, महिला एवं पुरुष बैरक, रसोईघर तथा सीसीटीवी संचालन व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कारागार चिकित्सालय में भर्ती बंदियों से उनकी बीमारियों, उपचार, खान-पान एवं साफ-सफाई के संबंध में जानकारी ली गई। अधिकारियों ने हवालात कार्यालय में रखे स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की। इसके बाद बारी-बारी से सभी बैरकों का निरीक्षण करते हुए बंदियों के कार्ड पर दर्ज अगली पेशी की तिथि भी चेक की गई।रसोईघर के निरीक्षण के दौरान प्रतिदिन तैयार होने वाले भोजन के मेन्यू की जानकारी ली गई तथा भोजन की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि कारागार के अंदर किसी भी दशा में मोबाइल फोन अथवा अन्य प्रतिबंधित उपकरणों का प्रवेश न होने पाए। इसके लिए रोस्टर तैयार कर नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही कारागार की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा गया।
65वें राष्ट्रीय ललित कला पुरस्कार से सम्मानित हुए सम्भावना कला मंच के चित्रकार पंकज शर्मा
गाजीपुर। जिले के मुहम्मदाबाद क्षेत्र के हरिबल्लमपुर गांव निवासी चित्रकार पंकज शर्मा को राष्ट्रीय ललित कला अकादमी, नई दिल्ली की ओर से आयोजित 65वें राष्ट्रीय ललित कला पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी रेखांकन कृति ‘हेलोड ट्रैवलर-2nd’ के लिए प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के साथ पंकज शर्मा ने गाजीपुर जिले से राष्ट्रीय ललित कला अकादमी का यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले चित्रकार के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है। पंकज शर्मा, हरिबल्लमपुर निवासी अमर देव शर्मा एवं रम्भा देवी के ज्येष्ठ पुत्र हैं। वह पिछले करीब 15 वर्षों से स्वतंत्र कलाकार के रूप में कला साधना कर रहे हैं। उन्होंने चित्रकला में स्नातकोत्तर की शिक्षा राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर से तथा स्नातक (पेंटिंग) की शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने भारत भवन, भोपाल और दिल्ली में स्वतंत्र कलाकार के रूप में कई वर्षों तक अपनी कला साधना जारी रखी। शिक्षा के दौरान पंकज शर्मा ने प्रख्यात चित्रकार डॉ. राज कुमार सिंह के साथ मिलकर गाजीपुर में ‘सम्भावना कला मंच’ की नींव रखी। मंच के माध्यम से वह निरंतर कला गतिविधियों, प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं और विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। पंकज शर्मा की अब तक करीब आठ एकल चित्रकला प्रदर्शनियां आयोजित हो चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने देश-विदेश की अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सामूहिक कला प्रदर्शनियों, कला शिविरों और कार्यशालाओं में भी सहभागिता की है। उनकी कलाकृतियां देश-विदेश के अनेक कला-प्रेमियों एवं कला संग्रहकर्ताओं के निजी संग्रहों में शामिल हैं। कला के क्षेत्र में उन्हें विभिन्न छात्रवृत्तियां, फेलोशिप, पुरस्कार एवं सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। 65वें राष्ट्रीय ललित कला पुरस्कार के लिए चयन पंकज शर्मा की करीब डेढ़ दशक लंबी कला-साधना और निरंतर रचनात्मक प्रयोगों की राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है। उनकी कला में गाजीपुर की मिट्टी, ग्रामीण जीवन और मानवीय संबंधों की गहरी संवेदनाएं दिखाई देती हैं, जिसने उन्हें राष्ट्रीय कला परिदृश्य में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। पंकज शर्मा को यह सम्मान 29 सितंबर 2026 को ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के रविन्द्र भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया। समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, संयुक्त सचिव के.के. मिश्र तथा ललित कला अकादमी के सचिव प्रभारी राजीव कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। बताया गया कि 29 सितंबर का कार्यक्रम पुरस्कार प्राप्त कलाकारों के सम्मान समारोह के रूप में आयोजित किया गया था। राष्ट्रीय ललित कला पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों को अक्टूबर माह में राष्ट्रपति के हाथों औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पंकज शर्मा ने अपने माता-पिता, गुरुजनों और पत्नी श्रीमती चंचल शर्मा को दिया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ सम्भावना कला मंच और पूरे गाजीपुर में हर्ष और गौरव का माहौल है। पंकज शर्मा की उपलब्धि ने चित्रकला के क्षेत्र में गाजीपुर का नाम राष्ट्रीय फलक पर पहुंचाया है।
भरे पानी में आरसीसी नाले की ढलाई का आरोप, सभासद ने तकनीकी जांच की उठाई मांग
“जलभराव रोकने के लिए बन रहा नाला, निर्माण में ही जलभराव का खतरा!”
गाजीपुर। नगर पालिका परिषद गाजीपुर के वार्ड संख्या-21 महात्मा गांधी नगर में मिश्र बाजार स्थित विशाल ड्रेसेज से परसपुरा तिराहा होते हुए गिरधर सिन्हा के मकान तक कराए जा रहे आरसीसी नाला निर्माण को लेकर तकनीकी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। वार्ड निवासी/सभासद सोमेश मोहन राय ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्माण कार्य की तत्काल स्थलीय एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि लालदरवाजा के पास नाले में जमा पानी को निकाले बिना ही आरसीसी की ढलाई की जा रही है। पानी भरे होने के कारण सीमेंट-बालू का मिश्रण बहने से नाले की निचली सतह की पकड़ कमजोर होने और निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि नाले में पानी का स्वाभाविक प्रवाह कोतवाली से परसपुरा की ओर है। ऐसे में नाले का निर्माण उसी दिशा में उचित ढलान के साथ किया जाना चाहिए, लेकिन आरोप है कि निर्माण परसपुरा से कोतवाली की ओर कराया जा रहा है। इससे नाले का समुचित ढलान प्रभावित होने और भविष्य में जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माणाधीन नाले की चौड़ाई अधिक है, जबकि जिस आउटफाल नाले में इसे जोड़ा जाना है, उसकी चौड़ाई काफी कम है। निकासी की क्षमता कम होने की स्थिति में तेज बारिश के दौरान पानी बैक मारने से आसपास के क्षेत्र में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
सोमेश मोहन राय ने बताया कि उन्होंने पूर्व में अधिशासी अधिकारी और अवर अभियंता सिविल को व्यक्तिगत रूप से मामले से अवगत कराते हुए सुधार का अनुरोध किया था, लेकिन उनके अनुसार मौके पर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भरे पानी में हो रही ढलाई तत्काल रुकवाने, निर्माण कार्य का तकनीकी निरीक्षण कराने, नाले का उचित ढलान निर्धारित करने तथा आउटफाल की चौड़ाई और निकासी क्षमता को दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे सरकारी धन के सदुपयोग के साथ ही क्षेत्रवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सकेगी। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्य राजस्व अधिकारी/प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय गाजीपुर तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद गाजीपुर को भी अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
कम मानदेय और नौकरी जाने की धमकी से परेशान मीटर रीडर, आउटसोर्स निगम में शामिल करने की उठाई आवाज
सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को सौंपा पत्रक, बोले- वर्षों से काम कर रहे, अब परिवार चलाना हुआ मुश्किल
गाजीपुर। वर्षों से आउटसोर्स के माध्यम से विद्युत विभाग के लिए काम कर रहे मीटर रीडरों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। आउटसोर्स निगम में शामिल किए जाने और न्यूनतम मजदूरी दिए जाने की मांग को लेकर जिले के मीटर रीडरों ने कासिमाबाद क्षेत्र में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई और मांगों से संबंधित पत्रक सौंपा।मीटर रीडरों का कहना है कि वे लंबे समय से विद्युत उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने और बिल उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं, लेकिन वर्षों की सेवा के बावजूद उनके भविष्य को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। रीडरों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर उन्हें आउटसोर्स निगम में शामिल करने की दिशा में अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं हुई है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।गाजीपुर जिले में करीब 300 मीटर रीडर विद्युत उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर मीटर रीडिंग और बिलिंग का कार्य करते हैं। यह कार्य *मेसर्स टीडीएस कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है। रीडरों के मुताबिक उनसे प्रोब, ओसीआर, बिलिंग टारगेट सहित कई जिम्मेदारियां पूरी कराई जाती हैं और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार फील्ड में काम कराया जाता है।
काम का दबाव, मानदेय बेहद कम होने का आरोप
मीटर रीडरों का आरोप है कि उनकी जिम्मेदारियों और कार्य के दबाव के अनुरूप उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उनके अनुसार कई रीडरों के खाते में करीब दो से तीन हजार रुपये प्रतिमाह ही भुगतान किया जाता है। रीडरों का कहना है कि जब वे कंपनी से न्यूनतम मजदूरी और उचित भुगतान की मांग करते हैं तो कथित तौर पर उन्हें काम से हटाने की धमकी दी जाती है। रीडरों का कहना है कि एक तरफ उनसे लगातार बिलिंग लक्ष्य पूरा करने और फील्ड में जाकर काम करने की अपेक्षा की जाती है, वहीं दूसरी तरफ कम मानदेय के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इससे वे आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
सरकार से निगम में शामिल करने की मांग
मीटर रीडरों ने कहा कि वे वर्षों से विभाग के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी आउटसोर्सिंग निगम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उनकी नौकरी और परिवार के भविष्य को लेकर सुरक्षा मिल सके। साथ ही उन्होंने न्यूनतम मजदूरी के अनुसार मानदेय दिए जाने की मांग उठाई।बकासिमाबाद क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सर्जभर से मुलाकात के दौरान मीटर रीडरों ने अपनी समस्याओं और कार्य परिस्थितियों की जानकारी देते हुए पत्रक सौंपा। ओमप्रकाश राजभर ने रीडरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों पर संबंधित विभागीय मंत्री व मुख्यमंत्री से वार्ता करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कुछ समय मांगा और कहा कि मामले को संबंधित स्तर पर उठाकर समाधान की दिशा में प्रयास किया जाएगा। मीटर रीडरों का कहना है कि अब उनकी निगाह सरकार और विभागीय अधिकारियों की ओर है। वर्षों से सेवा देने के बावजूद यदि उनके मानदेय और रोजगार की सुरक्षा का समाधान नहीं होता है तो वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाने को मजबूर होंगे।
शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल में पॉक्सो अधिनियम पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाज़ीपुर के निर्देशन में गांधी जयंती के अवसर पर शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल सुभाष नगर में पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रति संवेदनशीलता एवं जागरूकता बढ़ाने हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अमित कुमार (सिविल जज, सीनियर डिवीजन) एवं अलक नेहल (अपर सिविल जज, जूनियर डिवीजन) उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के उद्देश्य, बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार के शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में कानूनी सहायता प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
वक्ताओं ने बच्चों को जागरूक करते हुए बताया कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी अनुचित घटना की जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी, निदेशिका डॉ. मीना अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक, उप-प्रधानाचार्य हनीफ अहमद सिद्दीकी, समन्वयक अंजली श्रीवास्तव, समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। विद्यालय के निदेशक तथा निदेशिका द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया। इससे बच्चों को कानून संबंधी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं।
अंत में विद्यालय प्रशासन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाज़ीपुर तथा उपस्थित न्यायिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजकीय महिला महाविद्यालय में सजा ‘न्यूट्रीफिट फिएस्टा’, मिलेट्स के व्यंजनों ने मोहा मन
पोषण, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति छात्राओं को किया जागरूक
गाजीपुर। राष्ट्रीय पोषण माह एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में ‘Nutrifit Fiesta’ यानी ‘पोषण-खेल मेला’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को पोषण, स्वास्थ्य, फिटनेस एवं संतुलित जीवनशैली के प्रति जागरूक करना तथा दैनिक जीवन में पौष्टिक आहार की उपयोगिता को रेखांकित करना रहा। मिलेट्स (श्रीअन्न) से तैयार पौष्टिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल कार्यक्रम के विशेष आकर्षण रहे।
गृह विज्ञान प्रभारी डॉ. नेहा कुमारी के निर्देशन में छात्राओं ने मिलेट्स से विभिन्न पौष्टिक व्यंजन तैयार कर आकर्षक स्टॉल लगाए। छात्राओं ने व्यंजनों के पोषण संबंधी गुणों, स्वास्थ्य लाभ और दैनिक आहार में उनकी उपयोगिता की जानकारी भी दी। अतिथियों ने स्टॉलों का अवलोकन कर छात्राओं की रचनात्मकता, नवाचार और उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना की।
मुख्य अतिथि संगीता बलवंत ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने संतुलित आहार अपनाने, नियमित योग एवं व्यायाम करने तथा स्वस्थ जीवनशैली को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूक छात्राएं अपने परिवार और समाज में पोषण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम में संतुलित आहार, श्रीअन्न का महत्व, शारीरिक सक्रियता, पर्याप्त नींद, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सोनी सहित अन्य अतिथियों ने सहभागिता की।
मंच संचालन डॉ. शशिकला जायसवाल ने किया। राष्ट्रीय सेवा योजना, प्रज्ञा रेंजर, राष्ट्रीय कैडेट कोर एवं शारीरिक शिक्षा विभाग की खेल टीम की इकाइयों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शम्भू शरण प्रसाद ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को छात्राओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
हेल्दी रेसिपी प्रतियोगिता में सलोनी और रुचि प्रथम
हेल्दी रेसिपी स्टॉल प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. घनश्याम कुशवाहा, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय गहमर, वीणा पांडे तथा सोनम सिंह, सीडीपीओ गाजीपुर ने निभाई। प्रतियोगिता में सलोनी और रुचि कुमारी ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। जेबा जहीन और खालिद बानो द्वितीय तथा तनु यादव और शीतल खरवार तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार मांडवी गुप्ता और रिया जायसवाल को प्रदान किया गया।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से मिलेट्स से आकर्षक रंगोली बनाई गई। मिलेट्स आधारित रेसिपी भी तैयार कर प्रदर्शित की गई। इसके साथ ही गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम भी संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों के सफल आयोजन में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. इखलाक खान, डॉ. संगीता मौर्य, डॉ. हरेन्द्र यादव, डॉ. शैलेंद्र यादव, डॉ. दिवाकर मिश्र, डॉ. आनंद कुमार चौधरी, डॉ. मनीष कुमार सोनकर, डॉ. सारिका सिंह, डॉ. हसीन अहमद, डॉ. गजनफर सईद, डॉ. राजेश यादव, डॉ. सर्वेश कुमार सिंह सहित समस्त कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग प्रदान किया।